Why LSG become the worst team of the season: IPL 2026 शुरू होने से पहले कागजों पर लखऊन सुपर जांयट्स काफी खतरनाक दिख रही थी. टीम की कमान ऋषभ पंत के हाथों में थी, जिन्हें 27 करोड़ खर्च करके नीलामी में रखीदा गया था, स्क्वॉड में करोड़ों के इंटरनेशनल बल्लेबाज़ थे और कोचिंग स्टाफ अनुभव से भरा हुआ था. लेकिन सीज़न के बीच आते‑आते तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है. लखनऊ पॉइंट्स टेबल में 10वें पायदान पर है. उसने 8 मैच खेले हैं और सिर्फ 6 में उसे जीत मिली है. उसका नेट रन‑रेट -1.106 का है, जो साफ संकेत देता है कि टीम मैच में पिछड़ रही है. ऐसे में सवाल यही है, आखिर ऐसा क्या गलत हुआ कि यह टीम मौजूदा सीजन की सबसे फिसड्डी टीम बन गई?
27 करोड़ी कप्तान, लेकिन रन नहीं
ऋषभ पंत को IPL इतिहास का सबसे महंगा खिलाड़ी बनाकर लखनऊ ने उन पर कप्तानी और बल्लेबाज़ी—दोनों की जिम्मेदारी डाली. लेकिन इस सीज़न में पंत का प्रदर्शन उम्मीदों से काफी नीचे रहा. स्ट्राइक रेट बाकी टॉप‑ऑर्डर बल्लेबाज़ों से कम है. जब कप्तान खुद लय में नहीं होता, तो उसका असर पूरी टीम की मानसिकता पर पड़ता है और लखनऊ के साथ यही होता दिख रहा है. कप्तान पंत ने 8 मैचों में 189 रन बनाए हैं. अगर हैदराबाद के खिलाफ 68 रनों की पारी छोड़ दें तो उनका प्रदर्शन और खराब है. तीन मैचों में वह दहाई का आंकड़ा पार नहीं कर पाए हैं.

निकोलस पूरन: एक्स‑फैक्टर से एक्स‑प्रॉब्लम
21 करोड़ की कीमत के साथ टीम में शामिल हुए निकोलस पूरन को मिडिल और डेथ ओवर्स का सबसे बड़ा हथियार माना गया था. पिछले सीजन यह खिलाड़ी छक्कों का सरताज था. लेकिन इस सीजन पूरन बुरी तरह से फ्लॉप हुए हैं और टीम का मिडिल ऑर्डर बुरी तरह से लड़खड़ा गया है. इस सीजन उन्होंने 8 मैचों में सिर्फ 82 रन बनाए हैं. औसत 10.25 का है, जबकि स्ट्राइक रेट 81.18 का. पूरन इस सीजन सिर्फ 5 चौके और 4 छक्के लगा पाए हैं इन 8 मैचों में. जिस पूरन ने पिछले सीज़न में मैच फिनिश किए थे, वही इस सीज़न में टीम की सबसे बड़ी कमजोरी बन गए.
बड़े विदेशी नाम, लेकिन बड़ा प्रभाव नहीं
लखनऊ ने एडन माक्ररम और मिचेल मार्श जैसे अनुभवी खिलाड़ियों पर भरोसा किया. मार्श ने कुछ मौकों पर रन बनाए, लेकिन निरंतरता नहीं दिखी, जबकि माक्ररम इस सीज़न अभी तक लय खोजते नज़र आए हैं. इन खिलाड़ियों से टीम को वह स्थिरता नहीं मिली, जो एक मजबूत टॉप‑4 टीम की पहचान होती है. माक्ररम ने इस सीजन 8 मैचों में 193 रन बनाए हैं. जबकि मार्श ने 8 मैचों में 212 रन बनाए हैं.

मिडिल ऑर्डर पूरी तरह ध्वस्त
इस सीज़न लखनऊ का मिडिल ऑर्डर उसकी सबसे कमजोर कड़ी रहा है. टॉप‑ऑर्डर जैसे ही आउट होता है, टीम बिखरती नजर आ रही है. लखनऊ ने अनकैप्ड भारतीय युवा बल्लेबाजों पर भरोसा जताया है, लेकिन उन्होंने निराश किया. मुकेश चौधरी ने एक मैच में टीम तो जीत दिलाई थी, लेकिन बाकी मैचों में उन्होंने संघर्ष किया. लखनऊ के बल्लेबाजों ने किस कदर निराश किया है कि किसी टीम के लिए जो लक्ष्य सामान्य नजर आता है, लखनऊ उसमें भी दबाव में दिखती है. नतीजा यह रहा कि लखनऊ कई मैचों में मजबूत स्थिति के बावजूद जीत नहीं निकाल सकी.
एक से अधिक 'कोच'
कोलकाता के खिलाफ सुपर ओवर में मिली हार के बाद लखनऊ के कप्तान ने एक चौंकाने वाला बयान दिया था. पोस्ट मैच प्रेजेंटेशन में पंत से सवाल हुआ था कि आखिरी ओवर में दिग्वेश राठी से बॉलिंग करवाने के पीछे क्या सोच थी? इसका जवाब देते हुए पंत ने कहा था,"क्रिकेट में हमेशा ऐसा समय आता है जब आप एक ही समय में बॉलिंग को थोड़ा टर्न कर सकते हैं. लेकिन कभी-कभी बॉलर्स को मुश्किल ओवर करने पड़ते हैं. और ऐसा भी समय होगा जब मुझे उन्हें बीच के ओवरों में वह देना होगा क्योंकि मैं विकेट ढूंढ रहा था. मुझे बस एक भी विकेट नहीं मिला. इसके पीछे यही सोच थी. और बहुत सारे दिमाग होने से मैदान पर खेलना आसान नहीं होता."
क्या पंत का इशारा टीम के भारी-भरकम कोचिंग स्टाफ की ओर था? जिसमें जस्टिन लैंगर, टॉम मूडी, केन विलियमसन, लांस क्लूजनर और भरत अरुण जैसे दिग्गज शामिल हैं. 48 करोड़ के दो सबसे बड़े चेहरे, ऋषभ पंत और निकोलस पूरन, जब तक फॉर्म में नहीं आते, और टीम कॉम्बिनेशन साफ नहीं होता, तब तक लखनऊ का IPL 2026 अभियान 'वेस्टेड पोटेंशियल' की मिसाल बना रहेगा. सवाल यह है कि क्या लखनऊ अगले सीज़न से पहले सही सबक ले पाएगी?
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