गुलाब जामुन का नाम सुनते ही मुंह में पानी आ जाता है. चाशनी में डूबे हुए नरम-नरम गुलाब जामुन किसे पसंद नहीं होते? लेकिन जरा सोचिए कि अगर यही गुलाब जामुन मीठे की जगह तीखे और मसालेदार अंदाज में आपके सामने आ जाएं, तो आपका रिएक्शन क्या होगा? जी हां, सुनने में भले ही यह अजीब लगे, लेकिन यह सच है. यह कोई आज के जमाने का नया एक्सपेरिमेंट या फूड फ्यूजन नहीं है, बल्कि यह जोधपुर के शाही खानदान की 200 साल पुरानी एक खास रेसिपी है. शेफ अरुणा विजय ने अपने इंस्टाग्राम पर इस रॉयल डिश की रेसिपी शेयर की है. आइए आपको बताते हैं इस अनोखी गुलाब जामुन करी के बारे में.
जोधपुर के राजघराने की 200 साल पुरानी शान-
राजस्थान अपनी शाही मेहमाननवाज़ी और रिच खानपान के लिए दुनियाभर में मशहूर है. जोधपुर के राजघराने के शाही किचन से आई यह डिश इस बात का सबूत है कि पुराने समय में भी हमारे राजा-महाराजा खाने-पीने के मामले में कितने क्रिएटिव हुआ करते थे. शेफ अरुणा विजय द्वारा शेयर की गई जानकारी के मुताबिक, यह कोई आज का गिमिक या पब्लिसिटी स्टंट नहीं है, बल्कि सदियों पुरानी ट्रेडिशनल रेसिपी है. शाही किचन में बनने वाली इस डिश को आज के मॉर्डन किचन में एक फैबर हॉब इंस्पिरिया पर तैयार किया गया है, लेकिन इसका स्वाद आज भी उतना ही शाही और पुराना वाला है.
यहां देखें रेसिपी वीडियो-
कैसे बनती है यह शाही गुलाब जामुन करी?
- इस रेसिपी में सबसे पहले मावा से छोटे और मुलायम गुलाब जामुन तैयार किए जाते हैं और उन्हें परफेक्ट गोल्डन होने तक तला जाता है.
- अब यहीं से असली ट्विस्ट शुरू होता है. इन मीठे-नरम गुलाब जामुन को चाशनी में डुबोने के बजाए एक बेहद रिच, खट्टी-मीठी और मलाईदार ग्रेवी में पकाया जाता है.
- इस ग्रेवी को काजू और दही के बेस से तैयार किया जाता है, जिसमें कई तरह के खास मसाले मिलाए जाते हैं.
- जब ये तले हुए मावा डम्पलिंग्स इस काजू-दही की गाढ़ी ग्रेवी में उबलते हैं, तो यह इतनी मुलायम और मुंह में घुल जाने वाली लग्जरी करी बन जाती है कि खाते ही मुंह में घुल जाए.
ये भी पढ़ें-
आज क्या बनाऊं: राजस्थान की फेमस काचरी की सब्ज़ी कैसे बनाएं? स्वाद ऐसा कि भूल जाएंगे दूसरी सब्जियां
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं