भारत और वेस्टइंडीज के बीच पांच मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज का तीसरा मुकाबला रविवार को इंदौर के होल्कर क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाना है. दूसरे टी20 में 249 रन बनाने के बावजूद मिली हार के बाद भारतीय टीम इस मुकाबले में जोरदार वापसी करने के इरादे से मैदान पर उतरेगी. हालांकि, पिच की तस्वीरों को देखकर कहना गलत नहीं होगा कि एक बार फिर रनों की बारिश होगी. श्रेयस अय्यर की शतकीय पारी के दम पर पहले मुकाबले में जीत दर्ज करने के बाद भारतीय टीम की नजरें इंदौर में मुकाबला अपने नाम करके सीरीज में बढ़त बनाने की होगी. इंदौर में भारत का टी20 रिकॉर्ड देखें तो टीम इंडिया के लिए यह मुश्किल नहीं होगा.
कैसा है भारत का इंदौर में टी20 रिकॉर्ड
भारतीय टीम ने इंदौर के होल्कर स्टेडियम में अभी तक कुल 4 टी20 इंटरनेशल मुकाबले खेले हैं. इस दौरान टीम को तीन में जीत नसीब हुई है, जबकि सिर्फ एक मैच में हार का सामना करना पड़ा है. यह एक हार भारत को साउथ अफ्रीका के खिलाफ साल 2022 में मिली थी. साउथ अफ्रीका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 3 विकेट खोकर 227 रन बनाए, जिसके जवाब में भारत की पूरी टीम 178 रन बनाकर ऑलआउट हो गई थी.
टीम इंडिया ने इस ग्राउंड पर अपने आखिरी मैच में अफगानिस्तान को साल 2024 में हराया था. अफगानिस्तान को 172 रनों पर समेटने के बाद भारतीय टीम ने लक्ष्य को सिर्फ 15.4 ओवर में 4 विकेट खोकर हासिल कर लिया था. टीम की ओर से यशस्वी जायसवाल ने 34 गेंदों में 68 रनों की दमदार पारी खेली थी, जबकि शिवम दुबे ने 32 गेंदों में नाबाद 63 रन बनाए थे.
टीम इंडिया की फील्डिंग ने बढ़ाई टेंशन
लखनऊ में श्रेयस अय्यर की नाबाद 102 रनों की पारी की बदौलत भारत ने आठ विकेट से जीत हासिल की, जबकि रांची में होप की नाबाद शतकीय पारी ने वेस्टइंडीज को सफल रन-चेज में जीत दिलाई.
मेहमान टीम ने दूसरे टी20 में शुरुआती छह ओवरों में तीन विकेट गंवा दिए थे, लेकिन शाई होप और शेरफेन रदरफोर्ड की पारियों के दम पर उसने 250 रनों के लक्ष्य को हासिल किया. कोच गौतम गंभीर ने बल्ले और गेंद के बीच बेहतर संतुलन की बात कही है, लेकिन इस बात पर जोर दिया कि उनकी टीम को मुश्किल बॉलिंग परिस्थितियों में भी विपक्षी टीम की बैटिंग को रोकने के तरीके खोजने होंगे.
इसके अलावा भारत के लिए फील्डिंग एक बड़ी चिंता का विषय है. 2025 की शुरुआत से T20I में फुल-मेंबर टीमों के बीच उनकी कैचिंग क्षमता सबसे खराब रही है. रांची में शेरफेन रदरफोर्ड के खिलाफ कैच छोड़ने का खामियाजा टीम को भुगतना पड़ा, क्योंकि इस बाएं हाथ के बल्लेबाज ने 37 गेंदों में 84 रन बनाए.
2025 से सभी फुल-मेंबर टीमों में भारत ने सबसे ज्यादा कैच छोड़े हैं (79), संयुक्त रूप से दूसरे सबसे ज्यादा ओवरथ्रो (10) किए हैं, दूसरे सबसे ज्यादा स्टंपिंग के मौके गंवाए हैं (4), दूसरे सबसे ज्यादा रन-आउट के मौके चूके हैं (95) और सबसे ज्यादा बार मिसफील्डिंग (168) की है.
क्या वैभव को मिलेगा मौका?
दूसरे मैच में भले ही टीम इंडिया को हार मिली हो, लेकिन इसकी संभावना काफी कम है कि कोच गंभीर और कप्तान अय्यर प्लेइंग इलेवन में किसी तरह का कोई बदलाव करें. इसके अलावा मेहमान टीम भी बिना किसी प्लेइंग इलेवन के उतर सकती है.
दोनों देशों की संभावित प्लेइंग इलेवन
संभावित एकादश (भारत): अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), ईशान किशन, श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा, शिवम दुबे/नीतीश रेड्डी, नमन धीर, अक्षर पटेल, अर्शदीप सिंह, कुलदीप यादव, मयंक यादव
संभावित एकादश (वेस्टइंडीज): शाई होप (कप्तान और विकेटकीपर), कामिल पूरन, शिम्रोन हेटमायर, रोवमैन पॉवेल, शेरफेन रदरफोर्ड, रोस्टन चेज़, रोमारियो शेफर्ड, गुडाकेश मोती, शमर स्प्रिंगर, अकील होसेन, शमर जोसेफ.
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