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Sturgeon Moon 2026: स्टर्जन मून के साथ दिखेगा आंशिक चंद्र ग्रहण, जानें क्यों खास है और दोनों में क्या है अंतर

Sturgeon Moon 2026: 28 अगस्त को आसमान में अगस्त की पूर्णिमा यानी स्टर्जन मून दिखाई देगा. खास बात यह है कि इसी दौरान गहरा आंशिक चंद्र ग्रहण भी होगा. नाम सुनकर लग सकता है कि दोनों एक ही चीज हैं, लेकिन ऐसा नहीं है. ज्योतिषाचार्य पंडित कौशल पांडेय ने बताया कि स्टर्जन मून पूर्णिमा का पारंपरिक नाम है, जबकि चंद्र ग्रहण एक खगोलीय घटना है. हालांकि आंशिक चंद्र ग्रहण का भारत पर कोई प्रभाव नहीं है और इसका सूतक भी मान्य नहीं है.

Sturgeon Moon 2026: स्टर्जन मून के साथ दिखेगा आंशिक चंद्र ग्रहण, जानें क्यों खास है और दोनों में क्या है अंतर
भारत में नहीं दिखेगा आंशिक चंद्र ग्रहण और सूतक भी मान्य नहीं
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28 अगस्त 2026 की रात आसमान में एक खास नजारा देखने को मिलेगा. अगस्त की पूर्णिमा को जहां स्टर्जन मून कहा जाता है, वहीं इस बार इसी पूर्णिमा के दौरान गहरा आंशिक चंद्र ग्रहण भी पड़ेगा. ऐसे में चांद को लेकर लोगों के मन में यह सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर स्टर्जन मून और चंद्र ग्रहण में क्या फर्क है. दरअसल, दोनों एक चीज नहीं हैं. स्टर्जन मून अगस्त की पूर्णिमा का पारंपरिक नाम है, जबकि चंद्र ग्रहण एक खगोलीय घटना है. आइए ज्योतिषाचार्य पंडित कौशल पांडेय से आसान भाषा में समझते हैं कि दोनों में क्या अंतर है और इस बार चांद का नजारा इतना खास क्यों होगा. 

स्टर्जन मून और चंद्र ग्रहण में क्या अंतर

ज्योतिषाचार्य पंडित कौशल पांडेय ने बताया कि स्टर्जन मून अगस्त की पूर्णिमा को दिया गया पारंपरिक नााम है. इसका संबंध उत्तरी अमेरिका में मिलने वाली स्टर्जन मछली से है. वहीं, आंशिक चंद्र ग्रहण तब होता है जब पृथ्वी की छाया का गहरा हिस्सा यानी अम्ब्रा चंद्रमा के एक हिस्से पर पड़ता है. इससे चांद का कुछ हिस्साा अंधेरा नजर आता है.

कब दिखेगा स्टर्जन मून

उन्होंने आगे बताया कि अगर स्टर्जन मून की बता करें तो यह 2026 में अगस्त की पूर्णिमा 28 अगस्त को दिखाई देगा. सामान्य स्थिति में इस दिन चंद्रमा पूरा और चमकीला दिखाई देताा है. इस बार ग्रहण होने के कारण इसका नजारा अलग रहेगा.

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ग्रहण के दौरान बदल सकता है चांद का रंग

पंडित कौशल पांडेय ने बताया कि ग्रहण के दौरान चंद्रमा का छाया वाला हिस्साा लाल या तांबे जैसा दिखाई दे सकता है. चंद्र ग्रहण को देखने के लिए सूर्य ग्रहण की तरह किसी खाास चश्मे या फिल्टर की जरूरत नहीं होती है.

क्यों कहा जाता है स्टर्जन मून

बता दें कि अगस्त में उत्तरी अमेरिका के ग्रेट लेक्स क्षेत्र में पुराने समय में स्टर्जन मछली खूब पकड़ी जाती थी. इसी वजह से अगस्त की पूर्णिमा को स्टर्जन मून नाम मिला. अलग-अलग जगहों पर इसे ग्रेन मून, कॉर्न मून और रेड मून जैसे नााम भी दिए गए हैं.

ग्रहण का भारत में नहीं दिखेगा कोई प्रभाव

पंडित कौशल पांडेय ने आने कहा कि आंशिक चंद्र ग्रहण का भारत पर कोई प्रभाव नहीं है और इसका सूतक भी मान्य नहीं है. इसलिए भारत में रहने वाले लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है. आंशिक चंद्र ग्रहण भारत के अलावा कई देशों में दिखाई देगा.

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