- ED ने कोलकाता में मनी लॉन्ड्रिंग के बड़े नेटवर्क का खुलासा कर कारोबारी जय एस कमदार को गिरफ्तार किया
- जय कमदार का कुख्यात अपराधी बिस्वजीत पोद्दार उर्फ सोना पप्पू के साथ गहरा संबंध बताया जा रहा है
- जय कमदार ने सोना पप्पू की पत्नी को हथियार सप्लाई किए और कई शेल कंपनियों का इस्तेमाल किया
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कोलकाता में मनी लॉन्ड्रिंग के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा करते हुए बड़ी कार्रवाई की है. इस कार्रवाई में हवाला, हथियारों की सप्लाई और ज़मीन पर अवैध कब्जे से जुड़े मामलों की परतें खुली हैं. ED ने कारोबारी जय एस. कमदार को 19 अप्रैल 2026 को PMLA कानून के तहत गिरफ्तार किया है. यह मामला कुख्यात अपराधी बिस्वजीत पोद्दार उर्फ ‘सोना पप्पू' और उसके सहयोगियों से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है. गिरफ्तारी के बाद जय कमदार को 20 अप्रैल को कोलकाता के बिचार भवन स्थित स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया, जहां अदालत ने उसे 9 दिन की ED हिरासत में भेज दिया, ताकि मामले में आगे की गहन पूछताछ की जा सके.
हवाला और हथियार सप्लाई का खुलासा
ED की जांच में सामने आया है कि जय कमदार के सोना पप्पू के साथ बेहद करीबी संबंध थे और दोनों के बीच बड़े पैमाने पर पैसों का लेन‑देन हुआ है. जांच एजेंसी को यह भी जानकारी मिली है कि जय कमदार ने सोना पप्पू की पत्नी सोमा सोनार पोद्दार को हथियार सप्लाई किए, हालांकि इस हथियार खरीद से जुड़ी कोई आधिकारिक जानकारी उसने जांच एजेंसी को नहीं दी थी. इसके अलावा, जांच में एक और बड़ा खुलासा हुआ है कि जय कमदार देश और विदेश में फैले अवैध हवाला कारोबार में भी सक्रिय रूप से शामिल था.
पुलिस अधिकारियों से नजदीकी के आरोप
इस अवैध लेन‑देन के लिए उसने कई शेल कंपनियों का इस्तेमाल किया, जिनकी अब ED द्वारा जांच की जा रही है. इस मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह बताया जा रहा है कि जय कमदार के कई पुलिस अधिकारियों से भी करीबी संबंध थे. आरोप है कि वह इन अधिकारियों और उनके परिवार के सदस्यों को महंगे गिफ्ट देकर अपने काम निकलवाता था. जांच में यह भी सामने आया है कि उसने अपने रसूख का इस्तेमाल कर आम लोगों के खिलाफ झूठी शिकायतें दर्ज कराईं, जिससे ज़मीन से जुड़े मामलों में उनकी संपत्तियों पर कब्जा करने की साजिश रची गई. ED ने 19 अप्रैल को कोलकाता और बैरकपुर में 6 ठिकानों पर छापेमारी भी की थी.
रेड में नकदी, जेवर और हथियार बरामद
इन ठिकानों में एक पुलिस अधिकारी संतनु सिन्हा बिस्वास और जय कमदार का आवास भी शामिल था. छापेमारी के दौरान कई अहम दस्तावेज और डिजिटल सबूत जब्त किए गए हैं. इससे पहले 1 अप्रैल 2026 को भी ED ने इस केस में छापेमारी की थी। उस दौरान करीब 1.47 करोड़ रुपये नकद, लगभग 67.64 लाख रुपये के सोने‑चांदी के जेवर, एक फॉर्च्यूनर गाड़ी और एक बिना लाइसेंस की रिवॉल्वर बरामद की गई थी. इसके अलावा कई दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज़ भी मिले थे, जो इस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में अहम साबित हो रहे हैं.
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