
टीम इंडिया की जीत में कप्तान विराट कोहली सहित लगभग सभी ने योगदान दिया (फोटो: BCCI)
नई दिल्ली:
टीम इंडिया ने हैदराबाद टेस्ट में बांग्लादेश के खिलाफ 208 रन की जीत हासिल करके न केवल सीरीज पर कब्जा किया, बल्कि टेस्ट में अपराजेय रहने के अपने रिकॉर्ड को 19 तक पहुंचा दिया है. सबसे बड़ी बात यह कि मैच में टीम एक इकाई के रूप में खेली और लगभग हर खिलाड़ी ने जीत में कुछ न कुछ योगदान दिया. गेंदबाजी और बल्लेबाजी, दोनों में ही टीम ने अच्छा प्रदर्शन किया. सबसे बड़ी बात यह है कि विराट कोहली न केवल कप्तान बल्कि बल्लेबाज के रूप में भी बढ़-चढ़कर प्रदर्शन कर रहे हैं. नजर डालते हैं मैच में शानदार प्रदर्शन कर जीत में अहम भूमिका निभाने वाले 6 प्रमुख खिलाड़ियों पर...
बल्ले से सर्वश्रेष्ठ फार्म में हैं विराट कोहली
कप्तान विराट कोहली को उनके दोहरे शतक के लिए मैन ऑफ द मैच घोषित किया गया. पहली पारी में मुरली विजय और चेतेश्वर पुजारा की शानदार पारियों के बाद यह कोहली ही थे जिन्होंने टीम को 600 रन के पार पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई. अपनी 204 रन (246 गेंद, 24 चौके) की पारी के दौरान विराट ने लगातार चार सीरीज में दोहरा शतक बनाने के कारनामे को अंजाम दिया. दूसरी पारी में भी विराट ने मौके की नजाकत को समझते हुए 38 रन की तेज पारी खेली. इस दौरान उन्होंने केवल 40 गेंदों का सामना कर दो चौके और एक छक्का लगाया.
दोनों पारियों में खूब खेले चेतेश्वर पुजारा
पहली पारी में चेतेश्वर पुजारा भले ही शतक पूरा नहीं कर पाए लेकिन उन्होंने 83 रन की बेहतरीन पारी खेली और पहले विकेट के रूप में राहुल के सस्ते में आउट होने के बाद मुरली विजय के साथ दूसरे विकेट के लिए 178 रन की साझेदारी निभाई. दूसरी पारी में भी जब तेजी से रन जुटाने की जरूरत थी, तब पुजारा ने अच्छे स्ट्राइक रेट के साथ बल्लेबाजी की. वैसे तो पुजारा की छवि विकेट पर लंगर डालकर खेलने वाले बैट्समैन की है, लेकिन दूसरी पारी में उन्होंने नाबाद 54 रन की पारी के लिए महज 58 गेंदें खेलीं और छह चौके, एक छक्का लगाया.
विकेट के आगे और पीछे असरदार रहे ऋद्धिमान साहा
इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज के आखिरी के मैच में चोट के कारण साहा बाहर रहे थे. बांग्लादेश के खिलाफ मिले मौके को उन्होंने अच्छी तरह से भुनाया. पहली पारी में उन्होंने नाबाद शतक जमाया. नाबाद 106 रन की इस पारी से ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अहम सीरीज से पहले उन्हें काफी आत्मविश्वास मिला होगी. विकेट के पीछे भी साहा मुस्तैद नजर आए. उन्होंने दूसरी पारी में तीन कैच लपके.
ओपनर के तौर पर लगातार निखरते जा रहे मुरली विजय
मुरली विजय टीम इंडिया के ओपनर के तौर पर अपना स्थान पुख्ता कर चुके हैं. उनके सबसे बड़ी काबलियत, रक्षात्मक और आक्रामक, दोनों तरह की बल्लेबाजी में महारत हासिल होना है. विजय विकेट पर सेट होने में समय लेने के बाद अपने स्ट्रोक खेलते हैं. पुजारा के साथ साझेदारी के दौरान हालांकि एक बार वे रन आउट होने से बचे, लेकिन इसके बाद उन्होंने विपक्षी गेंदबाजों को अवसर नहीं देते हुए शतक (108 रन )जमाया. चोट से उबरने के बाद टीम में वापसी करने वाले रहाणे ने भी पहली पारी में 84 रन की पारी खेली.
बांग्लादेशी बल्लेबाजों के लिए मुसीबत बने रहे उमेश यादव
पहली पारी में उमेश यादव ने कमाल की गेंदबाजी की. अच्छी गति के साथ गेंदबाजी करने वाले विदर्भ के इस खिलाड़ी ने रिवर्स स्विंग की भी हासिल की. पहली पारी के बाद बांग्लादेश के अनुभवी बल्लेबाज शाकिब अल हसन ने भी माना कि उमेश यादव की गेंदबाजी का सामना करना बेहद मुश्किल भरा रहा. हालांकि उमेश को इस दौरान केवल तीन विकेट मिले लेकिन उन्होंने विपक्षी बल्लेबाजों की कठिन परीक्षा ली. गेंदबाजी के लिहाज से मुश्किल हैदराबाद के विकेट पर बांग्लादेश की पहली पारी को 388 रन पर समेटने में उनकी अहम भूमिका रही.
जोड़ी के रूप में चले आर. अश्विन और रवींद्र जडेजा
अपनी गेंदबाजी से रविचंद्रन अश्विन और रवींद्र जडेजा घरेलू मैदान पर कप्तान कोहली के लिए ट्रंप कार्ड साबित हो रहे हैं. बांग्लादेश की दूसरी पारी के दौरान, इन दोनों ने बांग्लादेशी बल्लेबाजों की परीक्षा ली और सटीक लाइन-लेंथ की गेंदबाजी करते हुए उन्हें गलती के लिए मजबूर किया. दोनों ही गेंदबाजों के खाते में चार-चार विकेट आए. इससे पहले पहली पारी में भी इन दोनों ने दो-दो विकेट हासिल किए थे. व्यक्तिगत प्रदर्शन के लिए लिहाज से अश्विन के लिए यह मैच यादगार रहा और अपने 45वें टेस्ट में ही 250 विकेट हासिल कर महान डेनिस लिली के रिकॉर्ड को बीते जमाने की बात बना दिया.
बल्ले से सर्वश्रेष्ठ फार्म में हैं विराट कोहली
कप्तान विराट कोहली को उनके दोहरे शतक के लिए मैन ऑफ द मैच घोषित किया गया. पहली पारी में मुरली विजय और चेतेश्वर पुजारा की शानदार पारियों के बाद यह कोहली ही थे जिन्होंने टीम को 600 रन के पार पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई. अपनी 204 रन (246 गेंद, 24 चौके) की पारी के दौरान विराट ने लगातार चार सीरीज में दोहरा शतक बनाने के कारनामे को अंजाम दिया. दूसरी पारी में भी विराट ने मौके की नजाकत को समझते हुए 38 रन की तेज पारी खेली. इस दौरान उन्होंने केवल 40 गेंदों का सामना कर दो चौके और एक छक्का लगाया.
दोनों पारियों में खूब खेले चेतेश्वर पुजारा
पहली पारी में चेतेश्वर पुजारा भले ही शतक पूरा नहीं कर पाए लेकिन उन्होंने 83 रन की बेहतरीन पारी खेली और पहले विकेट के रूप में राहुल के सस्ते में आउट होने के बाद मुरली विजय के साथ दूसरे विकेट के लिए 178 रन की साझेदारी निभाई. दूसरी पारी में भी जब तेजी से रन जुटाने की जरूरत थी, तब पुजारा ने अच्छे स्ट्राइक रेट के साथ बल्लेबाजी की. वैसे तो पुजारा की छवि विकेट पर लंगर डालकर खेलने वाले बैट्समैन की है, लेकिन दूसरी पारी में उन्होंने नाबाद 54 रन की पारी के लिए महज 58 गेंदें खेलीं और छह चौके, एक छक्का लगाया.
विकेट के आगे और पीछे असरदार रहे ऋद्धिमान साहा
इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज के आखिरी के मैच में चोट के कारण साहा बाहर रहे थे. बांग्लादेश के खिलाफ मिले मौके को उन्होंने अच्छी तरह से भुनाया. पहली पारी में उन्होंने नाबाद शतक जमाया. नाबाद 106 रन की इस पारी से ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अहम सीरीज से पहले उन्हें काफी आत्मविश्वास मिला होगी. विकेट के पीछे भी साहा मुस्तैद नजर आए. उन्होंने दूसरी पारी में तीन कैच लपके.
ओपनर के तौर पर लगातार निखरते जा रहे मुरली विजय
मुरली विजय टीम इंडिया के ओपनर के तौर पर अपना स्थान पुख्ता कर चुके हैं. उनके सबसे बड़ी काबलियत, रक्षात्मक और आक्रामक, दोनों तरह की बल्लेबाजी में महारत हासिल होना है. विजय विकेट पर सेट होने में समय लेने के बाद अपने स्ट्रोक खेलते हैं. पुजारा के साथ साझेदारी के दौरान हालांकि एक बार वे रन आउट होने से बचे, लेकिन इसके बाद उन्होंने विपक्षी गेंदबाजों को अवसर नहीं देते हुए शतक (108 रन )जमाया. चोट से उबरने के बाद टीम में वापसी करने वाले रहाणे ने भी पहली पारी में 84 रन की पारी खेली.
बांग्लादेशी बल्लेबाजों के लिए मुसीबत बने रहे उमेश यादव
पहली पारी में उमेश यादव ने कमाल की गेंदबाजी की. अच्छी गति के साथ गेंदबाजी करने वाले विदर्भ के इस खिलाड़ी ने रिवर्स स्विंग की भी हासिल की. पहली पारी के बाद बांग्लादेश के अनुभवी बल्लेबाज शाकिब अल हसन ने भी माना कि उमेश यादव की गेंदबाजी का सामना करना बेहद मुश्किल भरा रहा. हालांकि उमेश को इस दौरान केवल तीन विकेट मिले लेकिन उन्होंने विपक्षी बल्लेबाजों की कठिन परीक्षा ली. गेंदबाजी के लिहाज से मुश्किल हैदराबाद के विकेट पर बांग्लादेश की पहली पारी को 388 रन पर समेटने में उनकी अहम भूमिका रही.
जोड़ी के रूप में चले आर. अश्विन और रवींद्र जडेजा
अपनी गेंदबाजी से रविचंद्रन अश्विन और रवींद्र जडेजा घरेलू मैदान पर कप्तान कोहली के लिए ट्रंप कार्ड साबित हो रहे हैं. बांग्लादेश की दूसरी पारी के दौरान, इन दोनों ने बांग्लादेशी बल्लेबाजों की परीक्षा ली और सटीक लाइन-लेंथ की गेंदबाजी करते हुए उन्हें गलती के लिए मजबूर किया. दोनों ही गेंदबाजों के खाते में चार-चार विकेट आए. इससे पहले पहली पारी में भी इन दोनों ने दो-दो विकेट हासिल किए थे. व्यक्तिगत प्रदर्शन के लिए लिहाज से अश्विन के लिए यह मैच यादगार रहा और अपने 45वें टेस्ट में ही 250 विकेट हासिल कर महान डेनिस लिली के रिकॉर्ड को बीते जमाने की बात बना दिया.
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