Happy Lohri 2026: लोहड़ी कब है? अगर आप भी इसी सवाल का जवाब तलाश रहे हैं तो आपको बता दें आज यानि 13 जनवरी को लोहरी का त्योहार मनाया जा रहा है. लोहड़ी का नाम आते ही आंखों के सामने आग, ढोल, नाच-गाना और तिल-गुड़, मूंगफली की खुशबू घूमने लगती है. अक्सर हम इसे परंपरा या रिवाज मानकर निभा लेते हैं, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि लोहड़ी पर खाया जाने वाला यह खास खाना दरअसल शरीर के मौसम के हिसाब से बनाया गया एक नेचुरल हेल्थ फॉर्मूला है.
जनवरी के मध्य में जब ठंड अपने चरम पर होती है, तब शरीर को ज्यादा एनर्जी, गर्मी और मजबूत पाचन की जरूरत होती है. उस समय तिल, मूंगफली और गुड़ जैसे फूड्स न सिर्फ स्वाद के लिए चुने गए, बल्कि इनके पीछे गहरा न्यूट्रिशन और बॉडी साइंस छिपा है. हमारे पूर्वजों ने बिना लैब और रिसर्च के भी यह समझ लिया था कि सर्दियों में शरीर को क्या चाहिए.
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लोहड़ी और शरीर की गर्मी का कनेक्शन:
लोहड़ी के आसपास का समय साल का सबसे ठंडा दौर होता है. ठंड में शरीर ज्यादा कैलोरी बर्न करती है, मेटाबॉलिज़्म तेज करता है, अंदरूनी गर्मी बनाए रखने की कोशिश करता है. ऐसे में अगर हल्का या ठंडा भोजन लिया जाए, तो शरीर कमजोर पड़ सकता है. इसलिए लोहड़ी का खाना गर्म तासीर, ज्यादा एनर्जी और आसान पाचन वाला रखा गया.
लोहड़ी पर क्यों खाते हैं तिल, मूंगफली और गुड़? | Why Do We Eat Sesame Seeds, Peanuts, And Jaggery On Lohri?
1. तिल (Sesame Seeds)
तिल को आयुर्वेद में सर्दियों का सुपरफूड माना गया है. इसमें हेल्दी फैट और कैल्शियम भरपूर होता है. यह शरीर में गर्मी बनाए रखता है. ठंड में जोड़ों के दर्द और अकड़न से बचाता है. हार्मोन बैलेंस में मदद करता है. यही कारण है कि सर्दियों में तिल के लड्डू और चिक्की ज्यादा खाई जाती है.
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2. मूंगफली (Peanut)
मूंगफली सिर्फ टाइमपास स्नैक नहीं है. यह सर्दियों के लिए एनर्जी बूस्टर है. मूंगफली प्रोटीन और गुड फैट से भरपूर, शरीर को लंबे समय तक गर्म और एक्टिव रखती है, ठंड में होने वाली कमजोरी को दूर करती है, मांसपेशियों को ताकत देती है. लोहड़ी की आग के पास मूंगफली खाने का मतलब है शरीर को अंदर से भी आग देना.

3. गुड़ (Jaggery)
लोहड़ी पर गुड़ सिर्फ मिठास के लिए नहीं खाया जाता. यह पाचन एंजाइम्स को एक्टिव करता है, ठंड में सुस्त पाचन को तेज करता है, शरीर से टॉक्सिन निकालने में मदद करता है, आयरन देकर थकान कम करता है. यही वजह है कि सर्दियों में गुड़, शक्कर से ज्यादा फायदेमंद माना जाता है.
4. तिल, मूंगफली, गुड़
इन तीनों को साथ खाने का भी कारण है. तिल और मूंगफली का फैट, गुड़ के मिनरल्स को अच्छे से एब्ज़ॉर्ब करने में मदद करता है. यह कॉम्बो शरीर को गर्मी और ताकत, बेहतर पाचन तीनों देता है. अचानक ब्लड शुगर नहीं बढ़ाता. यानी यह एक बैलेंस्ड विंटर न्यूट्रिशन पैकेज है.
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आज की पीढ़ी कहां गलती कर रही है?
आज लोग लोहड़ी पर तिल-गुड़ की जगह केक और चॉकलेट, मूंगफली की जगह ठंडे ड्रिंक्स, लेने लगे हैं, जिससे सर्दी में पाचन और इम्यूनिटी कमजोर हो जाती है.
लोहड़ी का खाना कोई साधारण रिवाज नहीं, बल्कि मौसम के अनुसार शरीर को संतुलित रखने की वैज्ञानिक परंपरा है. तिल, मूंगफली और गुड़ मिलकर सर्दियों में शरीर को वही देते हैं, जिसकी उसे सबसे ज्यादा जरूरत होती है गर्मी, एनर्जी और मजबूत पाचन.
(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)
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