नई दिल्ली:
लोग आजकल खुद की फिटनेस के लिए काफी सतर्क हो गए हैं। सर्दियों के मौसम में फैलते इंफेक्शन को देखते हुए वे रोज़ सुबह-शाम एक्सरसाइज करने लगे हैं। साथ ही डाइट पर भी पूरी तरह से ध्यान दे रहे हैं। फिर भी अगर आपको कोई फायदा नहीं हो रहा तो फिटनेस एप्स, रिस्ट बैंड्स और ऑनलाइन सेवाओं की दुनिया में आपका स्वागत है! यानी कुछ ऐसी सेवाएं, जो घर बैठे ही लोगों को फिटनेस का लक्ष्य हासिल करने में काफी मदद कर रही हैं।
भारत में ज़्यादातर लोग मोटापे, डायबिटीज़ और कैंसर जैसी स्वास्थ्य समस्यायों से घिरे हुए हैं। ये सभी परेशानियां लोगों को फिट रहने के लिए प्रेरित कर रही हैं। लेकिन सवाल यह है कि देशभर में खुलते जिम और फिटनेस सेंटर के होते हुए क्या फिटनेस के लिए ऑनलाइन सेवाओं की जरूरत है?
एक ऑनलाइन वेबसाइट और मोबाइल एप हेल्थिफाई-मी के कोच श्री लक्ष्मी के मुताबिक करीब 20 प्रतिशत जिम ऐसे हैं, जिनमें सर्टिफाइड ट्रेनर्स नहीं हैं। फिटबिट और जॉबोन के भारत में प्रवेश को देखते हुए, फिटनेस क्षेत्र के अधिकांश वैश्विक खिलाड़ी स्वास्थ्य क्षेत्र में प्रवेश करने के लिए कतार में खड़े हैं।
स्काल ने भारत को इस वर्ग के बड़े बाजार के रूप में उभरने के बारे में बताते हुए कहा कि “एक्सेंचर के हालिया डिजिटल कंज्यूमर टेक सर्वे में पाया गया कि भारतीय उपभोक्ता फिटनेस मॉनिटर (80 प्रतिशत) और स्मार्ट वॉच (76 प्रतिशत) खरीदने के इच्छुक हैं, जो कि आगे जाकर काफी लोग खरीदना प्रिफर करेंगे”।
स्मार्ट वॉच के लीडिंग ब्रांड टाइमएक्स ने भी भारत में स्वास्थ्य वर्ग में कदम रख दिए हैं, जिसमें उन्होंने आइरनमैन मूवx20 और आइरनमैन रनx20 जीपीएस लॉन्च किए हैं। डिजिटल टैक्नॉलजी के साथ स्वास्थ्य उपकरण जैसे भारतीय फिटनेस एप्स और ऑनलाइन स्टार्ट अप्स शुरू हो रहे हैं।
डिजिटल और हेल्थकेयर के उपकरण को पहनने से आप खुद की दिल की धड़कन और गति जैसे मानकों पर नज़र रख सकते हैं। इसके अलावा गति, व्यायाम, दूरी, रक्तचाप, तापमान और अन्य चीजों पर भी नज़र रख सकते हैं।
भारत में ज़्यादातर लोग मोटापे, डायबिटीज़ और कैंसर जैसी स्वास्थ्य समस्यायों से घिरे हुए हैं। ये सभी परेशानियां लोगों को फिट रहने के लिए प्रेरित कर रही हैं। लेकिन सवाल यह है कि देशभर में खुलते जिम और फिटनेस सेंटर के होते हुए क्या फिटनेस के लिए ऑनलाइन सेवाओं की जरूरत है?
एक ऑनलाइन वेबसाइट और मोबाइल एप हेल्थिफाई-मी के कोच श्री लक्ष्मी के मुताबिक करीब 20 प्रतिशत जिम ऐसे हैं, जिनमें सर्टिफाइड ट्रेनर्स नहीं हैं। फिटबिट और जॉबोन के भारत में प्रवेश को देखते हुए, फिटनेस क्षेत्र के अधिकांश वैश्विक खिलाड़ी स्वास्थ्य क्षेत्र में प्रवेश करने के लिए कतार में खड़े हैं।
स्काल ने भारत को इस वर्ग के बड़े बाजार के रूप में उभरने के बारे में बताते हुए कहा कि “एक्सेंचर के हालिया डिजिटल कंज्यूमर टेक सर्वे में पाया गया कि भारतीय उपभोक्ता फिटनेस मॉनिटर (80 प्रतिशत) और स्मार्ट वॉच (76 प्रतिशत) खरीदने के इच्छुक हैं, जो कि आगे जाकर काफी लोग खरीदना प्रिफर करेंगे”।
स्मार्ट वॉच के लीडिंग ब्रांड टाइमएक्स ने भी भारत में स्वास्थ्य वर्ग में कदम रख दिए हैं, जिसमें उन्होंने आइरनमैन मूवx20 और आइरनमैन रनx20 जीपीएस लॉन्च किए हैं। डिजिटल टैक्नॉलजी के साथ स्वास्थ्य उपकरण जैसे भारतीय फिटनेस एप्स और ऑनलाइन स्टार्ट अप्स शुरू हो रहे हैं।
डिजिटल और हेल्थकेयर के उपकरण को पहनने से आप खुद की दिल की धड़कन और गति जैसे मानकों पर नज़र रख सकते हैं। इसके अलावा गति, व्यायाम, दूरी, रक्तचाप, तापमान और अन्य चीजों पर भी नज़र रख सकते हैं।
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