दिल्ली के सत्य निकेतन पीजी हादसे के मामले में आरोपी हरि राम गुप्ता को पटियाला हाउस कोर्ट से बड़ा झटका लगा है. अदालत ने आरोपी हरि राम को जमानत देने से इनकार कर उसकी याचिका खारिज कर दी है. सुनवाई के दौरान कोर्ट कहा कि हरिराम गुप्ता खुद को बिल्डिंग से अलग बता रहे हैं, लेकिन रिकॉर्ड के अनुसार बिल्डिंग का बिजली कनेक्शन उनके नाम पर है. कुछ गवाहों ने बिल्डिंग के निर्माण और अन्य कामो में भी उनकी भूमिका की बात कही है.
जांच शुरुआती दौर में, जमानत देना उचित नहीं
जमानत खारिज करते हुए कोर्ट ने कहा कि मामले की जांच शुरुआती दौर में है. चार्जशीट भी दाखिल नहीं हुई है, इसलिए इस स्तर पर आरोपी को जमानत देना उचित नहीं है. कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए जेल अधीक्षक को आरोपी हरि राम गुप्ता की सभी निर्धारित दवाएं समय पर उपलब्ध कराने का निर्देश भी दिया.
सत्य निकेतन से जुड़ा मामला क्या?
दिल्ली सत्य निकेतन हादसे में 6 सितंबर 2026 को एक पुरानी पांच मंजिला बिल्डिंग अचानक ढह गई थी. हादसे में 7 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें 5 छात्र और 2 मजदूर शामिल थे. इसके अलावा कई लोग घायल भी हुए थे. एक घायल की हालत गंभीर बताई जा रहीं है. दिल्ली पुलिस ने इस मामले में आरोपी हरि राम गुप्ता, उनकी पत्नी उर्मिला गुप्ता और बेटे महेश गुप्ता को 7 सितंबर को गिरफ्तार किया गया था. पुलिस मामले की जांच कर रही है. अभी कोर्ट में चार्जशीट भी दाखिल नहीं हुई है.
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