सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा बुधवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने देश के राजमार्ग इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास में शानदार प्रगति करते हुए वित्त वर्ष 2025 में 5,614 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण किया, जो 5,150 किलोमीटर के लक्ष्य से भी अधिक रहा. यह उपलब्धि पूरे भारत में सड़क संपर्क में सुधार के लिए प्राधिकरण की प्रतिबद्धता को दर्शाता है. मंत्रालय के अनुसार, एनएचएआई ने एक वित्त वर्ष में अपना अब तक का सबसे अधिक पूंजीगत व्यय भी दर्ज किया.
वित्त वर्ष 2024-25 में राजमार्ग विकास के लिए कुल व्यय 2,50,000 करोड़ रुपये (अनंतिम) से अधिक हो गया, जो 2,40,000 करोड़ रुपये के लक्ष्य से अधिक है. इसमें सरकारी बजटीय सहायता और एनएचएआई के अपने संसाधन दोनों शामिल हैं. वित्त वर्ष 2023-24 में खर्च किए गए 2,07,000 करोड़ रुपये की तुलना में, व्यय में लगभग 21 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई. वित्त वर्ष 2022-23 की तुलना में यह वृद्धि और भी अधिक महत्वपूर्ण थी, जो 1,73,000 करोड़ रुपये से 45 प्रतिशत अधिक थी.
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धन जुटाने के लिए एनएचएआई ने तीन अलग-अलग तरीकों टोल ऑपरेट ट्रांसफर (टीओटी), इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (आईएनवीआईटी) और टोल सिक्योरिटाइजेशन का इस्तेमाल किया. इन मोनेटाइजेशन प्रयासों के माध्यम से, एनएचएआई ने वित्त वर्ष 2024-25 में 28,724 करोड़ रुपये जुटाए. एक प्रमुख मील का पत्थर अब तक का सबसे अधिक सिंगल-राउंड आईएनवीआईटी प्राप्ति था, जिससे 17,738 करोड़ रुपये प्राप्त हुए.
एनएचएआई विश्व स्तरीय राजमार्गों के निर्माण पर ध्यान केंद्रित करना जारी रखता है, जो भारत की आर्थिक वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने दोहराया है कि ये इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट न केवल सड़क नेटवर्क को मजबूत करेगा बल्कि राष्ट्र की समग्र प्रगति को भी बढ़ावा देगा. इस बीच एनएचएआई ने पिछले महीने जानकारी दी कि उसकी शाखा नेशनल हाईवे इंफ्रा ट्रस्ट (एनएचआईटी) ने लगभग 18,380 करोड़ रुपये का एंटरप्राइज वैल्यू हासिल करते हुए धन जुटाने का अपना चौथा राउंड सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है. 26 मार्च को जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, यह भारत के सड़क क्षेत्र के इतिहास में सबसे बड़ी मोनेटाइजेशन डील है.
एनएचआईटी की स्थापना 2020 में इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (आईएनवीआईटी) के रूप में की गई थी ताकि सरकार को राजमार्ग परिसंपत्तियों के मोनेटाइजेशन में मदद मिल सके। इस लेटेस्ट ट्रांजैक्शन के साथ, सभी चार राउंड में जुटाई गई कुल कीमत 46,000 करोड़ रुपये को पार कर गई है.
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं