
प्रतीकात्मक तस्वीर
नई दिल्ली:
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के जल स्रोतों में घटते जलस्तर पर चिंता जताने वाली एक याचिका पर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने दिल्ली सरकार को निर्देश दिया है कि सरकार तीन हफ्तों के अंदर सभी प्राकृतिक जल स्रोतों को स्वच्छ करें और उनमें जल आपूर्ति करे।
मॉनसून से पहले यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि...
हरित पैनल ने सरकार तथा संबंधित एजेंसियों को मॉनसून की शुरूआत से पहले यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि इन जल स्रोतों में बारिश का पानी पर्याप्त मात्रा में एकत्रित हो सके।
एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली एक पीठ ने पर्यावरण एवं वन मंत्रालय, शहरी विकास मंत्रालय, दिल्ली सरकार, केंद्रीय भूजल प्राधिकरण, दिल्ली विकास प्राधिकरण, दिल्ली जल बोर्ड और अन्य को नोटिस जारी कर उनसे दो हफ्तों के अंदर जवाब मांगा है।
तीन हफ्ते की समय सीमा दी है...
उन्होंने कहा, ‘‘हमने एनसीटी दिल्ली, सीजीडब्ल्यूए और डीजेबी को यह निर्देश दिया है कि वह तीन हफ्तों के अंदर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में स्थित सभी जल स्रोतों, प्राकृतिक कुओं और अन्य जल स्रोतों की सफाई करें और उन्हें बनाए रखने के लिए उनमें पुन: जल आपूर्ति करें।’’
पीठ ने कहा, ‘‘यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि मॉनसून के मौसम में इन जल स्रोतों में पर्याप्त मात्रा में बारिश का जल एकत्र करने की क्षमता हो। सभी तीन प्राधिकरणों - एनसीटी, दिल्ली डीजेबी और सीजीडब्ल्यूए को अगली तिथि से पहले पहले अधिकरण में अनुपालन रिपोर्ट दर्ज करनी होगी।’’ एनजीओ चेतना की ओर से दायर याचिका के संबंध में अगली सुनवाई नौ अगस्त को होनी है।
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है)
मॉनसून से पहले यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि...
हरित पैनल ने सरकार तथा संबंधित एजेंसियों को मॉनसून की शुरूआत से पहले यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि इन जल स्रोतों में बारिश का पानी पर्याप्त मात्रा में एकत्रित हो सके।
एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली एक पीठ ने पर्यावरण एवं वन मंत्रालय, शहरी विकास मंत्रालय, दिल्ली सरकार, केंद्रीय भूजल प्राधिकरण, दिल्ली विकास प्राधिकरण, दिल्ली जल बोर्ड और अन्य को नोटिस जारी कर उनसे दो हफ्तों के अंदर जवाब मांगा है।
तीन हफ्ते की समय सीमा दी है...
उन्होंने कहा, ‘‘हमने एनसीटी दिल्ली, सीजीडब्ल्यूए और डीजेबी को यह निर्देश दिया है कि वह तीन हफ्तों के अंदर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में स्थित सभी जल स्रोतों, प्राकृतिक कुओं और अन्य जल स्रोतों की सफाई करें और उन्हें बनाए रखने के लिए उनमें पुन: जल आपूर्ति करें।’’
पीठ ने कहा, ‘‘यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि मॉनसून के मौसम में इन जल स्रोतों में पर्याप्त मात्रा में बारिश का जल एकत्र करने की क्षमता हो। सभी तीन प्राधिकरणों - एनसीटी, दिल्ली डीजेबी और सीजीडब्ल्यूए को अगली तिथि से पहले पहले अधिकरण में अनुपालन रिपोर्ट दर्ज करनी होगी।’’ एनजीओ चेतना की ओर से दायर याचिका के संबंध में अगली सुनवाई नौ अगस्त को होनी है।
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है)