Eclipse 2024: ग्रहण एक खगोलीय घटना है परंतु इसका सूतक काल भी अत्यधिक मायने रखता है. जब भी ग्रहण लगता है उससे पहले सूतक काल लग जाता है. सूतक काल को अशुभ समय माना जाता है और कहा जाता है कि सूतक काल में खासतौर से कुछ काम नहीं किए जाने चाहिए. खासकर गर्भवती महिलाओं को कुछ काम करने की मनाही होती है. माना जाता है कि गर्भवती महिलाओं (Pregnant Women) को ग्रहण के दौरान सावधानी बरतनी चाहिए. हालांकि, वैज्ञानिक तौर पर ग्रहण के दौरान गर्भवती महिला पर ग्रहण का कोई प्रभाव नहीं पड़ता है लेकिन धार्मिक तौर पर कुछ बातों का ध्यान रखना महत्वपूर्ण कहा जाता है. बता दें कि चंद्र ग्रहण तब होता है जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है. इस दौरान पृथ्वी की छाया का कुछ हिस्सा चंद्रमा पर पड़ता है. साल 2026 का आखिरी चंद्र ग्रहण 28 अगस्त, शुक्रवार को लगेगा. इसी दिन रक्षाबंधन का पर्व भी मनाया जाएगा. यह आंशिक यानी खंडग्रास चंद्र ग्रहण होगा. ग्रहण की शुरुआत सुबह 8 बजकर 4 मिनट पर होगी और यह सुबह 11 बजकर 22 मिनट तक रहेगा. इस दौरान चंद्रमा कुंभ राशि में स्थित रहेगा. आंशिक ग्रहण में चंद्रमा का केवल कुछ हिस्सा ही पृथ्वी की छाया में आता है.
- माना जाता है कि ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को भोजन करने से परहेज करना चाहिए.
- ग्रहण लगने पर नुकीली चीजों से दूर रहने की सलाह भी दी जाती है. इसीलिए सिलाई-कढ़ाई जैसे काम नहीं किए जाते हैं जिनमें सूईं का इस्तेमाल होता है.
- गर्भवती महिलाओं को ग्रहण (Eclipse) में बाहर जाने की भी मनाही होती है. कहते हैं ग्रहण लगा हो तो वातावरण अत्यधिक नकारात्मक हो जाता है. इसलिए गर्भवती महिलाएं इस दौरान घर में रहें तो बेहतर कहा जाता है.
- ग्रहण के दौरान सोने से भी मना किया जाता है. गर्भवती महिलाओं को इस दौरान भगवान का स्मरण करने के लिए कहा जाता है.
- जब भी ग्रहण लगा हो तो स्नान करने से मनाही होती है. लेकिन, ग्रहण काल खत्म हो जाने के बाद स्नान किया जा सकता है.
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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.
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