विज्ञापन

बार-बार हो रही है एसिडिटी? आपकी ये 8 खाने की आदतें हो सकती हैं जिम्मेदार

सीने में जलन, खट्टी डकार और पेट भारी रहने की समस्या से परेशान हैं? लिवर रोगों के विशेषज्ञ डॉ. पियूष विश्वकर्मा से जानिए एसिडिटी बढ़ाने वाली 8 आम गलतियां.

बार-बार हो रही है एसिडिटी? आपकी ये 8 खाने की आदतें हो सकती हैं जिम्मेदार
एसिडिटी क्यों होती है? डॉक्टर ने बताईं 8 गलत आदतें जो बढ़ाती हैं सीने की जलन
NDTV

क्या आपको बार-बार सीने में जलन, खट्टी डकार या खाना खाने के बाद पेट भारी लगने की समस्या होती है? एसिडिटी (Acidity) और एसिड रिफ्लक्स (Acid Reflux) आजकल बेहद आम समस्या बन चुके हैं. हालांकि कई लोग इसे सामान्य गैस समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन बार-बार होने वाली एसिडिटी आपकी कुछ रोजमर्रा की खाने की आदतों से जुड़ी हो सकती है.

1. जरूरत से ज्यादा खाना एसिडिटी बढ़ा सकता हैजब हम जरूरत से ज्यादा खाना खा लेते हैं, तो पेट पर दबाव बढ़ जाता है और एसिड के ऊपर की ओर आने की संभावना बढ़ सकती है. इसलिए पेट को बहुत ज्यादा भरने के बजाय थोड़ी मात्रा में और संतुलित भोजन करना बेहतर है.

2. खाना खाते ही लेटने से बढ़ सकता है Acid Reflux: यह एसिडिटी और रिफ्लक्स का एक आम कारण है. खासकर रात का खाना खाने के तुरंत बाद सोने से परेशानी बढ़ सकती है. कोशिश करें कि सोने से करीब 2–3 घंटे पहले खाना खा लें.

3. तला-भुना भोजन और एसिडिटी का कनेक्शनसमोसे, पकौड़े, फ्राइड फूड या बहुत ज्यादा तेल वाला खाना कुछ लोगों में एसिड रिफ्लक्स को बढ़ा सकता है. अगर आपको अक्सर एसिडिटी रहती है, तो यह देखना जरूरी है कि ऐसे भोजन के बाद आपके लक्षण बढ़ते हैं या नहीं.

4. खाली पेट ज्यादा चाय या कॉफी पीना : चाय और कॉफी हर व्यक्ति में समस्या पैदा नहीं करते, लेकिन कुछ लोगों में कैफीन रिफ्लक्स या सीने में जलन को बढ़ा सकता है. खासकर खाली पेट बार-बार चाय या कॉफी पीने की आदत परेशानी बढ़ा सकती है.

    5. बहुत मसालेदार खाना : मिर्च-मसाले वाला खाना कुछ लोगों के लिए एसिडिटी का ट्रिगर हो सकता है. इसका मतलब यह नहीं है कि हर व्यक्ति को मसाले पूरी तरह बंद करने की जरूरत है. अपनी समस्या के अनुसार मात्रा और सेवन पर ध्यान देना ज्यादा जरूरी है.

    6. देर रात भारी डिनर करना: दिनभर व्यस्त रहने के बाद देर रात भरपेट खाना और फिर जल्दी सो जाना रिफ्लक्स को बढ़ा सकता है. रात का भोजन हल्का रखने और सोने से पर्याप्त समय पहले खाने की कोशिश करें.

    7. जल्दी-जल्दी खाना : आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में कई लोग खाना भी जल्दबाजी में खाते हैं. बिना ठीक से चबाए जल्दी खाना पेट में भारीपन और असहजता बढ़ा सकता है. भोजन को आराम से और अच्छी तरह चबाकर खाना बेहतर आदत है.

    8. अपने ट्रिगर फूड्स को पहचान न पाना : हर व्यक्ति में एसिडिटी के कारण अलग हो सकते हैं. किसी को बहुत खट्टा खाना परेशानी देता है, तो किसी को चॉकलेट, बहुत तला हुआ या मसालेदार भोजन. इसलिए ध्यान दें कि किन चीजों को खाने के बाद बार-बार लक्षण दिखाई देते हैं.

    एसिडिटी बढ़ाने वाली 8 आदतें

    • ज्यादा खाना खाना
    • खाना खाते ही लेट जाना
    • तला-भुना भोजन
    • खाली पेट चाय या कॉफी
    • बहुत मसालेदार भोजन
    • देर रात भारी डिनर
    • जल्दी-जल्दी खाना
    • ट्रिगर फूड्स पहचान न पाना

    गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट के तौर पर मेरी सलाह है कि अगर एसिडिटी कभी-कभार होती है, तो खान-पान और दिनचर्या में बदलाव मदद कर सकते हैं. लेकिन अगर सीने में जलन बार-बार हो रही है, निगलने में दिक्कत है, लगातार उल्टी होती है, बिना वजह वजन कम हो रहा है या मल काला पड़ रहा है, तो डॉक्टर से जांच जरूर करवानी चाहिए.

    इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें

    • बार-बार सीने में जलन होना
    • निगलने में दिक्कत होना
    • लगातार उल्टी आना
    • बिना वजह वजन कम होना
    • काला मल आना
    • रोज एंटासिड लेने की जरूरत पड़ना

    एसिडिटी को सिर्फ एक छोटी-मोटी समस्या समझकर लंबे समय तक खुद से दवा लेना सही नहीं है. सही कारण पता लगाना और उसी के अनुसार इलाज करना ज्यादा जरूरी है.

    FAQs

    एसिडिटी बार-बार क्यों होती है?
    खानपान की कुछ आदतें, देर रात खाना, जरूरत से ज्यादा भोजन और कुछ ट्रिगर फूड्स इसकी वजह बन सकते हैं.

    क्या खाली पेट चाय पीने से एसिडिटी हो सकती है?
    कुछ लोगों में खाली पेट चाय या कॉफी एसिड रिफ्लक्स और सीने की जलन को बढ़ा सकती है.

    एसिडिटी में क्या नहीं खाना चाहिए?
    बहुत तला-भुना, अत्यधिक मसालेदार और ऐसे खाद्य पदार्थ जिनसे आपके लक्षण बढ़ते हों, उनसे बचना बेहतर हो सकता है.

    कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?
    अगर एसिडिटी बार-बार हो रही है या उसके साथ निगलने में परेशानी, उल्टी, वजन घटना या ब्लैक स्टूल जैसे लक्षण हों तो डॉक्टर से जांच करानी चाहिए.

    एक्‍सपर्ट के बारे में 

    डॉ. पियूष विश्वकर्मा गैस्ट्रोएंटरोलॉजी (पाचन तंत्र) और लिवर रोगों के विशेषज्ञ हैं. उन्हें पाचन तंत्र, लिवर और पेट से जुड़ी बीमारियों के निदान और उपचार का 10 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह आरजी हॉस्पिटल में कंसल्टेंट के रूप में कार्यरत हैं. अपने करियर के दौरान उन्होंने देश के प्रतिष्ठित संस्थानों जैसे एआईजी हॉस्पिटल, हैदराबाद, हिंदुजा हॉस्पिटल, मुंबई और बीजे मेडिकल कॉलेज, पुणे में प्रशिक्षण और कार्य किया है. इससे उन्हें जटिल गैस्ट्रो और लिवर रोगों के इलाज तथा आधुनिक चिकित्सा प्रक्रियाओं का व्यापक अनुभव प्राप्त हुआ.

    Watch Video: एसिडिटी के लक्षण, कारण, इलाज, उपचार और परहेज, Doctor ने बताया कब एसिडिटी हो सकती है जानलेवा

    पूरी स्टोरी पढ़ें

    NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

    फॉलो करे:
    Acidity, GERD, Gut Health, Health
    Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com