Sunil Gavaskar on Team India's win: पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर (Gavaskar) ने शुक्रवार को भारत की पहले वनडे में अफगानिस्तान के खिलाफ मिली 7 विकेट से जीत को आंकड़ों कहीं आगे का करार दिया है. और यह परिणाम से कहीं ज्यादा मायने रखती है. हालांकि, कई खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन पूर्व भारतीय कप्तान टीम द्वारा व्यक्तिगत उपलब्धियों से ऊपर सामूहिक सफलता को प्राथमिकता देने की इच्छा से सबसे ज्यादा प्रभावित दिखे. रन चेज़ (लक्ष्य का पीछा करने) के अंतिम चरणों का उल्लेख करते हुए गावस्कर ने शुभमन गिल के शतक के बेहद करीब होने के बावजूद केएल राहुल के आक्रामक दृष्टिकोण पर रोशनी डाली.
'राहुल का अंदाज बताता है ड्रेसिंग रूम की संस्कृति'
सनी ने कहा, 'जिया उर रहमान के उस ओवर से पहले उन्होंने तीन ओवरों में केवल 19 रन दिए थे. फिर केएल राहुल ने उस ओवर में 20 रन बटोरे. उस समय तक शुभमन गिल को अपना शतक पूरा करने के लिए 21 रनों की जरूरत थी, जबकि टीम को जीत के लिए करीब 30 रनों की दरकार थी, लेकिन तभी राहुल ने कमान संभाल ली.' गावस्कर ने कहा कि यह बात भारतीय ड्रेसिंग रूम के भीतर की संस्कृति को पूरी तरह बंया करता है. पूर्व कप्तान ने कहा, 'यह बात आपको इस टीम के बारे में सब कुछ बताती है. यह व्यक्तिगत मील के पत्थरों (रिकॉर्ड्स) के बारे में नहीं है. यह इस बारे में है कि प्रत्येक खिलाड़ी टीम के लिए क्या कर सकता है. 23वें ओवर में मैच जीतना यह दिखाता है कि यह रन चेज़ कितना सटीक और बेहतरीन था. यह एक कठिन लक्ष्य था. बिल्कुल भी आसान नहीं था, लेकिन उन्होंने इसे बेहद आसान बना दिया क्योंकि उन्होंने टीम को सबसे ऊपर रखा.' गावस्कर ने नीतीश कुमार रेड्डी के लिए भी विशेष प्रशंसा सुरक्षित रखी, जिनका रहमानुल्लाह गुरबाज़ को आउट करना मुकाबले में एक महत्वपूर्ण मोड़ (टर्निंग पॉइंट) साबित हुआ. पूर्व भारतीय कप्तान गुरबाज़ के शानदार शतक का अंत करने वाले यॉर्कर के सटीक क्रियान्वयन से विशेष रूप से प्रभावित थे.
'नितीश रेड्डी ने दे दिया कप्तान को विकल्प'
खेले इतिहास के सर्वश्रेष्ठ ओपनरों में एक कहे जाने वाले गावस्कर ने कहा, 'नीतीश कुमार रेड्डी ने एक सटीक यॉर्कर के साथ रहमानुल्लाह गुरबाज़ का एक बड़ा विकेट हासिल किया. यदि आप इस तरह से सटीक यॉर्कर डाल सकते हैं, तो आप एक बहुमूल्य संपत्ति बन जाते हैं.' गावस्कर ने ध्यान दिलाया कि नीतीश को तब भी सफलता मिली जब उन्होंने विविधताओं (वेरिएशन्स) को आजमाने के बजाय अपनी यॉर्कर पर भरोसा किया. सनी ने कहा, 'ऑलराउंडर की गेंदबाजी भारत को भविष्य में एक अतिरिक्त रणनीतिक विकल्प देती है. यग मुख्य सीख है. भारत के पास अब नितीश कुमार रेड्डी के रूप में एक ऐसा खिलाड़ी है जो पांचवें या छठे गेंदबाज की भूमिका निभा सकता है. पिच और मैच की स्थिति के आधार पर वह कप्तान और चयनकर्ताओं को लचीलापन (फ्लेक्सिबिलिटी) देते हैं कि मुझे एक बल्लेबाज के रूप में चुनें, मुझे एक गेंदबाज के रूप में चुनें, मैं तैयार हूं' यह किसी भी टीम के लिए एक बहुत बड़ा प्लस पॉइंट है.' गावस्कर ने एक और खिलाड़ी जिसने गावस्कर का ध्यान आकर्षित किया. और यह रहे पहला मैच खेलने वाले गुरनूर बराड़ की भी जमकर तारीफ की.
'गुरनूर में सफल होने के तमाम गुण'
सनी बोले, 'मैं गुरनूर ब्रार से बहुत प्रभावित हुआ. उन्होंने सटीक लाइन और लेंथ पर गेंदबाजी की. उनकी गति अच्छी थी. और उन्होंने गेंद को थोड़ा मूव कराया, बहुत ज्यादा नहीं. आपको डेब्यू पर बहुत अधिक स्विंग की आवश्यकता नहीं होती है. नियंत्रण अधिक महत्वपूर्ण है. एक नवोदित खिलाड़ी के लिहाज से गेंद पर शानदार नियंत्रण था.' गावस्कर का मानना है कि बराड़ में उच्चतम स्तर पर सफल होने के गुण हैं. उनके डेब्यू ने भारत की तेज गेंदबाजी की गहराई को दिखाया है.
उन्होंने कहा, 'उन्होंने जो किया है वह अविश्वसनीय है. वह एक बहुत अच्छे होनहार खिलाड़ी दिखते हैं. उनकी पहली गेंद 140 किमी/घंटा के मध्य के आसपास थी, जो दाएं हाथ के बल्लेबाज से दूर जा रही थी. कोई भी आपको बताएगा कि यदि आप उस गति से गेंदबाजी कर सकते हैं और गेंद को बाहर निकालने की क्षमता रखते हैं, तो वह सोने जैसा (बेहद कीमती) है. इसमें अच्छा नियंत्रण, अच्छी लंबाई (कद), और बल्ले के ऊपरी हिस्से (स्प्लाइस) पर हिट करने की क्षमता जोड़ दें, तो आप उस पहले विकेट के हकदार हैं. उन्होंने इन सभी गुणों को दिखाया. बहुत ही आशाजनक शुरुआत.'
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