Parama Ekadashi 2026: आज यानी 11 जून, गुरुवार को अधिकमास की परमा एकादशी मनाई जा रही है. हिंदू धर्म में एकादशी का व्रत भगवान विष्णु को समर्पित माना जाता है. मान्यता है कि जो भक्त श्रद्धा और नियम के साथ इस दिन व्रत रखते हैं और श्रीहरि की पूजा करते हैं, उन्हें विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है. ऐसे में परमा एकादशी के दिन भक्त सुबह स्नान करके भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा करते हैं, व्रत रखते हैं और उनकी कृपा प्राप्त करने की कामना करते हैं.
वहीं, पूजा-पाठ का समापन आरती के बिना अधूरा माना जाता है. कहा जाता है कि आरती करने से पूजा पूर्ण होती है और भगवान की कृपा भक्तों पर बनी रहती है. ऐसे में अगर आप भी आज परमा एकादशी का व्रत और पूजन कर रहे हैं, तो भगवान विष्णु की आरती अवश्य करें.
Vishnu bhagwan Ki Aarti | विष्णु भगवान की आरती
ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे.
भक्तजनों के संकट क्षण में दूर करे.
जो ध्यावैफल पावै, दुख बिनसेमन का.
सुख-संपत्ति घर आवै, कष्ट मिटे तन का.
ॐ जय जगदीश हरे...
मात-पिता तुम मेरे, शरण गहूं किसकी.
तुम बिन और न दूजा, आस करूं जिसकी.
ॐ जय जगदीश हरे...
तुम पूरन परमात्मा, तुम अंतरयामी.
पारब्रह्म परेमश्वर, तुम सबके स्वामी.
ॐ जय जगदीश हरे...
तुम करुणा के सागर तुम पालनकर्ता.
मैं मूरख खल कामी, कृपा करो भर्ता.
ॐ जय जगदीश हरे...
तुम हो एक अगोचर, सबके प्राणपति.
किस विधि मिलूं दयामय! तुमको मैंकुमति.
ॐ जय जगदीश हरे...
दीनबंधु दुखहर्ता, तुम ठाकुर मेरे.
अपने हाथ उठाओ, द्वार पड़ा तेरे.
ॐ जय जगदीश हरे...
विषय विकार मिटाओ, पाप हरो देवा.
श्रद्धा-भक्ति बढ़ाओ, संतन की सेवा.
ॐ जय जगदीश हरे...
तन-मन-धन और संपत्ति, सब कुछ है तेरा.
तेरा तुझको अर्पण क्या लागे मेरा.
ॐ जय जगदीश हरे...
जगदीश्वरजी की आरती जो कोई नर गावे.
कहत शिवानंद स्वामी, मनवांछित फल पावे.
ॐ जय जगदीश हरे...
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
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