- नोएडा के चौड़ा गांव में 14 साल के नाबालिग आयुष की हत्या से तनाव का माहौल है
- परिवार का आरोप है कि दूसरे समुदाय के दो लड़कों ने उसे जन्मदिन की पार्टी के बहाने घर से ले जाकर मार दिया
- पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर कोई बाहरी चोट या चाकू के घाव नहीं पाए जाने की बात कही है
नोएडा के चौड़ा गांव में एक नाबालिग की हत्या से तनाव का माहौल है. मामला सेक्टर-24 के चौड़ा गांव का है. दूसरे समुदाय के लड़कों पर उसकी हत्या कर शव को जंगल में फेंकने का आरोप लगा है. परिवार का आरोप है कि दूसरे समुदाय के दो लड़के उसे जन्मदिन की पार्टी के बहाने घर से लेकर गए और उसकी हत्या कर दी. 16 अगस्त को उनका बेटा लापता हुआ और 21 अगस्त को उसकी सड़ा-गला शव जंगल में मिला.
परिवार का आरोप है कि दूसरे समुदाय के एक नाबालिग लड़के और उसके भाई ने मिलकर उनके बेटे आयुष को मौत के घाट उतार दिया. मृतक की मां का आरोप है कि 17 अगस्त को जब परिवार उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट र्ज कराने पहुंचा तो पुलिस ने शिकायत दर्ज नहीं की. अब पुलिस जो कहानी बता रही है वह घटना से बिल्कुल अलग है. इस घटना से परिवार और इलाके में तनाव का माहौल है. बहिंदू समूह ने विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है.

दूसरे समुदाय के लड़कों ने की आयुष की हत्या
बता दें कि आयुष शुक्ला की उम्र 14 साल थी. वह 8वीं क्लास में पढ़ता था. मृतक आयुष की मां योगमाया का कहना है कि 16 अगस्त को आयुष का असद नाम का एक दोस्त घर आया और उसे बर्थडे पार्टी के बहाने साथ ले गया. उसके साथ दो और लोग भी थे, उनमें से एक उसका बड़ा भाई था. वे उसे घर से ले गए और 21 अगस्त को उसकी लाश मिली. 23 अगस्त को उनको मामले की जानकारी देकर शव की पहचान करने के लिए बुलाया गया. वह शव उनके बेटे का ही था. उसके शरीर पर चोट के निशान थे.

चाकू से गोदकर की 14 साल के बच्चे की हत्या
मां का आरोप है कि दूसरे समुदाय के बच्चों ने मिलकर उनके बेटे को चाकू से गोदकर मार डाला. उन्होंने उनके बेटे का पेट चीर दिया था. उसका चेहरा पहचान में नहीं आ रहा था. मृतक बच्चे की मां का आरोप ये भी है कि पुलिस उनके बच्चे की मौत की अलग ही वजह बता रही है. उनका कहना है कि उनके शरीर पर हत्या का कोई निशान पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मिला ही नहीं. जबकि उनके बेटे की चाकू से गोदकर हत्या की गई थी. दरअसल पीड़ित परिवार का आरोप है कि उनके बेटे की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई. उसकी मौत से परिवार सदमे में है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहा है.

पुलिस कह रही पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चोट का जिक्र नहीं
बता दें कि पुलिस का कहना है कि उन्होंने 24 अगस्त को मिली लिखित शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया था. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ऐसी किसी स्पष्ट चोट का जिक्र नहीं है, जिससे चाकू के इस्तेमाल की पुष्टि हो सके.उन्होंने नाबालिग संदिग्ध को हिरासत में ले लिया है. आयुष की मौत की असली वजह और घटना से जुड़ी परिस्थितियों की जांच की जा रही है.
#WATCH नोएडा, उत्तर प्रदेश: 7वीं कक्षा के छात्र की हत्या के मामले पर ADCP मनीषा सिंह ने कहा, "कल 24 अगस्त को एक सेक्टर 20 निवासी महिला ने अपने बच्चे के गायब होने की सूचना दी। तत्काल पुलिस द्वारा अभियोग पंजीकृत किया गया। महिला ने 2 लोगों पर शक जाहिर किया था। टीम ने आरोपियों को… pic.twitter.com/PDirwGvvrL
— ANI_HindiNews (@AHindinews) August 25, 2026
'पैसों को लेकर पहले झगड़ा हुआ फिर मारपीट हुई'
ADCP मनीषा सिंह ने कहा कि उन्होंने इस मामले में दो नाबालिगों को हिरासत में लिया है. उनसे पूछताछ की जा रही है. लड़के की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में शरीर पर कोई भी बाहरी निशान नहीं मिला है. मृतक का विसरा सुरक्षित रखा गया है. उसे जांच के लिए फॉरेंसिक लैब भेजा जाएगा.पुलिस अधिकारी ने कहा कि आरोपी और पीड़ित एक-दूसरे को जानते थे. उनके बीच पैसे को लेकर झगड़ा हुआ था, जिसके बाद मारपीट हुई.पुलिस अधिकारी ने कहा कि मृतक बच्चे के परिवार वालों के दावों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से नहीं हुई. उसके शरीर पर कोई निशान या चोट नहीं मिली है.
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