Gold Silver Import Duty: सोना और चांदी के दाम आज रॉकेट की रफ्तार से बढ़ रहे हैं. मोदी सरकार ने बुधवार से सोने और चांदी पर आयात शुल्क 6 से बढ़ाकर 15% और प्लैटिनम पर आयात शुल्क 6.4% से बढ़ाकर 15.4% कर दिया गया है. भारत सरकार ने पश्चिम एशिया में संकट की वजह से बढ़ती वैश्विक अनिश्चितता की वजह से देश में आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित करने, विदेशी मुद्रा को संरक्षित करने और गैर-आवश्यक आयात को नियंत्रित करने के लिए सोना, सोना डोर (dore), चांदी, चांदी डोर (silver dore), प्लैटिनम सहित कीमती धातुओं के आयात पर सीमा शुल्क को बढ़ाने का फैसला किया है. वित्त मंत्रालय के सूत्रों ने एनडीटीवी को बताया कि कच्चे तेल के बाजारों और अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में जहाजों की आवाजाही में काफी अस्थिरता है. भारत कच्चे तेल का एक बड़ा आयातक है. ऐसे में तेल-गैस के बढ़ते आयात के साथ कीमतों से आयात बिल बढ़ सकता है, मुद्रास्फीति और चालू खाता घाटा (Current Account Deficit) पर दबाव और बढ़ सकता है.
सरकार के इस फैसले की 4 बड़ी वजहें
1. विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserves)
भारत अपनी सोने की जरूरत का लगभग 88-90% आयात करता है. आयात बढ़ने से डॉलर देश से बाहर जाता है. पीएम मोदी ने हाल ही में अपील की थी कि एक साल तक सोना न खरीदें ताकि देश का विदेशी मुद्रा भंडार मजबूत रहे।
2. रुपये की स्थिरता
सोने के भारी आयात से व्यापार घाटा (Trade Deficit) बढ़ता है, जिससे रुपया कमजोर होता है. आयात शुल्क बढ़ाकर सरकार रुपये को गिरने से बचाना चाहती है.
3. चालू खाते का घाटा
सोने का आयात 2025 में रिकॉर्ड $58.9 बिलियन तक पहुंच गया था. इस खर्च को कम करना सरकार की प्राथमिकता है.
4. मिडिल ईस्ट संकट
ईरान-इजरायल युद्ध जैसी स्थितियों के कारण वैश्विक सप्लाई चेन और ऊर्जा बाजार अस्थिर हैं। ऐसे समय में सरकार विलासिता (Luxury) की वस्तुओं के बजाय जरूरी संसाधनों के लिए फंड बचाना चाहती है.
आयात शुल्क बढ़ने का असर
- कीमतें,घरेलू बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में 9% तक का तत्काल उछाल आएगा क्योंकि लैंडिंग कॉस्ट बढ़ गई है.
- ज्वेलरी सेक्टर,शादियों के सीजन में मांग में कमी आ सकती है। ज्वेलरी कंपनियों के शेयरों और उनके मुनाफे पर अल्पकालिक दबाव दिखेगा.
- एक्सपर्ट्स का मानना है कि ड्यूटी बढ़ने से तस्करी दोबारा बढ़ सकती है, क्योंकि अवैध तरीके से सोना लाने का मुनाफा बढ़ जाता है.
- जो लोग सुरक्षित निवेश के लिए सोना खरीदना चाहते हैं, उनके लिए यह महंगा सौदा होगा
- सरकार अब लोगों को डिजिटल गोल्ड (Sovereign Gold Bond) की ओर प्रोत्साहित करेगी.
राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जरूरी कदम
भारत के पास मौजूद विदेशी मुद्रा संसाधनों (foreign exchange resources) का इस्तेमाल कच्चे तेल, उर्वरक, औद्योगिक कच्चा माल, रक्षा आवश्यकताओं, महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों और कैपिटल गुड्स जैसे आवश्यक वस्तुओं के आयात के लिए प्राथमिकता के तौर पर करना बेहद जरूरी है. ये आयात सीधे तौर पर देश में आर्थिक गतिविधि, खाद्य सुरक्षा, बुनियादी ढांचे, विनिर्माण, निर्यात और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जरूरी हैं.इसके उलट, सोना-चांदी, प्लैटिनम जैसे कीमती धातुओं का मुख्य रूप से उपयोग और निवेश के लिया किया जाता है. इनका आयात करने पर काफी ज़्यादा फॉरेन एक्सचेंज खर्च होता है.
वित्त मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, कीमती धातुओं पर सीमा शुल्क में वृद्धि का उद्देश्य देश में गैर-आवश्यक वस्तुओं के आयात की मांग को कम करना और एक्सटर्नल अकाउंट पर दबाव कम करना है. यह उपाय न तो निषेधात्मक है और न ही उपभोक्ता विरोधी है. यह एक सावधानीपूर्वक लिया गया एक कैलिब्रेटेड हस्तक्षेप है जिसे ऐसे चुनौतीपूर्ण समय में गैर-आवश्यक आयात में मॉडरेशन को प्रोत्साहित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है."
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पीएम मोदी ने दो दिन पहले ही नागरिकों से अपील किया था की वो गैर-जरूरी विदेशी व्यय को कम करने और ईंधन का संरक्षण करने में सक्रिय योगदान दें. सूत्रों के मुताबिक, कीमती धातुओं पर सीमा शुल्क में अंतराष्ट्रीय हालात के अनुसार, बढ़ाया और घटाया जाता रहा है. इसका एक उदाहरण केंद्रीय बजट 2024-25 है, जिसमें सोने और चांदी पर सीमा शुल्क 15% से घटाकर 6% और प्लैटिनम पर 15.4% से घटाकर 6.4% करने का ऐलान किया गया था.
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