Stock Market Today: नए फाइनेंशियल ईयर का पहला कारोबारी दिन यानी 1 अप्रैल 2025 शेयर बाजार के लिए अच्छा नहीं रहा. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नई टैरिफ नीति और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारतीय बाजार लाल निशान में खुले. सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 639.13 अंक गिरकर 76,775.79 तक पहुंच गया, जबकि निफ्टी 180.25 अंक टूटकर 23,339.10 पर आ गया था.
शुरुआती कारोबार के बाद बाजार में बिकवाली तेज हो गई. सुबह 11:28 बजे सेंसेक्स 1,121.99 अंक (1.45%) की तेज गिरावट के साथ 76,292.93 पर और निफ्टी 277.40 अंक (1.18%) गिरकर 23,241.95 पर आ गया.
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ट्रंप टैरिफ के चलते आईटी शेयरों में बिकवाली
शेयर बाजार में गिरावट की वजह 2 अप्रैल से अमेरिका द्वारा अपने ट्रेडिंग पार्टनर देशों पर लगाए जाने वाले जवाबी टैरिफ को माना जा रहा है. बिकवाली का दबाव आईटी शेयरों में देखने को मिल रहा है. शुरुआती कारोबार में, निफ्टी आईटी इंडेक्स 1.37 प्रतिशत फिसल गया है. इसके अलावा, फाइनेंशियल, फार्मा, एफएमसीजी, मेटल, रियल्टी और प्राइवेट बैंक इंडेक्स लाल निशान में हैं. वहीं, ऑटो, पीएसयू बैंक और एनर्जी में हरे निशान में हैं.
अदाणी एंटरप्राइजेज 1 फीसदी से अधिक उछला
हालांकि, अदाणी ग्रुप के लगभग सभी शेयर आज हरे निशान में खुले. शुरुआती कारोबार में फ्लैगशिप कंपनी अदाणी एंटरप्राइजेज 1 फीसदी से अधिक उछाल के साथ ट्रेड कर रहा था. इसके अलावा अदाणी पोर्ट्स में भी 1.44% तेजी देखने को मिली. अदाणी ग्रीन एनर्जी, अदाणी पावर, अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस और अंबुजा सीमेंट भी बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे.
आज के लूजर्स और गेनर्स
सेंसेक्स पर लिस्टेड में इंडसइंड बैंक, एमएंडएम, भारती एयरटेल, पावर ग्रिड, एनटीपीसी, अदाणी पोर्ट्स, नेस्ले, टाटा मोटर्स, एसबीआई, आईटीसी, अल्ट्राटेक सीमेंट और एचयूएल टॉप गेनर्स थे. इन्फोसिस, टीसीएस, बजाज फाइनेंस, एचडीएफसी बैंक, बजाज फिनसर्व, सन फार्मा, एचसीएल टेक और कोटक महिंद्रा बैंक टॉप लूजर्स थे.
बाजार में गिरावट की 3 बड़ी वजहें
1. ट्रंप के नए टैरिफ नियम
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया है कि 2 अप्रैल से सभी देशों पर समान ग्लोबल टैरिफ लागू होगा. इसे उन्होंने "लिबरेशन डे" कहा है. इस फैसले से अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर असर पड़ सकता है, जिससे निवेशक घबराए हुए हैं.
2. वैश्विक बाजारों से कमजोर संकेत
वैश्विक बाजारों में मिलाजुला रुख देखने को मिला. अमेरिका में वॉल स्ट्रीट पर S&P 500 इंडेक्स 0.55% चढ़कर 5,611.85 पर बंद हुआ, जबकि नैस्डैक 0.14% गिरकर 17,299 पर आ गया. हालांकि, डाउ जोंस इंडेक्स 418 अंकों की बढ़त के साथ 42,001.76 पर बंद हुआ. एशियाई बाजारों में मंगलवार सुबह हल्की तेजी थी, लेकिन भारतीय बाजार इससे अलग रुख दिखा रहे हैं.
आरबीआई की मौद्रिक नीति बैठक
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) 7-9 अप्रैल को बैठक करने वाली है. अनुमान लगाया जा रहा है कि आरबीआई रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट की कटौती कर सकता है. साथ ही, FY26 के लिए GDP और महंगाई दर के अनुमान भी पेश किए जाएंगे, जो बाजार के लिए अहम रहेंगे.
वित्त वर्ष 2024-25 में सेंसेक्स-निफ्टी में जबरदस्त तेजी
वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान भारतीय शेयर बाजार में जोरदार तेजी देखने को मिली. पूरे साल सेंसेक्स में 3,763.57 अंकों (5.10%) और निफ्टी में 1,192.45 अंकों (5.34%) की बढ़ोतरी हुई. इससे निवेशकों की संपत्ति में कुल 25.90 लाख करोड़ रुपये का इजाफा हुआ.
हालांकि, वित्त वर्ष के आखिरी कारोबारी दिन 28 मार्च 2025 को बाजार हल्की गिरावट के साथ बंद हुआ था. सेंसेक्स 191.51 अंक गिरकर 77,414.92 पर बंद हुआ था.
बाजार बंद रहने से लंबा वीकेंड
ईद उल-फितर के कारण 31 मार्च को भारतीय शेयर बाजार (BSE और NSE) बंद थे. इससे निवेशकों को तीन दिन का लंबा वीकेंड मिला, क्योंकि 30 और 31 मार्च को पहले से ही शनिवार और रविवार की छुट्टी थी.
आगे क्या करें निवेशक?
- अमेरिकी टैरिफ पॉलिसी पर क्लैरिटी आने तक बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है.
- आरबीआई की पॉलिसी बैठक से पहले बैंकिंग और फाइनेंशियल सेक्टर पर नजर रखना जरूरी होगा.
- लॉन्ग-टर्म निवेशकों के लिए गिरावट खरीदारी का मौका हो सकती है, लेकिन शॉर्ट-टर्म में सतर्क रहने की जरूरत है.
(यह खबर सिर्फ सामान्य जानकारी के लिए है. किसी भी तरह के निवेश से पहले एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें)
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