विज्ञापन
This Article is From Aug 04, 2023

ज्ञानवापी परिसर पर ASI ने शुरू किया सर्वे, विवादित स्थल को लेकर हो सकते हैं बड़े खुलासे

Gyanvapi ASI Survey: वाराणसी  भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने वाराणसी में ज्ञानवापी मस्जिद का सर्वेक्षण फिर से शुरू कर दिया है. यह पता लगाने की कवायद जारी है कि क्या इसे एक हिंदू मंदिर के ऊपर बनाया गया था. मस्जिद कमेटी ने सर्वे को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है.

Gyanvapi Survey मस्जिद समिति ने फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है, जिस पर आज सुनवाई होगी.
  1. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गुरुवार को मस्जिद के 'वैज्ञानिक सर्वेक्षण' को यह कहते हुए मंजूरी दे दी कि न्याय के हित में यह जरूरी है. (Gyanvapi Case)
  2. पीठ ने अपने 16 पेज के फैसले में कहा, "न्यायालय की राय में, प्रस्तावित वैज्ञानिक सर्वेक्षण/जांच न्याय के हित में आवश्यक है और इससे वादी और प्रतिवादी दोनों को समान रूप से लाभ होगा और न्यायोचित निर्णय पर पहुंचने में ट्रायल कोर्ट को मदद मिलेगी. (ट्रायल) कोर्ट का विवादित आदेश पारित करना उचित है,'' 
  3. कई बीजेपी नेताओं ने हाईकोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि उस स्थान पर मंदिर के बारे में "सच्चाई" अब सामने आएगी.
  4. मस्जिद समिति ने फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है, जिस पर आज बाद में सुनवाई होगी.
  5. हिंदू पक्ष के एक पक्ष ने भी सुप्रीम कोर्ट में कैविएट दाखिल कर कहा है कि इस मामले में उनका पक्ष सुने बिना कोई आदेश पारित न किया जाए.
  6. हिंदू याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि इस स्थान पर पहले एक मंदिर मौजूद था और इसे 17वीं शताब्दी में मुगल सम्राट औरंगजेब के आदेश पर ध्वस्त कर दिया गया था.
  7. इससे पहले, सुप्रीम कोर्ट ने मस्जिद परिसर के अंदर किसी भी सर्वेक्षण पर रोक लगा दी थी. मस्जिद का 'वज़ुखाना' - जहां याचिकाकर्ताओं ने दावा किया था कि वह संरचना 'शिवलिंग' थी - सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार नए सर्वेक्षण के दायरे में नहीं होगी.
  8. वाराणसी जिला अदालत ने 21 जुलाई को 'वैज्ञानिक सर्वेक्षण' का आदेश दिया था, जब चार महिलाओं ने एक याचिका दायर की थी जिसमें दावा किया गया था कि यह यह निर्धारित करने का एकमात्र तरीका था कि ऐतिहासिक मस्जिद एक हिंदू मंदिर को तोड़कर बनाई गई थी या नहीं.
  9. सर्वेक्षण 24 जुलाई को शुरू हुआ, लेकिन मस्जिद समिति के संपर्क करने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने कुछ ही घंटों के भीतर इस पर रोक लगा दी.
  10. मस्जिद समिति ने तर्क दिया था कि संरचना एक हजार साल से अधिक पुरानी है और कोई भी खुदाई इसे अस्थिर कर सकती है, जिससे इसका पतन हो सकता है. समिति ने यह भी तर्क दिया था कि ऐसा कोई भी सर्वेक्षण धार्मिक स्थलों के आसपास मौजूदा कानूनों का उल्लंघन है.
पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Gyanvapi Mosque, Allahabad High Court, Gyanvapi Controversy
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com