
4 ओवर में 25 रन देकर 6 विकेट... ये आंकड़ा किसी भी गेंदबाज़ के लिए किसी भी फॉर्मेट के गेम में बेहद प्रभावशाली नज़र आता है. बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम में इंग्लैंड के ख़िलाफ़ आख़िरी T20 मैच में यजुवेंद्र चहल ने कप्तान इयोन मार्गन सहित जो रूट, सैम बिलिंग्स, बेन स्टोक्स, मोइन अली और क्रिस जॉर्डन के विकेट लेकर सुनील गावस्कर जैसे दिग्गजों को भी बेहद प्रभावित किया. NDTV से बात करते हुए पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने माना कि अब चहल की दावेदारी टेस्ट टीम के लिए भी मज़बूत हो गई है. सनी ने कहा, " उनमें (चहल) और अमित मिश्रा में एक अच्छा मुकाबला है. दोनों विकेट लेने की कोशिश करते हैं जो टीम इंडिया के लिए अच्छा है. दोनों विपक्षी टीम का सिर्फ़ रन रोकने की कोशिश नहीं करते बल्कि विकेट लेने की कोशिश करते हैं. ये बहुत ही शानदार बात है. शायद (ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़) टेस्ट टीम का चुनाव करते वक्त चयनकर्ता उन पर भी ग़ौर फ़रमाएं."
ख़ास बात ये है कि 9 फ़रवरी से बांग्लादेश के ख़िलाफ़ हैदराबाद में खेले जाने वाले इकलौते टेस्ट में लेग स्पिनर के तौर पर अमित मिश्रा को जगह मिली है. ज़ाहिर तौर पर उन पर बांग्लादेश के ख़िलाफ़ प्रदर्शन का दबाव अब ज़्यादा होगा. 34 साल के अमित मिश्रा ने 22 टेस्ट में 76 विकेट झटके हैं जबकि 147 फर्स्ट क्लास मैचों में 521 विकेट (औसत 29.22) अपने नाम किए हैं. दूसरी ओर, 26 साल के युवा चहल के नाम हरियाणा के लिए खेलते हुए 27 फ़र्स्ट क्लास मैचों में 70 विकेट (औसत 33.90) हैं. मिश्रा आंकड़े और अनुभव में चहल से कहीं आगे हैं. लेकिन चहल के हाल का प्रदर्शन चयनकर्ताओं को उन पर ग़ौर फ़रमाने पर मजबूर कर सकता है. सनी कहते हैं, "चहल में IPL के अनुभव से परिपक्वता आई है. देश के लिए खेलना ज़रूर अलग बात है. लेकिन IPL में बल्लेबाज़ ताबड़तोड़ बल्लेबाज़ी करते हैं और वहां उनको रोकने की कोशिश करने से चहल का अनुभव बढ़ा है. साथ ही चहल और मिश्रा एक ही टीम के लिए रणजी खेलते हैं और वहां मिश्रा की सलाह भी लेते हैं. ऐसे में उन्हें मिश्रा के अनुभव का भी फ़ायदा पहुंचा है."
पूर्व कप्तान गावस्कर जैसे कई दिग्गज मानते हैं कि ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ चार टेस्ट मैचों की चुनौती भारत के लिए आसान साबित नहीं होने वाली. वो कहते हैं, "टीम इंडिया ने इंग्लैंड के ख़िलाफ़ जीत ज़रूर हासिल की है. लेकिन इसे ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ आदर्श तैयारी नहीं कह सकते. क्रिकेट में आदर्श तैयारी जैसी कोई चीज़ नहीं होती. भारत को उनके ख़िलाफ़ चौकन्ना रहने की ज़रूरत होगी. वरना एकाएक हालात बदल सकते हैं. यहां तक कि बांग्लादेश ने भी हाल में जैसा प्रदर्शन किया है, उससे सजग रहने की ज़रूरत होगी." गावस्कर सहित कई क्रिकेट दिग्गज ये तो मानने लगे हैं कि यजुवेंद्र चहल में जल्दी ही टेस्ट टीम में शामिल होने का माद्दा है. ऐसे में चहल के लिए ये सीज़न बेहद अहम होने वाला है. लिटिल मास्टर कहते हैं, "चयनकर्ता हाल के प्रदर्शन को ध्यान में ज़रूर रखते हैं. वो IPL में भी खिलाड़ियों के प्रदर्शन को भी ध्यान में ज़रूर रखेंगे."
ख़ास बात ये है कि 9 फ़रवरी से बांग्लादेश के ख़िलाफ़ हैदराबाद में खेले जाने वाले इकलौते टेस्ट में लेग स्पिनर के तौर पर अमित मिश्रा को जगह मिली है. ज़ाहिर तौर पर उन पर बांग्लादेश के ख़िलाफ़ प्रदर्शन का दबाव अब ज़्यादा होगा. 34 साल के अमित मिश्रा ने 22 टेस्ट में 76 विकेट झटके हैं जबकि 147 फर्स्ट क्लास मैचों में 521 विकेट (औसत 29.22) अपने नाम किए हैं. दूसरी ओर, 26 साल के युवा चहल के नाम हरियाणा के लिए खेलते हुए 27 फ़र्स्ट क्लास मैचों में 70 विकेट (औसत 33.90) हैं. मिश्रा आंकड़े और अनुभव में चहल से कहीं आगे हैं. लेकिन चहल के हाल का प्रदर्शन चयनकर्ताओं को उन पर ग़ौर फ़रमाने पर मजबूर कर सकता है. सनी कहते हैं, "चहल में IPL के अनुभव से परिपक्वता आई है. देश के लिए खेलना ज़रूर अलग बात है. लेकिन IPL में बल्लेबाज़ ताबड़तोड़ बल्लेबाज़ी करते हैं और वहां उनको रोकने की कोशिश करने से चहल का अनुभव बढ़ा है. साथ ही चहल और मिश्रा एक ही टीम के लिए रणजी खेलते हैं और वहां मिश्रा की सलाह भी लेते हैं. ऐसे में उन्हें मिश्रा के अनुभव का भी फ़ायदा पहुंचा है."
पूर्व कप्तान गावस्कर जैसे कई दिग्गज मानते हैं कि ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ चार टेस्ट मैचों की चुनौती भारत के लिए आसान साबित नहीं होने वाली. वो कहते हैं, "टीम इंडिया ने इंग्लैंड के ख़िलाफ़ जीत ज़रूर हासिल की है. लेकिन इसे ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ आदर्श तैयारी नहीं कह सकते. क्रिकेट में आदर्श तैयारी जैसी कोई चीज़ नहीं होती. भारत को उनके ख़िलाफ़ चौकन्ना रहने की ज़रूरत होगी. वरना एकाएक हालात बदल सकते हैं. यहां तक कि बांग्लादेश ने भी हाल में जैसा प्रदर्शन किया है, उससे सजग रहने की ज़रूरत होगी." गावस्कर सहित कई क्रिकेट दिग्गज ये तो मानने लगे हैं कि यजुवेंद्र चहल में जल्दी ही टेस्ट टीम में शामिल होने का माद्दा है. ऐसे में चहल के लिए ये सीज़न बेहद अहम होने वाला है. लिटिल मास्टर कहते हैं, "चयनकर्ता हाल के प्रदर्शन को ध्यान में ज़रूर रखते हैं. वो IPL में भी खिलाड़ियों के प्रदर्शन को भी ध्यान में ज़रूर रखेंगे."
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