FIFA वर्ल्ड कप 2026 के शुरू होने से तकरीबन तीन हफ़्ते पहले लंबे जद्दोजहद के बाद आख़िरकार भारतीय फ़ुटबॉल फ़ैन्स के लिए अच्छी ख़बर सामने आ रही है. भारत में फुटबॉल वर्ल्ड कप के प्रसारण को लेकर पर्दे की पीछे लंबी बातचीत आख़िरकार सुखद अंजाम पर पहुंचती दिखाई दे रही है. भारत 2026 FIFA वर्ल्ड कप के प्रसारण अधिकार आधिकारिक रूप से हासिल करने के लिए तैयार नज़र आ रहा है, जिसकी औपचारिक घोषणा अगले हफ्ते होने की उम्मीद की जा रही है.
280-335 करोड़ रुपये की डील
भारत में FIFA वर्ल्ड कप प्रसारण की ये डील 30-35 मिलियन अमेरिकी डॉलर यानी 280 से 335 करोड़ रुपये के बीच बताई जा रही है. भारत को दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते खेल बाजारों में से एक माना जाता है और फ़ीफ़ा के लिए इसे नज़रअंदाज़ करना ख़तरे से खाली नहीं होता.
48 टीमें, 104 मैच
2026 का 23वां फ़ुटबॉल वर्ल्ड कप अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको के 16 शहरों में 11 जून से 19 जुलाई के बीच आयोजित हो रहा है. पहली बार FIFA वर्ल्ड कप में 32 के बजाए 48 टीमें हिस्सा ले रही हैं, जिससे कुल मैचों की संख्या 64 से बढ़कर 104 हो गई है. इसके अब तक का सबसे ज्यादा व्यावसायिक रूप से लाभदायक और सबसे ज्यादा देखा जाने वाला वर्ल्ड कप बनने की उम्मीद है की जा रही है.
भारतीय फ़ुटबॉल का बड़ा और असरदार बाज़ार
अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारतीय फुटबॉल टीम (पुरुष टीम की फ़ीफ़ी रैंकिग 136, महिला टीम की फ़ीफ़ा रैंकिंग 69) राष्ट्रीय टीम के संघर्ष के बावजूद, भारतीय बाजार FIFA के लिए महत्वपूर्ण बना हुआ है. देश में फुटबॉल की लोकप्रियता में जबरदस्त उछाल आया है, जिसकी वजह यूरोपीय लीग्स और FIFA वर्ल्ड कप के लाजवाब टेलीविजन के आंकड़े हैं.
पब्लिक ब्रॉडकास्टर प्रसार भारती ने दूरदर्शन पर प्रसारण को लेकर पहले ही इससे पल्ला झाड़ लिया है. ये हालात तब हैं जबकि पिछली दफ़ा 2022 कतर वर्ल्ड कप के दौरान भारत में सभी प्लैटफ़ॉर्म पर 74.5 करोड़ लोगों ने वर्ल्ड कप का लुत्फ़ उठाया था. इससे ज़्यादा सिर्फ़ चीन में फुटबॉल फ़ैन्स ने वर्ल्ड कप फ़ुटबॉल मैच में बतौर दर्शक भागीदारी की थी. दरअसल टीवी पर वर्ल्ड कप देखनेवालों की फ़ेहरिस्त में भारत दुनिया के टॉप 10 देशों में (तकरीबन 8.4 करोड़) शामिल रहता है.
कोलकाता, कोच्चि, गोवा और बेंगलुरु जैसे शहरों में जुनूनी फुटबॉल फ़ैन्स की बड़ी संख्या है. जबकि, मेट्रो शहरों में युवा दर्शक ग्लोबल स्टार्स और क्लबों को तेजी से फॉलो करते नज़र आते हैं. ग्लोबल लेवल पर FIFA ने कुछ एशियाई क्षेत्रों के लिए ज्यादा लचीली व्यावसायिक रणनीति अपनाई है. एक रिपोर्ट के अनुसार, चीन ने अपने 2026 वर्ल्ड कप अधिकार पिछले साइकिल की तुलना में लगभग 80 % रियायत हासिल किए हैं.
पिछली दफ़ा अपने डिजिटल प्लैटफॉर्म पर फ़ीफ़ा वर्ल्ड कप फ़ुटबॉल के लिए JioCinema 60 मिलियन डॉलर की रकम खर्च की थी. फ़ीफ़ा को उम्मीद थी कि वो भारत में 100 मिलियन डॉलर (तकरीबन 965 करोड़ रुपये) की रकम हासिल कर सकेगा. भारत में फुटबॉल स्ट्रीमिंग की कीमत भी बहुत ज़्यादा नहीं होती है. ज़्यादातर GenZ इंग्लिश प्रीमियर लीग-EPL के मैच देखती तो है लेकिन इसे भी 1500 करोड़ रुपये से कम की कमाई हो पाती है.
देर रात के मैच की वजह से भी डील में मुश्किल
FIFA वर्ल्ड कप टीवी अधिकार यूरोप में सबसे ज्यादा कीमत पर बिकते हैं. विडंबना यह है कि यह प्रसारण डील ऐसे समय में आई है जब भारतीय फुटबॉल खुद हाल के वर्षों के सबसे मुश्किल दौर से गुजर रहा है. यही नहीं अमेरिका-कनाडा-मेक्सिको टाइम ज़ोन से उलट ये मैच आमतोर पर रात 12:30 बजे के बाद ही शुरू होंगे. भारतीय दर्शकों के लिए कामकाज के बीच मैच देखना उतना आसान नहीं होगा क्योंकि वर्ल्ड कप के 104 मैचों (72 लीग, 32 फ़ाइनल सहित नॉआउट) में से सिर्फ़ 14 मैच मध्यरात्रि से पहले शुरू हो पायेंगे. फिर भी ये रिकॉर्ड रहा है कि भारतीय फ़ुटबॉल फ़ैन्स पर वर्ल्ड कप फ़ुटबॉल का फ़ीवर ज़रूर दिखाई देता है और इस बार भी ये सिलसिला नहीं टूटने वाला है.
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