मौजूदा IPL 2026 पिछले सभी सीज़न से अलग साबित हुआ. इस सीज़न कम से कम 5 स्टार्स ने टी-20 क्रिकेट के आयाम बदल दिये. एक बात को लेकर कोई दो राय नहीं होगी कि मौजूदा टूर्नामेंट का ख़िताब चाहे जो भी टीम कप्तान या खिलाड़ी जीते इसका सबसे बड़ा स्टार वैभव सूर्यवंशी ही रहे हैं. एक नज़र मौजूदा टी-20 लीग के टॉप 5 स्टार खिलाड़ियों पर जिनके गेमचेंजर कारनामों ने टी-20 की शक्ल बदल दी.
सुपर-स्ट्राइकर वैभव सूर्यवंशी
बिहार के समस्तीपुर के 15 साल के वैभव सूर्यवंशी का एक बयान इस सीज़न क्रिकेट एक्सपर्ट्स की भी ज़ुबान पर आ गया, “मैं बॉल को खेलता हूं, बॉलर को नहीं.” वैभव की बैटिंग के चर्चे सिर्फ़ भारत में ही नहीं दुनिया भर के दिग्गज कर रहे हैं. वैभव ने बड़े से बड़े गेंदबाज़ों के ख़िलाफ़ छक्कों की झड़ी लगा दी. वैभव ने 16 मैचों में रिकॉर्ड 72 छक्के और 63 चौके लगाए. उनके 776 में से 684 रन तो सिर्फ़ बाउंड्रीज़ के ज़रिये आए.
दिग्गज सचिन तेंदुलकर ने वैभव को लेकर क्रिकइन्फो के एक फ़ंक्शन में जियोहॉटस्टार पर कहा, “वैभव के बारे में सबसे ख़ास बात ये है उनकी कलाई का खेल. कलाई के खेल की वजह से वो मैदान के हर कोने में रन बना रहे हैं. वो बॉल को स्लॉग नहीं कर रहे वो दूसरे खिलाड़ियों से पहले लाइन और लेंथ पिक कर रहे हैं.”
वैभव ने पिछले सीज़न भी 7 मैचों में 207 के सट्राइक रेट से बैटिंग की तो मौजूदा टी-20 मेगाटूर्नामेंट में इतने रिकॉर्ड बनाए और ऐसा क्रिकेट खेला कि टी-20 की परिभाषा ही बदल गई. वैभव ने इस टूर्नामेंट में सबसे तेज़ 1000 रन के अलावा रिकॉर्ड 72 छक्कों का रिकॉर्ड भी कायम किया. सबसे बड़ी बात, 238 के सुपर स्ट्राइक रेट से खेलते हुए उन्होंने 1 शतक के सहारे 776 रन बना डाले.
सुपर-चेज़र विराट के स्ट्राइक रेट में उछाल
बैंगलोर टीम के नायक 37 साल के विराट कोहली ने भी अपने गेम को बदलते हुए अपने करियर से 30 ज़्यादा यानी 165 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाज़ी करते 600 रन बना डाले और रायपुर में रिकॉर्ड 9वां शतक भी जमा दिया. 37 के विराट कोहली ने साबित कर दिया कि मिलेनियल का स्टार होते हुए भी उनमें GenZ का पावर-तेवर है. विराट ने इस सीज़न अपने स्ट्राइक रेट को 135 से 165 कर दिया. एक शतक के सहारे विराट ने फ़ाइनल से पहले 15 मैचों में 600 रन बना डाले.
प्रिंस गिल का टाइगर अंदाज़
टूर्नामेंट में एक वक्त गुजरात टीम की प्लेऑफ़ की दावेदारी भी मुश्किल मानी जा रही थी. लेकिन टीम इंडिया के प्रिंस शुभमन गिल ने टी-20 वर्ल्ड कप से ड्रॉप किये जाने का जवाब 164 के स्ट्राइक रेट से बैटिंग करते हुए 1 शतक के साथ 700 से ज़्यादा रन बनाकर दे दिया.
क्वालीफ़ायर-2 में राजस्थान के ख़िलाफ़ उन्होंने 200 के स्ट्राइक रेट से शतकीय पारी खेलकर अपनी टीम को फ़ाइनल में पहुंचाने में अहम रोल अदा किया. गिल को टी-20 वर्ल्ड कप से ठीक पहले टीम इंडिया से बाहर किया गया था. गिल ने इस सीज़न अपने स्ट्राइक रेट को बढ़ाकर 142 से 164 कर ला. फ़ाइनल से पहले उन्होंने 15 मैचों में 1 शतक और 6 अर्द्धशतकों के सहारे 722 रन बना डाले. गिल ने एक बार फिर फिर टी-20 टीम इंडिया की लिए दावेदारी मज़बूत कर दी है.
मेरठ के स्विंग कुमार पर नहीं चला बैटर्स का धौंस
जिस टूर्नामेंट में बैटर्स ने सभी गेंदबाज़ों के छक्के छुड़ा दिए, वहां एक स्विंग गेंदबाज़ ने क्रिकेट फ़ैन्स के साथ मास्टर-ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर का भी दिल जीत लिया. टी-20 में ख़ासकर बैटर्स के पक्ष में इतने नियम और हालात बना दिए गए हैं कि किसी भी गेंदबाज़ों की धुलाई आम बात है. लेकिन इन सबके बीच भी भुवनेश्वर कुमार ने 8 की इकॉनमी रखते हुए फ़ाइनल से पहले 26 विकेट अपने नाम कर लिए. बैंगलोर के लिए 36 साल के भुवनेश्वर ने अपनी एक्यूरैसी, सीम-पोज़ीशन और अपनी लाइन-लेंथ से बैटर्स को काबू से बाहर नहीं जाने दिया.
भुवी की तारीफ़ करते हुए सचिन तेंदुलकर कहते हैं, “पिछले सीज़न भुवी का आउट-स्विंगर या इनस्विंगर लंबा होता था. लेकिन इस सीज़न उन्होंने एक अलग वैरिएशन डेवलप की है जिसमें वो ज़्यादा स्ट्रेट बॉलिंग करते रहे हैं. इस सीज़न भुवी की वॉब्लि सीम (हिलती हुई) आ रही है तो बैटर्स को पता नहीं चल पाता कि वो गेंद अंदर आ रही है या बाहर जा रही है. वो बहुत एक्यूरेट लाइन से गेंद डाल रहे हैं.” सचिन भुवी को शाबाशी देते हैं और कहते हैं कि यही उनका सक्सेस मंत्र रहा है.
मिडिल ऑर्डर का किंग बने हेनकिक क्लासेन
इस सीज़न आमतौर पर ओपनर्स या तीसरे नंबर के बैटर्स महफ़िल लूटते रहे. लेकिन दक्षिण अफ़्रीका के प्रिटोरिया एक्सप्रेस हेनरिक क्लासेन ने मिडिल ऑर्डर में अपने बैटिंग के अंदाज़ से सबको दंग कर दिया. क्लासेन कई बार ऑरेंज कैप के भी हक़दार रहे. क्लासेन ने 15 मैचों में 160 के स्ट्राइक रेट से 664 रन बनाकर हैदराबाद की पारियों को बुलंद किये रखा और मिडिलि ऑर्डर के लिए मिसाल भी कायम कर दी.
यह भी पढ़ें: खराब प्रदर्शन के बावजूद ऋतुराज गायकवाड़ की चमकी किस्मत, भारतीय टीम में मिला मौका, बने उपकप्तान
यह भी पढ़ें: 6, 6, 6, 6, 6, 6: कुशल भुर्तेल ने 1 ओवर में लगाए 6 छक्के, नेपाल ने बना दिया वर्ल्ड रिकॉर्ड, VIDEO
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं