एम एस धोनी की सलाह के चलते ही दक्षिण अफ्रीकी टीम 192 रन पर सिमट गई थी
- टीम में महेंद्र सिंह धोनी हर स्तर पर सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं
- धोनी की सलाह पर दक्षिण अफ्रीकी टीम 192 रन पर सिमट गई थी
- धोनी ने विराट को सलाह दी कि वह बुमराह की जगह भुवी से गेंदबाजी कराए
नई दिल्ली:
पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने कप्तानी छोड़ते समय मुख्य चयनकर्ता प्रसाद से तीन शब्द कहे थे 'ओके दैट्स इट'. अब मैं विराट कोहली के मेंटर के रूप में काम करूंगा. धोनी अपने किए गए वादे के मुताबिक ही कोहली का हर पल साथ निभा रहे हैं. टीम में वह हर स्तर पर सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं. दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मैच में उन्होंने एक बार फिर अपना वादा निभाया. यह धोनी की सलाह का ही कमाल था कि मजबूत शुरुआत करने वाली दक्षिण अफ्रीकी टीम 192 रन पर सिमट गई.
दरअसल हुआ ये कि पहली पारी में जब द. अफ्रीकी टीम बल्लेबाजी कर रही थी तो मैच के 43वें ओवर में विराट ने जसप्रीत बुमराह को गेंदबाजी सौंपी. उस वक्त धोनी के साथ विराट स्लिप पर मौजूद थे. तभी धोनी ने विराट को सलाह दी कि वह बुमराह की जगह भुवी से गेंदबाजी कराए. विराट ने धोनी की सलाह को बिना किसी नानुकर के स्वीकार कर लिया और फिर भुवी ने उस ओवर में लगातार दो गेंदों पर दो विकेट लेकर अफ्रीकी टीम की बड़े झटके दिए. इससे साउथ अफ्रीका का स्कोर 9 विकेट पर 189 रन हो गया. अफ्रीकी टीम इस ओवर में 5 रन बना सकी. सबसे अहम विकेट मोर्ने मोर्कल का मिला.
मैच में जीत हासिल करने के बाद विराट ने कहा कि ये इस टूर्नामेंट में उनकी टीम के लिए सबसे अहम मुकाबला था. इस मैच में हर वक्त भारतीय टीम विरोधी पर हावी रही. हम बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग किसी भी क्षेत्र की बात करें तो हम उनके बीस साबित हुए. टीम के पूर्व कप्तान धोनी की प्रशंसा करते हुए विराट ने कहा कि उनके अनुभव का जादू एक बार फिर से देखने को मिला.
इंग्लैंड के भारत दौरे में भी की थी कोहली की मदद
जनवरी में इंग्लैंड टीम जब भारत के दौरे पर थी तो नागपुर टी-20 में कोहली बार-बार धोनी से सलाह लेते नजर आए थे. एक समय तो ऐसा भी आया जब धोनी ने ही फील्डिंग की जमावट की. निश्चित रूप से कोहली को धोनी के अनुभव का लाभ मिला और टीम इंडिया 145 रन के लक्ष्य का बचाव करने में कामयाब रही. इस जीत में गेंदबाजों ने बेजोड़ प्रदर्शन तो किया ही लेकिन धोनी की सलाह को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता.
दरअसल हुआ ये कि पहली पारी में जब द. अफ्रीकी टीम बल्लेबाजी कर रही थी तो मैच के 43वें ओवर में विराट ने जसप्रीत बुमराह को गेंदबाजी सौंपी. उस वक्त धोनी के साथ विराट स्लिप पर मौजूद थे. तभी धोनी ने विराट को सलाह दी कि वह बुमराह की जगह भुवी से गेंदबाजी कराए. विराट ने धोनी की सलाह को बिना किसी नानुकर के स्वीकार कर लिया और फिर भुवी ने उस ओवर में लगातार दो गेंदों पर दो विकेट लेकर अफ्रीकी टीम की बड़े झटके दिए. इससे साउथ अफ्रीका का स्कोर 9 विकेट पर 189 रन हो गया. अफ्रीकी टीम इस ओवर में 5 रन बना सकी. सबसे अहम विकेट मोर्ने मोर्कल का मिला.
मैच में जीत हासिल करने के बाद विराट ने कहा कि ये इस टूर्नामेंट में उनकी टीम के लिए सबसे अहम मुकाबला था. इस मैच में हर वक्त भारतीय टीम विरोधी पर हावी रही. हम बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग किसी भी क्षेत्र की बात करें तो हम उनके बीस साबित हुए. टीम के पूर्व कप्तान धोनी की प्रशंसा करते हुए विराट ने कहा कि उनके अनुभव का जादू एक बार फिर से देखने को मिला.
इंग्लैंड के भारत दौरे में भी की थी कोहली की मदद
जनवरी में इंग्लैंड टीम जब भारत के दौरे पर थी तो नागपुर टी-20 में कोहली बार-बार धोनी से सलाह लेते नजर आए थे. एक समय तो ऐसा भी आया जब धोनी ने ही फील्डिंग की जमावट की. निश्चित रूप से कोहली को धोनी के अनुभव का लाभ मिला और टीम इंडिया 145 रन के लक्ष्य का बचाव करने में कामयाब रही. इस जीत में गेंदबाजों ने बेजोड़ प्रदर्शन तो किया ही लेकिन धोनी की सलाह को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता.
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