जब हम रसोई में सुबह का नाश्ता बनाते हैं या रोटियों पर शुद्ध घी चुपड़ते हैं, तो हमारे मन में यही भरोसा होता है कि हम अपने परिवार को सेहतमंद और शुद्ध चीज खिला रहे है, लेकिन क्या हो अगर वही घी, जिसे आप सेहत के लिए सबसे अच्छा मानते हैं, असल में आपकी सेहत से खिलवाड़ कर रहा हो? हाल ही में जम्मू-कश्मीर से एक ऐसी ही एक खबर सामने आई है, जिसने खाने-पीने की चीजों में मिलावट के काले सच को फिर से सबके सामने ला दिया है.
क्या है पूरा मामला?
हाल ही में जम्मू-कश्मीर के फूड एंड ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने घी की चार खास कंपनियों और उनके कुछ चुनिंदा ब्रांड्स पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी है. अधिकारियों ने अनंतनाग, जम्मू, कठुआ, सांबा और पुलवामा जैसी जगहों से घी के सैंपल उठाए थे. जब इन सैपुल्स की जांच श्रीनगर और गाजियाबाद की नेशनल लेबोरेटरीज में हुई, तो जो नतीजे आए, वे चौंकाने वाले थे.
जांच में क्या पता चला?
जांच में पता चला कि इन घी के सैंपल में असली दूध के फैट की जगह सस्ता वनस्पति तेल और विदेशी फैट मिलाया जा रहा था. इतना ही नहीं, लैब टेस्ट के दौरान कई ऐसे केमिकल पैरामीटर फेल हो गए जो यह साबित करते हैं कि यह घी पूरी तरह नकली और गंदी क्वालिटी का है.
कौन-कौन से ब्रांड्स हैं इस घेरे में?
- मिल्क बाइट: राजस्थान की महादेव इंडस्ट्रीज का यह बैच नंबर 143 सब-स्टैंडर्ड पाया गया है.
- पहलवान: पंजाब की कंपनी का यह बैच PW-005 सीधे तौर पर अनसेफ घोषित किया गया है.
- स्विफ्ट: हरियाणा की सुनीजा फूड प्रोडक्ट्स का बैच M-92 भी असुरक्षित पाया गया है.
- संगथ: गुजरात की अक्षर डेयरी का यह बैच AD-05 भी असुरक्षित और मानकों से कम पाया गया.
दुकानदारों और कंपनियों के लिए कड़े निर्देश
इस खुलासे के बाद सरकार ने पूरे केंद्र शासित प्रदेश में इन बैचेस की बिक्री, स्टोरेज और ट्रांसपोर्ट पर तुरंत रोक लगा दी है. दुकानदारों और होलसेलर्स को सख्त आदेश दिए गए हैं कि वे इस स्टॉक को तुरंत अलग करके सुरक्षित रख लें साथ ही, कंपनियों और दुकानदारों को सिर्फ 48 घंटे का समय दिया गया है कि वे प्रशासन को बताएं कि उनके पास इस माल का कितना स्टॉक आया था और कितना बिक चुका है. नियम तोड़ने वालों पर फूड सेफ्टी एक्ट के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
कैसे पहचानें असली और नकली घी?
- पानी का टेस्ट: एक कांच के गिलास में पानी लें और उसमें एक चम्मच घी डालकर छोड़ दें. अगर घी पानी पर तैरता रहे, तो वह शुद्ध है, लेकिन अगर घी नीचे गिलास की तली में बैठ जाए, तो समझ जाइए कि वह मिलावटी और हानिकारक है.
- उबालकर और फ्रिज में रखकर जांच: घी को पहले अच्छी तरह गर्म कर पिघला लें. फिर इसे एक कांच के गिलास में भरकर फ्रिज में ठंडा होने के लिए रख दें. अगर ठंडा होने के बाद घी पर एक समान और साफ परत बन जाए, तो वह असली घी है.
- आयोडीन टेस्ट: एक बर्तन में थोड़ा सा घी लेकर उसमें आयोडीन की कुछ बूंदें मिलाएं और करीब 20 मिनट के लिए छोड़ दें. अगर घी का रंग बदलकर लाल या नीला हो जाए, तो इसका मतलब है कि आपके घी में मिलावट की गई है.
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