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'अभी भी हजारों बकाया हैं', पाकिस्तान के पूर्व कोच जेसन गिलेस्पी ने PCB की खोली पोल

जेसन गिलेस्पी ने पाकिस्तान क्रिकेट और आकिब जावेद की पोल खोलते हुए कहा कि बोर्ड पर अभी भी उनके हज़ारों डॉलर बकाया हैं.

'अभी भी हजारों बकाया हैं', पाकिस्तान के पूर्व कोच जेसन गिलेस्पी ने PCB की खोली पोल
जेसन गिलेस्पी ने पाकिस्तान बोर्ड की पोल खोली

अपने दौर के सबसे सम्मानित गेंदबाज़ों में से एक, जेसन गिलेस्पी ने कुछ समय के लिए पाकिस्तान टेस्ट टीम को कोचिंग दी. हालांकि, राष्ट्रीय टीम के साथ उनका जुड़ाव ऐसे समय में हुआ जब पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) बहुत ही खराब दौर से गुजर रहा था. सपोर्ट स्टाफ और सिलेक्शन कमिटी में बदलाव से लेकर प्लेइंग XI तक, PCB हर छोटी-मोटी मुश्किल पर हार मानने को तैयार दिखता था. गिलेस्पी, जो पाकिस्तान क्रिकेट को उसके सुनहरे दिनों में वापस लाने के लिए दृढ़ थे, उन्होनें कहा कि PCB चेयरमैन मोहसिन नकवी द्वारा आकिब जावेद को चीफ सिलेक्टर बनाए जाने के बाद उनके लिए सब कुछ बदल गया.

गिलेस्पी ने 'द टेलीग्राफ़' को दिए एक इंटरव्यू में कहा, "जावेद की नियुक्ति ने हालात पूरी तरह बदल दिए. उस पल से, पाकिस्तान क्रिकेट के साथ मेरे रिश्ते पूरी तरह बदल गए. आकिब आए और सब कुछ अपने हाथ में ले लिया. मुझे ऐसा लगा कि हर चीज़ की कमान उन्हीं के हाथ में थी." यहां तक कि गिलेस्पी के लिए भी, पाकिस्तान टीम के साथ उनकी भूमिकाएं और जिम्मेदारियां उनके जाने तक बदलती रहीं. उन्होंने कहा कि इस अनुभव ने उन पर व्यक्तिगत रूप से असर डाला:

"मैं टेस्ट टीम की देखरेख, उसका प्रबंधन, खिलाड़ियों और स्टाफ का ध्यान रखने और सिलेक्शन में भूमिका निभाने से लेकर, किसी भी चीज में कोई भूमिका न रहने की स्थिति में आ गया." उन्होंने बताया, "इस पूरे अनुभव ने मेरा उत्साह खत्म कर दिया और मेरा कोचिंग से मन हटा दिया. इसने मुझ पर मानसिक रूप से असर डाला, जिससे मुझे खुद पर शक होने लगा और मैं सोचने लगा कि क्या मैं अभी भी इस खेल से जुड़ा रहना चाहता हूँ."

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व तेज़ गेंदबाज़ ने यह भी बताया कि पाकिस्तान बोर्ड ने अभी तक उनका मुआवज़ा नहीं दिया है और उन्हें अभी भी "हज़ारों डॉलर" मिलने बाकी हैं:

गिलेस्पी ने कहा, "PCB पर अभी भी मेरे हज़ारों डॉलर बकाया हैं, लेकिन मैं कभी भी 'हाँ में हाँ मिलाने वाला' (yes-man) नहीं बनने वाला था. मैं अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं करने वाला था - मैंने अपने पूरे करियर में ऐसा कभी नहीं किया, और निश्चित रूप से मैं बदलने वाला भी नहीं था." "मैं चुप रह सकता था, हर बात मान सकता था और अपनी सैलरी ले सकता था, लेकिन मैं ऐसा नहीं हूँ. मेरे मन के एक कोने में यह बात थी कि शायद कुछ महीनों में मुझे निकाल ही दिया जाएगा."

उन्होंने आगे कहा, "मुझे पता था कि आकिब पर्दे के पीछे से मेरे ख़िलाफ़ साज़िशें रच रहे थे. उनका स्वभाव और काम करने का तरीका ही ऐसा है. पाकिस्तान क्रिकेट से जुड़े लोगों ने मुझे बताया कि आकिब मेरी पीठ पीछे मेरे बारे में बुरा-भला कह रहे थे." "मैं उसके मेरे बारे में नेगेटिव बातें करने से तंग आ चुका हूँ. अगर वह ऐसा करता रहा, तो मैं इसके खिलाफ़ कानूनी कार्रवाई करने के बारे में सोचूँगा."

बेइज्ज़ती और कमज़ोर महसूस कराया गया - जेसन गिलेस्पी

गिलेस्पी ने साफ़-साफ़ कहा कि जावेद ने उनकी "बेइज्ज़ती की और उन्हें कमज़ोर महसूस कराया". जावेद अब PCB में 'डायरेक्टर ऑफ़ हाई परफॉर्मेंस' हैं. "मेरी पूरी तरह से बेइज्ज़ती की गई और मुझे कमज़ोर महसूस कराया गया, और मैं यह बात आकिब जावेद के बारे में कह रहा हूँ. हमारी पहली मीटिंग में, वह बहुत अकड़ और दिखावे के साथ आए, यह दिखाने के लिए कि वही इंचार्ज हैं. उन्होंने कहा: 'हमें यही करना है.' मैंने सुना और ठीक है कहा."

"लेकिन ऐसा होता रहा, और मैंने उनकी कुछ बातों का विरोध भी किया. मुझे उसी पल से लगने लगा था कि यह काम नहीं करेगा क्योंकि उन्होंने पहले ही तय कर लिया था कि उन्हें क्या करना है. कोई तालमेल नहीं होने वाला था."

"आकिब को चेयरमैन और बोर्ड का सपोर्ट था, और इसीलिए उन्हें लगता था कि उन्हें कोई छू नहीं सकता - एक कोच के तौर पर, आपको लगता है कि आपकी अहमियत कम हो रही है," गिलेस्पी ने बताया. "वह मिल-जुलकर काम करने वाले सेलेक्टर चेयरमैन नहीं थे. वह दूसरों के आइडिया, सोच या राय को नहीं मानते. उन्हें शायद लगता हो कि वह मानते हैं, लेकिन असल में नहीं मानते. वह अपनी मर्ज़ी चलाते थे. वह बस वही करते थे जो वह चाहते थे क्योंकि चेयरमैन के साथ उनके करीबी रिश्तों की वजह से उन्हें इसकी इजाज़त थी. ऐसा माहौल नहीं था जिसमें मैं काम करना चाहता था या जिसका हिस्सा बनना चाहता था."

"अभी जो हो रहा है उसे देखकर मुझे बहुत दुख होता है; सब कुछ गड़बड़ है. मैं इसकी असल वजह जानता हूँ. वह आकिब जावेद हैं. वही समस्या हैं, और जब तक वह वहाँ हैं, पाकिस्तान क्रिकेट पीछे ही जाता रहेगा." "चेयरमैन और बोर्ड के लोग डेस्क पर बैठकर कप्तान चुनते हैं; यह बकवास है," गिलेस्पी ने कहा.

"सही कोच लाएं, उन्हें चीज़ों को समझने और सेटल होने का समय दें, और फिर उन्हें कप्तान चुनने दें ताकि वे पाकिस्तान क्रिकेट को फिर से खड़ा कर सकें और आगे ले जा सकें, क्योंकि अभी तो यह कहीं नहीं पहुँच रहा है."

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