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पटियाला: रेलवे ट्रैक पर विस्फोट, विपक्ष ने पंजाब सरकार को घेरा; NIA कर सकती है जांच 

पटियाला में शंभू‑हरियाणा बॉर्डर के पास रेलवे ट्रैक पर हुए विस्फोट के प्रयास ने पंजाब में सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. घटना के बाद विपक्ष ने मुख्यमंत्री भगवंत मान सरकार को घेरा है और लापरवाही के आरोप लगाए हैं. पुलिस के मुताबिक यह साजिश नाकाम रही, लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए एनआईए जांच की संभावना जताई जा रही है.

पटियाला: रेलवे ट्रैक पर विस्फोट, विपक्ष ने पंजाब सरकार को घेरा; NIA कर सकती है जांच 
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Patiala Railway Track Blast Update: पटियाला जिले में शंभू‑हरियाणा बॉर्डर के पास रेलवे ट्रैक पर हुए विस्फोट के प्रयास ने एक बार फिर पंजाब की कानून‑व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर दिया है. घटना के बाद न सिर्फ रेल यातायात प्रभावित हुआ, बल्कि राज्य की सुरक्षा तैयारियों पर भी गंभीर सवाल उठने लगे हैं. विपक्षी दलों ने इसे बड़ी चूक बताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान सरकार को घेरा है. माना जा रहा है कि इस मामले की जांच अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंपी जा सकती है.

शंभू के पास रेलवे ट्रैक पर धमाका

यह घटना शंभू इलाके में दिल्ली‑राजपुरा रेलखंड पर हुई, जहां मालगाड़ियों के लिए निर्धारित पटरी को विस्फोट से उड़ाने का प्रयास किया गया. विस्फोट इतना तेज था कि पटरी को नुकसान पहुंचा और नीचे एक छोटा गड्ढा बन गया. उस समय एक मालगाड़ी वहां से गुजर रही थी, लेकिन सतर्क लोको पायलट ने तुरंत अधिकारियों को सूचना दे दी, जिससे बड़ा हादसा टल गया.

विस्फोट में संदिग्ध की मौत

पुलिस के अनुसार, विस्फोट के दौरान पटरी उड़ाने में शामिल व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई. मृतक की पहचान तरन तारन जिले के पंजवार गांव निवासी जगरूप सिंह के रूप में की गई है. घटनास्थल से क्षत‑विक्षत शव और एक सिम कार्ड भी बरामद हुआ है, जो जांच का अहम सुराग माना जा रहा है.

सीसीटीवी फुटेज से मिली अहम जानकारी

रेलवे पुलिस की विशेष डीजीपी शशि प्रभा द्विवेदी ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज में संदिग्ध को अमृतसर में अपनी मोटरसाइकिल खड़ी करते हुए देखा गया है. पुलिस अब उसकी गतिविधियों और संपर्कों की कड़ी से जांच कर रही है, ताकि यह साफ हो सके कि वह अकेला था या किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा.

तीन महीने में दूसरी बड़ी घटना

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पिछले तीन महीनों में यह इस तरह की दूसरी घटना है. इससे पहले जनवरी में फतेहगढ़ साहिब जिले के सरहिंद में रेलवे पटरी पर हुए विस्फोट में इंजन क्षतिग्रस्त हो गया था और एक लोको पायलट घायल हुआ था. लगातार हो रही घटनाओं ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है.

एनआईए जांच की मजबूत संभावना

पटियाला के एसएसपी वरुण शर्मा ने संकेत दिए हैं कि यह मामला गंभीर है और इसकी जांच एनआईए को सौंपी जा सकती है. उन्होंने कहा कि राजकीय रेलवे पुलिस, रेलवे सुरक्षा बल, फॉरेंसिक टीम और बम निरोधक दस्ता पूरे मामले की गहराई से जांच कर रहे हैं.

विपक्ष ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

शिरोमणि अकाली दल अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने इस घटना की कड़ी निंदा की. उन्होंने कहा कि खुफिया एजेंसियों से पहले ही खतरे की जानकारी थी, इसके बावजूद कोई ठोस एहतियात नहीं बरती गई. उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान से तुरंत जागने और जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की.

मजीठिया ने कानून‑व्यवस्था पर सवाल

अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने भी सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि बार‑बार हो रही ऐसी घटनाएं इस बात का संकेत हैं कि राज्य में कानून‑व्यवस्था कमजोर होती जा रही है. उनका आरोप है कि सरकार सुरक्षा के बजाय राजनीतिक हितों में ज्यादा व्यस्त है.

कांग्रेस ने भी जताई चिंता

पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने कहा कि बटाला में दो हत्याओं और पटियाला में रेलवे धमाके की कोशिश ने दिन की शुरुआत ही चिंता भरी बना दी. उन्होंने कहा कि पंजाब में बड़ी मुश्किल से बनी शांति अब खतरे में नजर आ रही है और अराजक तत्व इसका फायदा उठा रहे हैं.

विपक्ष का कहना है कि आम आदमी पार्टी की सरकार अपने अस्तित्व को बचाने में ज्यादा लगी है, जबकि आम लोगों की जान‑माल की सुरक्षा पीछे छूट रही है. इन घटनाओं ने एक बार फिर 1980‑90 के दशक जैसे हालात लौटने की आशंका को हवा दे दी है.

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)

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