Hanuman Ji worship rules: हनुमान जी की पूजा के नियम, मंत्र और लाभ
Mangalwar Ki Puja Ke Niyam: हिंदू धर्म में हनुमान जी एक ऐसे देवता हैं, जिनके नाम का सुमिरन करते ही सारे दुख और भय पलक झपकते दूर हो जाते हैं. अष्टचिरंजीवी में से एक हनुमान जी की पूजा कलयुग के कष्टों को दूर करके सभी कामनाओं को पूरा करने वाली मानी गई है. बजरंगी की पूजा के लिए मंगलवार का दिन सबसे उत्तम माना गया है. यदि आप भी आज पवनपुत्र हनुमान जी से शत्रुओं पर विजय, कार्यों में सफलता, सुख-सौभाग्य, बल-बुद्धि और विद्या आदि का आशीर्वाद चाहते हैं तो आपको उनकी पूजा करते समय नीचे दिये नियमों का पूरी तरह से जरूर पालन करना चाहिए.
मंगलवार की पूजा के नियम

- हिंदू मान्यता के अनुसार मंगलवार के दिन महावीर विक्रम बजरंगी की कृपा पाने के लिए साधक को प्रात:काल स्नान-ध्यान करने के बाद यदि संभव हो तो लाल रंग के वस्त्र धारण करना चाहिए.
- हनुमान जी की पूजा के लिए साधक को लाल रंग के उनी आसन का प्रयोग करना चाहिए. बजरंगी के भक्त को हमेशा स्वच्छ और पवित्र स्थान पर अपने आसन पर बैठकर हनुमत साधना करना चाहिए.
- हनुमान जी की पूजा यदि संभव हो ब्रह्म मुहूर्त में प्रात:काल 4 से 6 बजे अथवा सूर्योदय के बाद अपनी सुविधा के अनुसार कर सकते हैं. इसके बाद हनुमत साधना के लिए संध्या के समय प्रदोष काल का समय भी अत्यंत फलदायी माना गया है.
- हनुमान जी साधना अपने घर के ईशान कोण में बैठकर करनी चाहिए. पूजा करते समय साधक का मुख हमेशा पूर्व या उत्तर दिशा की ओर रहना चाहिए.

- हनुमान जी की पूजा में अनमने ढंग से नहीं करना चाहिए और न ही पूजा में साधक को आलस्य करना चाहिए.
- मंगलवार की पूजा को सफल बनाने के लिए साधक को इस दिन ब्रह्मचर्य का पूरा तरह से पालन करना चाहिए.
- मंगलवार के दिन हनुमत साधक को बजरंग बली की मूर्ति को पंचामृत से स्नान कराने के बाद सिंदूर में तिल का तेल मिलाकर लगाना चाहिए. सिंदूर को चढ़ाने से हनुमान जी शीघ्र ही प्रसन्न होते हैं.
- हनुमान जी की पूजा में लगाए जाने वाले भोग जैसे चूरमा, बूंदी के लड्डू आदि को शुद्ध घी में बड़ी पवित्रता के साथ तैयार करना चाहिए.
- यदि आप हनुमान जी की पूजा को प्रारंभ करना चाहते हैं तो इसके लिए हमेशा मंगलवार का दिन चुनें क्योंकि यह हनुमत साधना के लिए सबसे ज्यादा शुभ दिन माना गया है.
हनुमान जी की पूजा के 5 बड़े लाभ

- हिंदू मान्यता के अनुसार मंगलवार के दिन तन और मन से पवित्र होकर जो साधक एकाग्र होकर सच्चे मन से हनुमत साधना करता है, उसे हनुमान जी के दिव्य दर्शन होते हैं.
- हिंदू मान्यता के अनुसार प्रात:काल की पूजा से बल, बुद्धि और विद्या आदि का वरदान मिलता है तो वहीं संध्या के समय की साधना सभी संकटों को दूर करने वाली मानी गई है.
- हिंदू मान्यता के अनुसार जिस साधक पर हनुमत कृपा बरसती है, उसे सभी लौकिक एवं पारलौकिक सुख प्राप्त होते हैं.
- मंगलवार के दिन हनुमान जी की विधि-विधान से पूजा करने पर साधक की कुंडली में मंगल मजबूत होता है. मंगलवार की पूजा कुंडली में स्थित मंगल दोष को दूर करके अमंगल से बचाती है.
- हनुमान जी की पूजा से शत्रु बाधा दूर होती है और व्यक्ति को सुख-संपत्ति और अच्छी सेहत का वरदान प्राप्त होता है.
हनुमान जी का महामंत्र

- 'ॐ हं हनुमते नमः'
- 'ॐ नमो भगवते आंजनेयाय महाबलाय स्वाहा'
- 'ॐ आञ्जनेयाय विद्महे वायुपुत्राय धीमहि तन्नो हनुमत् प्रचोदयात्'
- 'ॐ नमो हनुमते रुद्रावतराय सर्वशत्रुसंहारणय सर्वरोग हराय सर्ववशीकरणाय रामदूताय स्वाहा'
अतुलितबलधामं हेमशैलाभदेहं
दनुजवनकृशानुं ज्ञानिनामग्रगण्यम्.
सकलगुणनिधानं वानराणामधीशं
रघुपतिप्रियभक्तं वातजातं नमामि.
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