- समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने राम मंदिर के चढ़ावे से दानराशि गायब होने का आरोप लगाया है.
- श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने अखिलेश के आरोपों को निराधार बताया है.
- जानें आखिर करोड़ों सनातनियों की आस्था के केंद्र राम मंदिर को कितना चढ़ावा मिलता है?
Ayodhya Ram Mandir Donations: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने राम मंदिर के चढ़ावे से दानराशि गायब होने का आरोप लगाया है. उनके आरोप से करोड़ों सनातनियों की आस्था के केंद्र राम मंदिर को मिलने वाले चढ़ावे को लेकर सवाल उठ रहे हैं. श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने अखिलेश के आरोपों को निराधार बताया है. उन्होंने कहा कि राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र का समय-समय पर आंतरिक ऑडिट होता रहता है. इस प्रक्रिया में ट्रस्ट और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के प्रतिनिधि शामिल होते हैं. ऑडिट की प्रक्रिया कई दिनों तक चलती है. इन दिनों भी यही काम हो रहा है. अभी तक कोई खास बात सामने नहीं आई है.
राम मंदिर की वार्षिक रिपोर्ट से सामने आई जानकारी
चंपत राय की प्रतिक्रिया के बाद भी इस मामले पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है. इस बीच NDTV ने यह जानने की कोशिश की कि आखिर करोड़ों सनातनियों की आस्था के केंद्र राम मंदिर को कितना चढ़ावा मिलता है? हमारी यह तलाश अयोध्या राम मंदिर की वार्षिक रिपोर्ट पर जाकर रुकी. सितंबर में आई अयोध्या राम मंदिर की वार्षिक रिपोर्ट में बताया गया कि वित्त वर्ष 2024-25 में ₹327 करोड़ की सालाना कमाई हुई.

दान राशि से 153 करोड़ तो ब्याज से 173 करोड़ की आय
इस रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि वित्त वर्ष में हुई 327 करोड़ की कमाई में दान से 153 करोड़ रुपए प्राप्त हुए. जबकि विभिन्न बैकों में जमा पैसे के ब्याज से 173 करोड़ की आय हुई. ट्रस्ट के अनुसार, रोजाना औसतन 70,000 से 80,000 लोग दर्शन के लिए आते हैं. हालांकि वीकेंड और त्योहारों के दौरान यह संख्या दो से तीन गुना बढ़ जाती है.
राम मंदिर चढ़ावे का दिन, घंटे और मिनट का हिसाब
राम मंदिर की एनुअल रिपोर्ट में वित्त वर्ष 2024-25 में प्राप्त दानराशि 153 करोड़ को प्रति दिन के हिसाब के देखें तो यह 41.92 लाख रुपए आती है. इसे प्रति घंटे के हिसाब से बदले 1.75 लाख रुपए होता है. वहीं मिनट के हिसाब से बदले 2912 रुपए होता है. इस वार्षिक रिपोर्ट में दी गई जानकारी के आधार पर यह कहा जा सकता है कि राम मंदिर को वित्त वर्ष 2024-25 में प्रति घंटे 1.75 लाख रुपए दान में प्राप्त हुए.
राम मंदिर को मिलने वाली दानराशि
- वित्त वर्ष 2024-25 में मिली दानराशि: ₹153 करोड़
- प्रति दिन के हिसाब से : ₹41.92 लाख
- प्रति घंटे के हिसाब से: ₹1.75 लाख
- प्रति मिनट के हिसाब से: ₹2,912

- इस वार्षिक रिपोर्ट के अलावा राम मंदिर को मिली दानराशि को लेकर कई और अहम जानकारियां मिली.
- जनवरी 2024 के पहले दिन राम मंदिर को ₹3.17 करोड़ का चढ़ावा आया.
- फरवरी 2024 में राम मंदिर को 11 दिनों में ₹11 करोड़ का दान मिला. यानी हर दिन लगभग ₹1 करोड़.
- लेकिन पूरे साल के वार्षिक रिपोर्ट में ट्रस्ट ने ₹327 करोड़ की सालाना कमाई की जानकारी दी.
राम मंदिर में कैसे दान देते हैं लोग
अयोध्या राम मंदिर के गर्भगृह में 'दर्शन पथ' के पास दान के चार बड़े बक्से रखे गए हैं. जिनमें भक्त दान की राशि डालते हैं. इसके अलावा ऑनलाइन भी चढ़ावा आता है. लोग 10 कंप्यूटराइज्ड काउंटरों पर भी दान करते हैं. 14 लोगों की एक टीम, जिसमें 11 बैंक कर्मचारी और मंदिर ट्रस्ट के तीन सदस्य शामिल हैं, दान के चार बक्सों में जमा चढ़ावे की गिनती करती है.
राम मंदिर चढ़ावे पर अखिलेश यादव के आरोप
समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रविवार को दावा किया कि अयोध्या स्थित राम मंदिर के चढ़ावे में आए करोड़ों रुपये गायब हो गए. यादव ने इस मामले में अदालत से स्वतः संज्ञान लेने का अनुरोध किया था. उन्होंने रविवार को ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, “समस्त विश्व में भगवान राम के उपासकों के लिए ये एक बेहद संवेदनशील समाचार है कि ‘राम मंदिर' के चढ़ावे की करोड़ों की रकम गायब पायी गई है.” यादव ने पोस्ट में कहा, “ये मंदिर ट्रस्ट के लिए अत्यंत शर्मनाक स्थिति है। कोई भी सफाई देने के लिए सामने नहीं आना चाहता है.”

राम मंदिर के चढ़ावे पर अखिलेश यादव का एक्स पोस्ट.
Photo Credit: सोशल मीडिया
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, “अदालत से स्वतः संज्ञान लेने की मांग है क्योंकि इसका सीधा संबंध वैश्विक स्तर पर समस्त सनातनी समाज की प्रभु राम में गहरी आस्था से जुड़ा है. सरकार की चुप्पी संदिग्ध है.”
अखिलेश के आरोप राय चपंत राय ने क्या कहा?
राम मंदिर के चढ़ावे में आए रुपए गायब होने के आरोप पर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने रविवार को एक बयान में कहा, 'श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र का समय-समय पर आंतरिक ऑडिट होता रहता है. इस प्रक्रिया में ट्रस्ट और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के प्रतिनिधि शामिल होते हैं. ऑडिट की प्रक्रिया कई दिनों तक चलती है. इन दिनों भी यही काम हो रहा है. अभी तक कोई खास बात सामने नहीं आई है.'
नमाजवादियों के सरगना के दुष्प्रचार का स्पष्ट रूप से जबाव देते श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के महा मंत्री माननीय श्री चम्पत राय जी... pic.twitter.com/g5JJz8pi2P
— विनोद बंसल Vinod Bansal বিনোদ বনসল వినోద్ బన్సాల్ (@vinod_bansal) June 8, 2026
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के न्यासी और निर्मोही अखाड़े के महंत दिनेन्द्र दास ने अखिलेश यादव के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए संवाददाताओं से कहा, “अगर इस मामले में किसी ने कुछ गलत किया है, तो भगवान राम स्वयं उन्हें दंडित करेंगे.” उन्होंने कहा कि अधिकारियों और सरकार द्वारा लिया गया कोई भी निर्णय ट्रस्ट को स्वीकार्य है.
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