अक्टूबर से मौसम में बदलाव साफ दिखने लगता है. सुबह-शाम हल्की गुलाबी ठंड का अहसास होने लगा है और इसके साथ ही हमारी प्लेट भी बदलने लगती है. अक्सर ठंड का मौसम आते ही लोग बाजरे की रोटी, बाजरे का दलिया या टिकिया खाना शुरू कर देते हैं. लेकिन क्या अक्टूबर के इस बदलते मौसम में बाजरा खाना सही है?
इसी सवाल का जवाब जानने के लिए हमने यूनानी चिकित्सा के वरिष्ठ विशेषज्ञ डॉ. सैयद अहमद खान से बात की. आइए आसान भाषा में समझते हैं कि अक्टूबर के महीने में बाजरा आपकी सेहत के लिए कितना फायदेमंद है और इसे खाते वक्त किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है.
अक्टूबर में बाजरा क्यों है खास?
डॉ. सैयद अहमद खान बताते हैं कि अक्टूबर का महीना ऋतु परिवर्तन का वक्त होता है. इस मौसम में दिन में हल्की गर्मी और रात में ठंडक होती है. ऐसे में शरीर का डाइजेशन यानी पाचन तंत्र थोड़ा सुस्त पड़ जाता है. यूनानी और पारंपरिक चिकित्सा पद्धति के मुताबिक बाजरा एक गर्म तासीर वाला अनाज है. यह शरीर को अंदर से गर्माहट देता है और इम्यूनिटी को मजबूत बनाता है. जब मौसम बदलता है, तो सर्दी-जुकाम और इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है. बाजरे में मौजूद पोषक तत्व आपके शरीर को इन बीमारियों से लड़ने में मदद कर सकते हैं.
बाजरा खाने के बड़े फायदे-
1. पाचन-
बाजरे में भरपूर फाइबर होता है. अगर इसे सही तरीके से खाया जाए, तो यह कब्ज और पेट की समस्याओं को दूर रख सकता है.
2. एनर्जी-
अक्टूबर में सुस्ती महसूस होना आम बात है. बाजरा शरीर को दिनभर एक्टिव रखने के लिए जरूरी एनर्जी देता है.
3. दिल-
बाजरा में मैग्नीशियम और पोटैशियम जैसे मिनरल्स होते हैं, जो ब्लड प्रेशर और शुगर लेवल को कंट्रोल में रखने में मदद कर सकते हैं.

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4. हड्डियों-
बाजरे में कैल्शियम और फास्फोरस अच्छी मात्रा में पाया जाता है, जो जोड़ों के दर्द से राहत दे सकता है.
अक्टूबर में बाजरा खाते वक्त क्या सावधानी रखनी चाहिए?
डॉ. सैयद अहमद खान की सलाह है कि अक्टूबर में बाजरा खाते समय जल्दबाजी न करें. इस महीने में दोपहर में अभी भी धूप और हल्की गर्मी होती है, इसलिए बहुत ज्यादा बाजरा खाने से पेट में जलन या गैस की समस्या हो सकती है.
किन बातों का रखें ध्यान-
- अक्टूबर की शुरुआत में हफ्ते में सिर्फ 2 से 3 बार ही बाजरा खाएं. जब नवंबर में कड़ाके की ठंड शुरू हो जाए, तब आप इसे रोज खा सकते हैं.
- बाजरे की रोटी हमेशा थोड़ी रुखी होती है. इसे पचने में आसान बनाने के लिए इस पर थोड़ा देशी घी या मक्खन जरूर लगाएं.
- अक्टूबर के मौसम में बाजरे को दही के साथ खाने से बचें, क्योंकि इससे कफ या जुकाम की दिक्कत हो सकती है.
- बाजरा फाइबर से भरपूर होता है, इसलिए इसे पचाने के लिए दिनभर में पर्याप्त पानी पीना बहुत जरूरी है.
किन लोगों को रखना चाहिए खास ख्याल-
अगर आपको थायराइड की समस्या है या बहुत ज्यादा एसिडिटी रहती है, तो बाजरे का सेवन डॉक्टर की सलाह पर ही करें. इसके अलावा जिन लोगों का पेट बहुत जल्दी खराब होता है, उन्हें अक्टूबर के महीने में बाजरा सीमित मात्रा में ही खाना चाहिए.
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