- ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में आत्मघाती नौसैनिक ड्रोन तैनात कर अंतरराष्ट्रीय जल मार्गों को खतरे में डाला है
- ईरान की अंडरग्राउंड मिसाइल सिटी में नौसैनिक ड्रोन, एंटी शिप मिसाइलें और समुद्री खदानों की लंबी सुरंगें मौजूद
- मानवरहित सतही वाहन यानी यूएसवी फारस की खाड़ी में तेल टैंकरों पर हमलों में इस्तेमाल किए जा चुके हैं
ईरान और US-इजरायल के बीच जारी जंग अभी लंबी चलेगी, पाताललोक में ईरान की मिसाइल सिटी देखकर तो ऐसा ही लग रहा है. ईरान की अंडर ग्राउंड 'मिसाइल सिटी', देख हैरान हैं. ईरान की सेना ने गुरुवार को बताया कि उसके पास आत्मघाती ड्रोन नौकाओं का एक बड़ा जखीरा है, जिन्हें अब होर्मुज जलडमरूमध्य से तैनात किया जा रहा है. ऐसे में यहां से गुजरने वाले जहाजों पर खतरा और बढ़ जाएगा. ईरान के सरकारी टेलीविजन ने एक अंडर ग्राउंड एरिया के अंदर फिल्माए गए फुटेज जारी किए हैं, जिसे अधिकारी 'मिसाइल सिटी' बता रहे हैं.
ईरान की 'मिसाइल सिटी'
ईरानी सेना द्वारा जारी वीडियो और तस्वीरों में नौसैनिक ड्रोन, एंटी शिप मिसाइलें और समुद्री खदानों से भरी लंबी सुरंगें दिखाई दे रही हैं. फुटेज में कुछ हथियारों को दागते हुए भी दिखाया गया है. हालांकि, यह अभी साफ नहीं है कि ये रिकॉर्डिंग कब की गई थीं? क्या अमेरिकी या इजरायली सेनाओं ने अब तब से इस जगह पर हमला किया है या नहीं? एक तस्वीर में सुरंग दिखाई दे रही है, जिसमें सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के फोटो के नीचे एक ट्रेलर पर लगा नौसैनिक ड्रोन है.
Iran published footage of underground tunnels stocked with naval drones, anti-ship missiles, and sea mines. Reuters reported, citing US officials, that Iran has mined the Strait of Hormuz with dozens of sea mines. #Iran pic.twitter.com/Kcwp5UqkXq
— NOELREPORTS 🇪🇺 🇺🇦 (@NOELreports) March 11, 2026
ईरान के छोटे USV, अमेरिका के लिए बड़ी पेरशानी
ईरानी नौसेना के ड्रोन, जिन्हें मानवरहित सतही वाहन या यूएसवी भी कहा जाता है, फारस की खाड़ी में पहले ही दो तेल टैंकरों पर हमला कर चुके हैं. ये जहाज होर्मुज के संकरे मार्ग से गुजरने की कोशिश कर रहे थे. ये छोटे यूएसवी पानी की सतह पर या ठीक नीचे चलते हैं. इनमें विस्फोटक होते हैं और ये टकराते ही फट जाते हैं. ऐसे में इन्हें ट्रैक करना काफी मुश्किल होता है. अमेरिका की नौसेना के लिए ये छोटे यूएसवी बड़ी परेशानी का सबब बन सकते हैं.
ऐसे हमला करता है ईरान का एसयूवी
1 मार्च को मार्शल द्वीप समूह में पंजीकृत एमकेडी वीवाईओएम नामक एक कच्चे तेल के टैंकर पर ओमान के तट से 44 समुद्री मील दूर हमला हुआ. ब्रिटेन की यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस एजेंसी ने बताया कि एक मानवरहित सतही पोत ने जहाज पर जलरेखा के ठीक ऊपर हमला किया, जिससे इंजन रूम में विस्फोट और आग लग गई. इसमें चालक दल के एक सदस्य की मृत्यु हो गई. कुछ दिनों बाद बहामास के ध्वज वाले कच्चे तेल के टैंकर सोनांगोल नामिबे पर इराक के खोर अल जुबैर बंदरगाह के पास हमला हुआ था.
यूक्रेन भी कर रहा ऐसे ही ड्रोन का इस्तेमाल
ईरान द्वारा जारी वीडियो में एक छोटी, स्पीडबोट के आकार की वस्तु टैंकर की ओर तेजी से बढ़ती हुई दिखाई दे रही है, जो उसके किनारे से टकराती है और एक बड़ा विस्फोट करती है, जिससे हवा में घना धुआं फैल जाता है. समुद्री अधिकारियों के अनुसार, अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच मौजूदा संघर्ष शुरू होने के बाद से खाड़ी क्षेत्र में तेल टैंकरों पर कम से कम दो हमलों में नौसैनिक ड्रोन का इस्तेमाल किया गया है. ऐसे ड्रोन अटैक यूक्रेन द्वारा रूसी सेनाओं के खिलाफ और ईरान समर्थित हूती आतंकवादियों द्वारा लाल सागर में जहाजों के खिलाफ किये जाते रहे हैं, जो काफी सफल रहे हैं.
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ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल की आपूर्ति रोकने की धमकी दी है, जो वैश्विक तेल आपूर्ति का पांचवां हिस्सा वहन करता है. देश के अधिकारियों ने कहा कि बुधवार को उनकी सेनाओं द्वारा व्यापारिक जहाजों पर हमले के बाद, जिससे जलडमरूमध्य से यातायात लगभग ठप हो गया, दुनिया को तेल की कीमतों के 200 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचने के लिए तैयार रहना चाहिए.
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