विश्व क्रिकेट में ऐसे बहुत कम खिलाड़ी हैं, जिनका विराट कोहली के साथ मैदान के बाहर भी उतना ही गहरा रिश्ता है, जितना कि एबी डिविलियर्स का है. जब से ये दोनों पहली बार मैदान पर मिले, तब से ही वे अच्छे दोस्त बन गए. उनकी दोस्ती तब और भी गहरी हो गई, जब उन्होंने इंडियन प्रीमियर लीग में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लिए एक साथ खेलना शुरू किया. समय के साथ, एक क्रिकेटर और एक इंसान के तौर पर कोहली के लिए डिविलियर्स की प्रशंसा कई गुना बढ़ गई है. लेकिन, यह सच भी है कि जब वे पहली बार मिले थे, तब दक्षिण अफ्रीका के पूर्व कप्तान को भारतीय स्टार खिलाड़ी "घमंडी और अकड़ू" लगे थे.
प्रखर गुप्ता के साथ एक पॉडकास्ट के दौरान, डी विलियर्स से पूछा गया कि जब वे पहली बार कोहली से मिले थे, तो उनके मन में कोहली को लेकर क्या राय बनी थी. जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें सच में कोहली "अहंकारी और घमंडी" लगे थे, तो डी विलियर्स ने जवाब दिया,"हां, और मुझे लगता है कि वह भी इस बात से सहमत होंगे." जब उनसे इसका कारण बताने के लिए कहा गया, तो डी विलियर्स ने बताया कि यह अहंकार असल में कोहली के बहुत ऊंचे आत्मविश्वास की वजह से झलकता था.
Prakhar : “When you first met Virat Kohli, you thought he was cocky and arrogant. Is that true?” AB de Villiers: “Yes. I think he'll agree with that.” “He came across as overly confident. He had a lot to prove when he was younger.” “You need that kind of confidence and self-belief to achieve great success.”
— The Prakhar Gupta Xperience (@pgxpodcast) October 16, 2026
एबी डिविलियर्स ने आगे कहा,"उनमें आत्मविश्वास का स्तर बहुत ऊंचा था और उन्होंने हमेशा इसी तरह से क्रिकेट खेला है. कभी-कभी लोग इसका गलत मतलब निकाल लेते हैं. मेरे मामले में भी ऐसा ही हुआ था. वे बहुत ज़्यादा आत्मविश्वासी लगे थे."
पूर्व दक्षिण अफ्रीकी कप्तान ने आगे कहा,"मेरा मतलब है, यह मेरी पहली राय थी. जब मैं ऐसा कहता हूं तो अक्सर मज़ाक के तौर पर कहता हूं, लेकिन मुझे लगता है कि वह भी इस बात से सहमत होंगे. 19, 20, 21 साल की उम्र में वह एक बहुत ही आत्मविश्वासी युवा थे. शुरुआती दिन थे. बड़ी सफलता हासिल करने के लिए यही ज़रूरी भी है. आपको अपनी क्षमताओं पर पूरा भरोसा होना चाहिए, और समय के साथ आप इसे संभालना सीख जाते हैं."
दक्षिण अफ्रीका के इस महान खिलाड़ी ने आगे बताया कि जैसे-जैसे कोहली खेल में सफलता की सीढ़ियां चढ़ते गए, उनका अहंकार धीरे-धीरे कम होता गया. डिविलियर्स ने आगे कहा,"जैसे-जैसे वह बड़े हुए और एक इंसान तथा एक क्रिकेटर के तौर पर ज़्यादा संतुलित होते गए, उनका वह अहंकार कम होता गया. मुझे लगता है कि जब वह युवा थे, तो उन्हें बहुत कुछ साबित करना था, और बाद में वह बात खत्म हो गई. लोगों के सामने बहुत ज़्यादा आत्मविश्वासी दिखने की जो ज़रूरत उन्हें महसूस होती थी, वह भी बदल गई."
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