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Petrol Diesel Price Today: आज 21 मई को पेट्रोल-डीजल के नए रेट जारी, कहां महंगा और कहां सस्ता? टंकी फुल कराने से पहले चेक करें ताजा भाव

Petrol Diesel Price in India Today, May 21: अगर आज आप सफर पर निकलने वाले हैं या गाड़ी की टंकी फुल कराने की सोच रहे हैं, तो अपने शहर का ताजा रेट जरूर चेक कर लें, क्योंकि छोटे बदलाव भी आपकी जेब पर असर डाल सकते हैं.

Petrol Diesel Price Today: आज 21 मई को पेट्रोल-डीजल के नए रेट जारी, कहां महंगा और कहां सस्ता? टंकी फुल कराने से पहले चेक करें ताजा भाव
Petrol Diesel Price Hike: पेट्रोल-डीजल पर केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी पूरे देश में समान होती है.

Petrol Diesel Prices On May 21: अगर आप आज गाड़ी की टंकी फुल कराने की सोच रहे हैं, तो पहले अपने शहर का ताजा रेट जान लेना जरूरी है. 21 मई को देश के कई शहरों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में हल्का बदलाव देखने को मिला है. कहीं पेट्रोल-डीजल महंगा हुआ है, कहीं राहत मिली है, जबकि कई बड़े शहरों में कीमतें स्थिर बनी हुई हैं. ऐसे में जानिए आपके शहर में आज 1 लीटर पेट्रोल और डीजल कितने में मिल रहा है.

इन शहरों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं

बता दें कि तेल कंपनियों ने आज दिल्ली-बेंगलुरु जैसे कई बड़े शहरों में आज भी पेट्रोल-डीजल के दाम में कोई बदलाव नहीं किया है. यहां पुराने रेट पर ही आप टंकी फुल करा सकते हैं.

  • दिल्ली में पेट्रोल ₹98.64 प्रति लीटर और डीजल ₹91.58 प्रति लीटर है.
  • कोलकाता में पेट्रोल ₹109.70 प्रति लीटर और डीजल ₹96.07 प्रति लीटर है.
  • गुरुग्राम में पेट्रोल ₹99.38 प्रति लीटर और डीजल ₹91.88 प्रति लीटर है.
  • बेंगलुरु में पेट्रोल ₹107.16 प्रति लीटर और डीजल ₹95.04 प्रति लीटर है.

इन शहरों में आज पेट्रोल-डीजल हुआ महंगा

  • नोएडा में पेट्रोल 19 पैसे बढ़कर ₹98.65 प्रति लीटर और डीजल 19 पैसे बढ़कर ₹91.93 प्रति लीटर हो गया.
  • भुवनेश्वर में पेट्रोल 21 पैसे महंगा होकर ₹105.33 प्रति लीटर और डीजल 21 पैसे बढ़कर ₹96.91 प्रति लीटर पहुंच गया.
  • तिरुवनंतपुरम में  पेट्रोल 18 पैसे महंगा होकर ₹111.71 डीजल 29 पैसे बढ़कर ₹100.59 प्रति लीटर हो गया. 

इन शहरों में आज पेट्रोल-डीजल हुआ सस्ता

  • चेन्नई में पेट्रोल 35 पैसे घटकर ₹104.57 प्रति लीटर और डीजल 33 पैसे घटकर ₹96.21 प्रति लीटर हो गया.
  • जयपुर में पेट्रोल 30 पैसे सस्ता होकर ₹108.70 प्रति लीटर और डीजल 30 पैसे घटकर ₹93.92 प्रति लीटर पहुंच गया.
  • पटना में पेट्रोल 31 पैसे घटकर ₹109.51 प्रति लीटर और डीजल 28 पैसे सस्ता होकर ₹95.58 प्रति लीटर हो गया.
  • मुंबई में पेट्रोल 4 पैसे घटकर ₹107.55 प्रति लीटर हुआ, जबकि डीजल ₹94.08 प्रति लीटर पर है.
  • चंडीगढ़ में पेट्रोल 2 पैसे घटकर ₹98.10 प्रति लीटर हुआ, जबकि डीजल ₹86.09 प्रति लीटर पर कोई बदलाव नहीं हुआ.
  • हैदराबाद में पेट्रोल 4 पैसे घटकर ₹111.84 प्रति लीटर हुआ, जबकि डीजल ₹99.95 प्रति लीटर पर है.
  • लखनऊ में पेट्रोल 2 पैसे घटकर ₹98.40 प्रति लीटर हुआ, जबकि डीजल ₹91.73 प्रति लीटर पर है.

हर शहर में अलग-अलग क्यों हैं पेट्रोल-डीजल के रेट?

पेट्रोल और डीजल की कीमतें सिर्फ कच्चे तेल (Crude Oil) पर ही निर्भर नहीं करतीं. इसमें रुपया-डॉलर एक्सचेंज रेट, केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी और राज्यों का  वैल्यू एडेड टैक्स (VAT) बड़ा रोल निभाता है. यही वजह है कि लग-अलग राज्यों और शहरों में फ्यूल की कीमतें अलग-अलग होती हैं.

कच्चे तेल में हल्की तेजी, US-Iran डील पर नजर

कच्चे तेल की कीमतों में 21 मई को हल्की तेजी देखने को मिली. ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) 5.6% की पिछली गिरावट के बाद संभलते हुए 105 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर कारोबार करता दिखा, जबकि अमेरिकी बेंचमार्क WTI करीब 99 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रहा. बाजार में यह तेजी उस समय आई जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत अंतिम चरण में है, जिससे सप्लाई को लेकर उम्मीद बढ़ी है. हालांकि हालिया बिकवाली के बावजूद कच्चे तेल के दाम अब भी फरवरी के अंत में शुरू हुए तनाव से पहले के स्तर से 40% से ज्यादा ऊपर बने हुए हैं.

एक्साइज ड्यूटी कट से फ्यूल प्राइस हाइक सीमित

केंद्र सरकार ने एक्साइज ड्यूटी में कटौती और तेल कंपनियों को कुछ नुकसान खुद उठाने के लिए कहकर पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी को 4.4 फीसदी तक सीमित रखा है, जो प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे कम बताई जा रही है. वहीं, घरेलू एलपीजी (LPG) की कीमतों को स्थिर रखा गया है. कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार जाने के बावजूद सरकार ने उपभोक्ताओं पर पूरा बोझ नहीं डाला.

तेल कंपनियों ने उठाया बड़ा नुकसान,सरकार पर भी पड़ा राजस्व का असर

सरकारी तेल कंपनियों ने करीब 24,500 करोड़ रुपये का अंडर-रिकवरी नुकसान झेला, ताकि पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लंबे समय तक स्थिर रखा जा सके. इसके बाद कंपनियों ने दो किस्तों में कुल 3.91 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की, जिसमें पहले 3 रुपये और फिर 91 पैसे की वृद्धि की गई.

एक्साइज ड्यूटी घटाने की वजह से सरकार को करीब 30,000 करोड़ रुपये के राजस्व नुकसान का सामना करना पड़ा. वहीं घरेलू एलपीजी के दाम स्थिर रखने के कारण तेल कंपनियों को अतिरिक्त 40,000 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा.

दुनिया के मुकाबले भारत में बढ़ोतरी कम

दुनिया के कई देशों में कच्चे तेल की कीमत बढ़ने के बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 10% से 90% तक की बढ़ोतरी देखी गई. म्यांमार, मलेशिया, पाकिस्तान और UAE जैसे देशों में पेट्रोल के दाम 50% से ज्यादा बढ़े हैं.

अमेरिका में पेट्रोल करीब 45% और डीजल 48% तक महंगा हुआ है. यूरोप में भी ब्रिटेन, जर्मनी और फ्रांस जैसे देशों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है. वहीं जापान, दक्षिण कोरिया और सिंगापुर में पेट्रोल की बढ़ोतरी 20% से कम रही, लेकिन डीजल के दाम तेजी से बढ़े, जिसमें सिंगापुर में डीजल लगभग 65% तक उछला.

76 दिन बाद बढ़ाए गए दाम

इंडियन ऑयल के अनुसार, पब्लिक सेक्टर ऑयल कंपनियों ने 76 दिनों तक कच्चे तेल की बढ़ती लागत का असर खुद झेला. इसके बाद ही कीमतों में 3.91 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई, ताकि बढ़ती लागत का कुछ हिस्सा रिकवर किया जा सके.

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