RBI ने सीनियर सिटीजन को राहत देते हुए, उनकी पेंशन से जुड़े नियम में बदलाव किया है. हम सभी जानते हैं कि रिटायरमेंट के बाद सीनियर सिटीजन हर महीने मिलने वाली पेंशन पर डिपेंड होते हैं. दवाई से लेकर रोजमर्रा की जरूरतें इसी से पूरी होती है. अमूमन होता क्या है कि बैंक किसी तकनीकी समस्या की वजह से पेंशनर्स के अकाउंट में ज्यादा पैसे भेज देते हैं. फिर बाद में बिना किसी नोटिस या सूचना के एक साथ बड़ा अमाउंट काट लेते हैं. इससे सीनियर सिटीजन को अपनी भविष्य की प्लानिंग करने में दिक्कत होती है. इसी समस्या को देखते हुए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने कहा है कि बैंक अब बिना किसी नोटिस के सीनियर सिटीजन के पेंशन अकाउंट में से पैसे नहीं काट सकते.
क्या है RBI का नया नियम?
दरअसल आरबीआई के नई गाइडलाइन कहती है कि, अब से देश का कोई भी बैंक, किसी सरकार पेंशन होल्डर के अकाउंट से ज्यादा किए गए पेमेंट की अचानक रिकवरी नहीं कर सकता. बैंक को अगर लगता है कि उसने किसी पेंशन होल्डर को ज्यादा पेंशन के पैसे ट्रांसफर कर दिए हैं, तो उस बैंक को रिकवरी करने से पहले एडवांस में नोटिस देना ही होगा. यानी साफ है कि बैंकों को पेंशन के मामले में अपने सिस्टम को अपग्रेड करना ही होगा.
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नोटिस के साथ देनी होगी पूरी डिटेल
सिर्फ नोटिस देने से काम नहीं चलेगा, नए नियमों के अनुसार अब बैंक को बताना होगा कि ये एक्सट्रा पेमेंट क्यों और किस समय में हुआ. इसके अलावा बैंक को पेंशनर्स को पूरी कैलकुलेशन शीट के बारे में भी जानकारी देनी होगी, जिससे ये साबित होगा कि हां, जो बैंक कह रहा है, वो सही है. इतना ही नहीं रिकवरी को लेकर बैंक का क्या प्लान है, ये भी पेंशनर्स को बताना होगा. यानी कब और कितने महीने में ज्यादा हुए पेमेंट की रिकवरी की जाएगी, जिससे सीनियर सिटीजन अकाउंट को मैनेज कर पाएंगे.
सीनियर सिटीजन के लिए बड़ी राहत
कई बार देखा गया कि पेंशनर्स को इस कटे हुए अमाउंट के बारे में जानकारी भी नहीं हो पाती थी. बाद में पासबुक के जरिए पता चलता था कि उस पीरियड में बैंक ने एक साथ पैसा काट लिया था. ऐसे में रिजर्व बैंक के इस फैसले से ना केवल बैंकों की मनमानी रुकेगी, बल्कि सीनियर सिटीजन बैंकों से मिली जानकारी को देखते हुए क्रॉस चेक भी कर सकेंगे.
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