भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा सनातन परंपरा के सबसे पवित्र और भव्य उत्सवों में से एक मानी जाती है. इस दिन भगवान जगन्नाथ अपने बड़े भाई भगवान बलभद्र और बहन देवी सुभद्रा के साथ रथ पर विराजमान होकर भक्तों को दर्शन देने के लिए निकलते हैं. हर साल ओडिशा के पुरी में निकलने वाली इस यात्रा में देश ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी लाखों श्रद्धालुओं शामिल होते हैं. साल 2026 में यह पावन यात्रा 16 जुलाई, गुरुवार से शुरू हो रही है. हालांकि, अगर आप किसी कारण पुरी नहीं जा पा रहे हैं, तो देश के कुछ अन्य प्रसिद्ध मंदिर भी हैं जहां भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा उनते ही भव्य तरह से निकाली जाती है. आइए जानते हैं इनके बारे में-
अहमदाबाद का श्री जगन्नाथ मंदिर
गुजरात के अहमदाबाद स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर की रथ यात्रा पूरे देश में प्रसिद्ध है. हर साल यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं. यात्रा की शुरुआत विशेष पूजा और मंगला आरती से होती है. इसके बाद भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा के रथ नगर भ्रमण के लिए निकलते हैं. भक्त पूरे रास्ते जयकारों और भजन-कीर्तन के साथ भगवान का स्वागत करते हैं. अहमदाबाद में आज भगवान जगन्नाथ की 149वीं रथ यात्रा पूरे धार्मिक उत्साह, भक्ति और परंपरा के साथ प्रारंभ हुई. इस भव्य यात्रा को देखने और भगवान के दर्शन करने के लिए तड़के सुबह से ही हजारों श्रद्धालु मंदिर परिसर और यात्रा मार्ग पर एकत्र हो गए. गृहमंत्री अमित शाह समेत कई नेता-मंत्री भी भगवान के दर्शन करने पहुंचे.

राजधानी दिल्ली के हौजखास में स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर में भी कई सालों से भव्य रथ यात्रा निकाली जा रही है. इस बार भी दोपहर में रथ यात्रा मंदिर से निकलकर तय मार्ग से आगे बढ़ेगी. यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे. मंदिर में सुबह से ही विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया जा रहा है. साथ ही सुरक्षा के भी व्यापक इंतजाम किए गए हैं.

धर्म नगरी वाराणसी की जगन्नाथ रथ यात्रा का अपना अलग धार्मिक महत्व है. यह परंपरा लंबे समय से चली आ रही है और यहां हर साल लाखों श्रद्धालु भगवान के दर्शन के लिए पहुंचते हैं. सुबह मंगला आरती के साथ यात्रा की शुरुआत होती है. इसके बाद पूरे शहर में भक्ति का माहौल देखने को मिलता है.


इन सब से अलग राजस्थान के उदयपुर में भी भगवान जगदीश की रथ यात्रा बड़े उत्साह के साथ निकाली जाती है. मंदिर में विशेष पूजा और आरती के बाद भगवान को पारंपरिक रथ पर विराजमान कर नगर भ्रमण कराया जाता है. यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान के दर्शन करते हैं और पूरे शहर में धार्मिक वातावरण बना रहता है.

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