
गुंडिचा मंदिर पहुंचा भगवान जगन्नाथ का रथ
बारिश को धता बताते हुए हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभ्रद और देवी सुभद्रा का रथ खींचा. उनका रथ मुख्य मंदिर से तीन किमी दूर गुंडिचा मंदिर पहुंचा. सूर्यास्त होने के कारण रथ को गुंडिचा मंदिर पहुंचने से पहले बीच रास्ते में ही रोक दिया गया था. सूर्यास्त के बाद रथ यात्रा नहीं की जाती है. रथ यात्रा कई रस्मों को पूरा करने के बाद फिर से शुरू हुई.
सबसे पहले भगवान बलभद्र का रथ सुबह लगभग साढ़े नौ बजे निकला, उसके बाद देवी सुभद्रा का और फिर भगवान जगन्नाथ का रथ निकला. भगवान अपनी नौ दिन के रथ यात्रा समारोह के दौरान हफ्तेभर के लिए गुंडिचा मंदिर में रूकेंगे. श्रद्धालु रथों पर भगवान के दर्शन कर सकेंगे, जिसके बाद शोभायात्रा निकालकर उन्हें मंदिर के भीतर ले जाया जाएगा.
पुलिस ने रथों के इर्दगिर्द बड़े पैमाने पर सुरक्षा बंदोबस्त कर रखे हैं. किसी भी श्रद्धालु को रथों पर चढ़ने या भगवान को छूने की अनुमति नहीं है.
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सबसे पहले भगवान बलभद्र का रथ सुबह लगभग साढ़े नौ बजे निकला, उसके बाद देवी सुभद्रा का और फिर भगवान जगन्नाथ का रथ निकला. भगवान अपनी नौ दिन के रथ यात्रा समारोह के दौरान हफ्तेभर के लिए गुंडिचा मंदिर में रूकेंगे. श्रद्धालु रथों पर भगवान के दर्शन कर सकेंगे, जिसके बाद शोभायात्रा निकालकर उन्हें मंदिर के भीतर ले जाया जाएगा.
पुलिस ने रथों के इर्दगिर्द बड़े पैमाने पर सुरक्षा बंदोबस्त कर रखे हैं. किसी भी श्रद्धालु को रथों पर चढ़ने या भगवान को छूने की अनुमति नहीं है.
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