उत्तर प्रदेश में कई नए हाइवे और एक्सप्रेसवे बन रहे हैं. यूपी देश का सबसे ज्यादा एक्सप्रेसवे वाला राज्य बन गया है. नए हाइवे के साथ-साथ सरकार कुछ पुराने रास्तों को भी अपग्रेड करके हाईस्पीड कॉरिडोर में बदल रही है. इस बीच यूपी के रायबरेली के लालगंज से बाराबंकी तक 6-लेन हाइवे बनाया जाएगा. इसको यूपी की योगी सरकार ने मंजूरी दे दी है. इस हाईस्पीड कॉरिडोर के बनने के बाद पूर्वी और मध्य यूपी की कनेक्टिविटी आसान हो जाएगी. यह कॉरिडोर लालगंज, महाराजगंज, हैदरगढ़, कोठी और बाराबंकी को जोड़ते हुए लगभग 120 किलोमीटर लंबा होगा. इससे रायबरेली से बाराबंकी महज 1 से डेढ़ घंटे में पहुंचा जा सकेगा वहीं बाराबंकी से लखनऊ की दूरी 30 मिनट में पूरी होगी.
CM योगी के सलाहकार ने दी जानकारी
यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सलाहकार अविनाश अवस्थी ने खुद इसकी जानकारी दी है. उन्होंने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि उत्तर प्रदेश के लिए कनेक्टिविटी का एक नया अध्याय: एक नया हाइवे. लालगंज से बाराबंकी तक प्रस्तावित 120 किलोमीटर लंबा छह-लेन का हाइवे राज्य की राजधानी क्षेत्र में निर्बाध कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा. यह हाइवे एक्सप्रेसवे, राष्ट्रीय राजमार्गों और लगभग 50 प्रमुख सड़कों को आपस में जोड़ेगा. लगभग 1000 करोड़ के निवेश वाला यह प्रोजेक्ट आवागमन को बेहतर बनाएगा, क्षेत्रीय विकास को गति देगा और लगभग 500 गांवों के लिए नए अवसर पैदा करेगा.

तीन सेक्शन में तैयार होगा हाइवे
लालगंज-बाराबंकी 6-लेन हाइवे को तीन अलग-अलग सेक्शन में तैयार किया जाएगा. इसकी कुल लंबाई करीब 120 किमी है. हैदरगढ़ से कोठी होते हुए बाराबंकी तक रास्ता बनाया जाएगा. कोठी और बाराबंकी के बीच बांदा-बहरेाइच मार्ग के एक हिस्से को भी इस 6-लेन कॉरिडोर में शामिल करने का प्रस्ताव है.
- लालगंज से महाराजगंज: करीब 50 KM
- महाराजगंज से हैदरगढ़: करीब 30 KM
- हैदरगढ़ से बाराबंकी (कोठी होकर): करीब 40 किमी
50 सड़कें और 500 गांव जुड़ेंगे
इस सुपर फास्ट हाइवे से लालगंज, महाराजगंज, हैदरगढ़ और बाराबंकी इलाके की करीब 50 बड़ी और छोटी सड़कें जुड़ेंगी. इसके साथ ही यह सड़क करीब 500 गांवों की कनेक्टिविटी आसान करेगी. गांव से शहरों की पहुंच आसान होगी. इससे किसानों को सीधे तौर पर फायदा होगा. कृषि उत्पादों की आसान ढुलाई होगी और बड़े हाइवे नेटवर्क से इसका सीधा संपर्क होगा.
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे समेत इन हाइवे से होगा कनेक्ट
यह 6-लेन कॉरिडोर पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, लखनऊ-सुल्तानपुर हाइवे और बाराबंकी के जरिए लखनऊ-अयोध्या हाईवे नेटवर्क से बेहतर कनेक्टिविटी देगा. इससे लंबी दूरी की यात्रा आसान होगी और कई क्षेत्रों को नई आर्थिक संभावनाएं मिल सकती हैं. पूर्वांचल एक्सप्रेसवे और लखनऊ कनेक्टिविटी होने से आगे आगरा और उसके बाद यमुना एक्सप्रेसवे से दिल्ली-एनसीआर तक का सफर आसान होगा.
लखनऊ को मिलेगा ट्रैफिक से राहत
इस कॉरिडोर के बनने से बाराबंकी, रायबरेली, उन्नाव, पूर्वांचल और बुंदेलखंड की ओर जाने वाले भारी वाहनों को लखनऊ शहर में एंट्री किए बिना वैकल्पिक मार्ग मिल सकेगा. इससे राजधानी में ट्रैफिक दबाव कम करने में मदद मिल सकती है. इस हाइवे के बनने के बाद बाराबंकी से लखनऊ का सफर महज 30 मिनट में पूरा होगा.
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