आजकल मार्केट में मिलावट इतनी बढ़ गई है कि असली और नकली में फर्क करना आसान नहीं रहा. त्योहार हो या आम दिन, दूध से बनी चीज़ें जैसे खोया, पनीर और घी सबसे ज्यादा खरीदे जाते हैं, लेकिन खुशी की जगह ये चीजें हमारी सेहत के लिए खतरा बन सकती हैं अगर इनमें मिलावट हो.
आइए जानते हैं कुछ आसान तरीके जिन्हें अपनाकर आप आसानी से पहचान सकते हैं कि आप जो ला रहे हैं वो शुद्ध है या नहीं.
खोया खरीदते समय रखें ध्यान:
खोया या मावा खरीदते वक्त सबसे बड़ा सवाल ये होता है कि ये असली है या नहीं. असली खोया हाथ में मसलने पर चिकना लगता है और हाथ पर तेल या घी छोड़ता है. वहीं, नकली खोया हाथ में ड्राई लगता है और उसमें स्टार्च की मिलावट होती है. इसे चेक करने के लिए थोड़े से खोये में आयोडीन सॉल्यूशन डालें. अगर रंग नीला हो जाए तो समझ लीजिए कि वो नकली है और उसमें अरारोट या मैदा मिलाया गया है. खोया खरीदते समय हमेशा थोड़ा सा चख कर देखें अगर वो फीका लगे या मुंह में चिपके तो उसे बिल्कुल न लें.
पनीर की शुद्धता कैसे पहचानें:
मार्केट का पनीर सॉफ्ट और स्पंजी होता है लेकिन कई बार दुकानदार इसमें सस्ते मिल्क पाउडर या यूरिया का इस्तेमाल करते हैं. शुद्ध पनीर जब आप हाथ से तोड़ेंगे तो वो आसानी से बिखर जाएगा और रबर की तरह खिंचेगा नहीं. अगर पनीर में रबर जैसा लचकपन है तो वो केमिकल से बना हो सकता है. पनीर की शुद्धता परखने के लिए उसे गरम पानी में उबालें और उसमें आयोडीन डालें. अगर रंग बदल जाए तो वो नकली है. हमेशा कोशिश करें कि पनीर घर पर ही बनाएं ताकि सेहत से कोई समझौता न हो.
घी की खुशबू और रंग से पहचानें:
घी के बिना तो खाना अधूरा लगता है लेकिन आजकल सबसे ज़्यादा मिलावट घी में ही होती है. असली घी की खुशबू हल्की और खुशबूदार होती है जो दूर से पता चल जाती है. जब आप घी को हाथ पर रगड़ेंगे तो वो पूरी तरह से स्किन में घुल जाएगा और चिपचिपाहट नहीं होगी. अगर घी में दाने हैं और वो ठंडा होने पर सफेद हो रहा है तो उसमें वनस्पति या केवड़ा ऑयल की मिलावट हो सकती है. एक चम्मच घी में थोड़ा हाइड्रोक्लोरिक एसिड और शक्कर मिलाकर हिलाएं अगर लाल रंग आए तो समझ लीजिए कि वो नकली घी है.
दूध और फैट की क्वालिटी को समझें:
इन तीनों चीजों का बेस दूध होता है इसलिए अगर दूध ही खराब है तो सब बेकार है. जब भी आप इन प्रोडक्ट्स को खरीदें तो किसी भरोसेमंद दुकान या ब्रांड से ही लें. आम तौर पर लोग सस्ते के चक्कर में बिना ब्रांड वाली या खुली चीजें ले लेते हैं जिसमें मिलावट का खतरा सबसे ज्यादा होता है. अपने आसपास के लोकल वेंडर्स से लेते वक्त भी थोड़ी सावधानी बरतें और उनकी क्वालिटी पर ध्यान दें. सेहत से बढ़कर कुछ नहीं होता इसलिए थोड़े पैसे बचाने के चक्कर में अपनी फैमिली की हेल्थ के साथ रिस्क न लें.
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