- केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के घर सहित 12 जगहों पर ED ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में छापेमारी की है
- कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड कंपनी पर फर्जी खर्च दिखाकर 133 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगा है
- ईडी ने साल 2024 में पिनाराई विजयन की बेटी वीणा विजयन और उनकी कंपनी के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग जांच शुरू की थी
केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के घर पर प्रवर्तन निदेशालय की छापेमारी चल रही है. ये छापेमारी मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले की जा रही है. ईडी ने पिनाराई विजयन के घर समेत 12 जगहों पर रेड मारी है. सीएमआरएल कार्यालय और पिनारायी विजयन के तिरुवनंतपुरम स्थित आवास समेत अन्य जगहों पर छापेमारी चल रही है. बता दें कि यह छापेमारी केरल हाई कोर्ट द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री की बेटी से जुड़े सीएमआरएल मामले में ईडी की जांच को रद्द करने से इनकार करने के बाद शुरू हुई है.
मामला कोच्चि की कंपनी CMRL यानी कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड से जुड़ा है, ये कंपनी विजयन की बेटी से जुड़ी है. आरोप है कि कंपनी ने साल 2012-13 से 2018-19 के बीच ट्रांसपोर्टेशन और स्लज हैंडलिंग के नाम पर करीब 133.82 करोड़ रुपये का फर्जी खर्च दिखाया. जांच एजेंसियों का दावा है कि इसी पैसे को नकद में निकालकर नेताओं, राजनीतिक दलों, मीडिया संस्थानों और कुछ सरकारी अधिकारियों तक पहुंचाया गया.
पिनाराई विजयन की बेटी से जुड़ा मामला
बता दें कि साल 2024 में ईडी ने केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की बेटी वीणा विजयन और उनकी आईटी कंपनी के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत केस दर्ज किया था. मामला एक खनिज कंपनी द्वारा वीणा विजयन की फर्म को कथित अवैध भुगतान से संबंधित है. गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय की एक शिकायत के आधार पर ईडी ने यह केस दर्ज किया था.
वीणा विजयन पर क्या आरोप?
केरल के पूर्व सीएम वीणा विजयन पर कोच्चि स्थित कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (CMRL), एक प्राइवेट कंपनी, ने 2017 और 2018 के बीच एक्सलॉजिक सॉल्यूशंस को 1.72 करोड़ रुपये का भुगतान किया था, जबकि कंपनी ने कोई सेवा प्रदान नहीं की गई थी. बता दें कि इस कंपनी का स्वामित्व वीणा विजयन के पास है.
इस केस में सबसे ज्यादा चर्चा उस पेमेंट को लेकर हुई, जो CMRL ने मुख्यमंत्री की बेटी वीणा विजयन की कंपनी एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड को किया था. आरोप है कि कंपनी को करीब 1.72 करोड़ रुपये दिए गए, लेकिन बदले में कोई सॉफ्टवेयर या दूसरी सेवा नहीं दी गई. कागजों में इसे सॉफ्टवेयर और मार्केटिंग सर्विस के नाम पर दिखाया गया था.
मामले में अब तक क्या-क्या हुआ, जानें
2019 में इनकम टैक्स विभाग ने CMRL पर छापेमारी की थी. जांच में कथित गड़बड़ियां सामने आने के बाद मामला आगे बढ़ा. बाद में इनकम टैक्स सेटलमेंट बोर्ड ने भी माना कि कंपनी ने खर्च बढ़ा-चढ़ाकर दिखाए थे और Exalogic को किया गया भुगतान संदिग्ध था. इसके बाद जनवरी 2024 में केंद्र सरकार ने SFIO यानीगंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय से जांच कराने का आदेश दिया. SFIO ने बाद मेंकंपनीज एक्ट की धारा 447 के तहत धोखाधड़ी का मामला भी दर्ज किया, जो PMLA के तहत शेड्यूल्ड ऑफेंस माना जाता है। इसी आधार पर ED ने मनी लॉन्ड्रिंग जांच को और तेज कर दिया.
कई बड़े लोगों से हो सकती है पूछताछ
हाल ही में केरल हाई कोर्ट ने भी CMRL और उसके अधिकारियों की याचिका खारिज कर दी थी. कंपनी ने ED की जांच और समन को रद्द करने की मांग की थी, लेकिन हाईकोर्ट ने साफ कहा कि ED को जांच करने और समन जारी करने का पूरा अधिकार है. कोर्ट ने यह भी कहा कि इनकम टैक्स सेटलमेंट से PMLA मामले में राहत नहीं मिल सकती, क्योंकि दोनों कानून अलग-अलग हैं. हाईकोर्ट से राहत न मिलने के बाद अब ED ने अपनी कार्रवाई और तेज कर दी है. माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में कई बड़े लोगों से पूछताछ हो सकती है और जांच में नए खुलासे सामने आ सकते हैं.
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