Vaibhav Sooryavanshi, IND A vs SL A Final: पिता अक्सर दुनिया भर की जिम्मेदारियों का बोझ अपने कंधों पर उठाए रखते हैं, बिना हमें उस बोझ का एहसास कराए हर संभव सपोर्ट करते हैं. चाहे किसी भी फील्ड में हों, बेटे के लिए पिता का सपोर्ट करियर बनाने में अहम भूमिका निभाता है. आज जब पूरी दुनिया में वैभव सूर्यवंशी अपनी बल्लेबाजी से कमाल कर रहे हैं तो उनके पीछे उनके पिता का संघर्ष भी है. आज 15 साल का यह खिलाड़ी दुनिया भर में अपनी बल्लेबाजी से चर्चा बटोर रहा है.

अब वैभव ने फादर्स डे 21 जून को एक ऐसी पारी खेली है जिसने देखकर दुनिया फिर से हैरान है. श्रीलंका ए के खिलाफ फाइनल मैच में वैभव ने 11 गेंद पर पचासा लगाया और साथ ही 29 गेंद पर 94 रन की पारी खेली, वैभव की यह पारी उस दिन आई है जब पूरा देश फादर्स डे मना रहा है. वैभव की यह पारी उनके पिता के लिए एक ट्रिब्यूट की तरह है.
Happy Father's day ❤️ pic.twitter.com/td5MGnNy3u
— Vaibhav Sooryavanshi (@Vaibhavsooryava) June 21, 2026
फादर्स डे पर खेली यादगार पारी
यूं तो वैभव ने अपने छोटे से करियर में अबतक कई ऐसी पारियां खेली है जिसने फैन्स और विश्व क्रिकेट को चौंकाने का काम किया है लेकिन आज यानी 21 जून को खेली गई यह पारी, उनकी पुरानी सभी पारियों से अलग है. दरअसल, श्रीलंका ए के खिलाफ फाइनल मैच से पहले वैभव की उनके व्यवहार को लेकर काफी आलोचना हुई थी. कई पूर्व दिग्गजों ने वैभव के मैदान पर धक्का-मुक्की करने को गलत बताया था. यहां तक कि पूर्व क्रिकेटर संजय मांजरेकर ने वैभव को एक मैच से बाहर करने की भी बात की थी. सोशल मीडिया पर कई लोग वैभव की आलोचना कर रहे थे, ऐसे में फाइनल मैच से पहले वैभव पर काफी दबाव था.

दबाव..हौसला और बदला..
अब जब वैभव मैदान पर बल्लेबाजी करने उतरें होंगे तो उनके मन में काफी उलझन होगी. इस मैच से पहले यकीनन पिता ने भी अपने बेटे का हौसला बढ़ाया होगा. जैसे ही वैभव मैदान पर आए उन्होंने वही काम किया जिसके लिए वो जाने जाते थे, आलोचना झेलने के बाद अपने बल्ले से वैभव ने जवाब दे दिया. 11 गेंद पर पचासा, लिस्ट ए में सबसे तेज अर्धशतक जमाने का वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया. वहीं, 29 गेंद पर 94 रन बनाकर आउट हुए. वैभव ने अपने 94 रन की पारी में 88 रन सिर्फ चौके और छक्के से लगाए, जिसमें उन्होंने 10 चौके और 8 छक्के लगाए.
Team Srilanka fan live review 😂 pic.twitter.com/duTQfCI8Qh
— Charvi Vyas (@4Vvyas) June 21, 2026
पिता की आंखें हो गई होंगी नम !
फादर्स डे के दिन वैभव ने फाइनल में सिर्फ 29 गेंद ही खेला लेकिन अपनी इस पारी से उन्होंने मैच को एक तरफा कर दिया. जब वैभव कैच आउट होकर पवेलियन लौट रहे थे तो उनके चेहरे पर गम नहीं था. क्योंकि उन्हें पता था कि टीवी पर मैच देख रहे उनके पिता आज बहुत खुश होंगे. उनके यह बात का एहसास हुआ होगा कि पिता की आंखें आज नम होगी. हो भी क्यों न वैभव ने फाइनल में जो पारी खेली है उसकी गूंज ने आलोचना करने वालों को एक तमाचा है.

हालांकि अभी भी कई लोग हैं तो वैभव को वनडे का खिलाड़ी नहीं मान रहे हैं. लेकिन इस 15 साल के बल्लेबाज ने अभी तक अपने छोटे से करियर में जो किया है वह बड़े से बड़ा खिलाड़ी अपने पूरे करियर तक में नहीं कर सकता है.
बड़े मैच में बड़ी पारी खेलने का हुनर जानते हैं वैभव सूर्यवंशी
- U-19 फ़ाइनल में 80 गेंदों पर 175 रन बनाए.
- ट्राई-सीरीज़ फ़ाइनल में 29 गेंदों पर 94 रन बनाए हैं
संघर्ष हम किये, मेहनत वो बहुत किया
एक इंटरव्यू में वैभव के पिता संजीव सूर्यवंशी ने कहा था कि, मैंने संघर्ष किया, लेकिन उसने कड़ी मेहनत वैभव की थी. वैभव की यात्रा में अपनी भूमिका पर विचार करते हुए, उन्होंने कहा, "हम तो पापा हैं, दुनिया के सब पापा अपने बेटे के लिए सोचते हैं कि जो खूब अच्छा पढ़ लिख के बेटा कलेक्टर बने... खेलने वाला इंडिया के लिए खेलें... हमारा भी वही चाह था." उन्होंने कहा, हर माता-पिता की तरह, उन्होंने हमेशा अपने बच्चे को कुछ सार्थक हासिल करते देखने का सपना देखा था
अब आयरलैंड के खिलाफ नई पारी का होगा आगाज
अब वैभव सूर्यवंशी अपने करियर के सबसे बड़े पड़ाव पर पहुंच रहे हैं. आयरलैंड के खिलाफ भारत को 2 मैच खेलने हैं. पहली बार वैभव भारत की सीनियर जर्सी में नजर आएंगे. भारतीय टीम की जर्सी पहनकर वैभव मैदान पर उतरेंगे तो यकीनन उनके पिता का सपना सच हो जाएगा.
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