मेटा (Meta) में एक बार फिर बड़ा बदलाव आने वाला है. अगर आप घर से काम (Work From Home) कर रहे थे, तो अब थोड़ा अलर्ट हो जाइए. मेटा के CEO मार्क जुकरबर्ग ने साफ संकेत दिए हैं कि अब वर्क फ्रॉम होम का दौर खत्म हो रहा है. इसके साथ ही, कंपनी में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते इस्तेमाल और रीस्ट्रक्चरिंग की वजह से कई कर्मचारियों की नौकरी पर भी खतरा मंडरा रहा है. इससे पहले रॉयटर्स की एक रिपोर्ट ने कर्मचारियों को परेशानी में डाल दिया था, रिपोर्ट के अनुसार अपनी कुल ग्लोबल वर्कफोर्स में से करीब 20% कर्मचारियों की कटौती कर सकती है.
इन-ऑफिस या आउट?
मार्क जुकरबर्ग ने साफ कर दिया है कि अब मेटा में वही कर्मचारी टिक पाएंगे जो ऑफिस आकर काम करेंगे. कंपनी ईयर ऑफ एफिशियेंसी पर फोकस कर रही है, यानी कम समय में ज्यादा और बेहतर काम करना. मेटा का मानना है कि जब लोग आमने-सामने बैठकर काम करते हैं, तो टीमवर्क और काम की क्वालिटी दोनों अच्छी होती है. इसी वजह से अब कर्मचारियों के लिए हफ्ते में कम से कम 3 दिन ऑफिस आना जरूरी कर दिया गया. अगर कोई इस नियम का पालन नहीं करता है, तो उसके परफॉर्मेंस रिव्यू पर बुरा असर पड़ सकता है और लगातार ऐसा करने पर नौकरी जाने का खतरा भी बन सकता है.
AI की एंट्री और 8,000 नौकरियों पर तलवार!
मेटा में हो रहे बदलावों का सबसे बड़ी वजह अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) बन गया है. कंपनी अपना ज्यादा ध्यान और पैसा AI बनाने और सुधारने में लगा रही है. इसी वजह से चर्चा है कि मेटा खर्च कम करने और काम को ऑटोमैटिक करने के लिए करीब 8,000 कर्मचारियों की छंटनी कर सकती है. यानी पहले जो काम इंसानी इंजीनियर करते थे, अब वही काम AI मशीनें और सॉफ्टवेयर करने लगेंगे. इसलिए जो लोग अपने स्किल्स को अपडेट नहीं कर रहे हैं, उनके लिए ये एक बड़ा खतरा है.
क्या सिलिकॉन वैली का गोल्डन एरा खत्म हो गया?
पहले टेक कंपनियों की पहचान फ्री खाना, शानदार ऑफिस और घर से काम की आजादी हुआ करती थी. लेकिन अब हालात बदल रहे हैं. पिछले कुछ समय में मेटा, गूगल और अमेजन जैसी बड़ी कंपनियों ने लगातार छंटनी की है, जिससे साफ हो गया है कि कंपनी के लगातार प्लान बदल रहे हैं. अब कंपनियां सीधे मुनाफे और काम की क्वालिटी पर फोकस कर रही हैं. इसके साथ ही, AI का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है, जिससे भविष्य में वही लोग सेफ रहेंगे जो नई टेक्नोलॉजी, खासकर AI टूल्स, सीख चुके हैं. इसके अलावा, अब धीरे-धीरे घर से काम खत्म होता जा रहा है और कर्मचारियों के लिए ऑफिस आकर काम करना जरूरी बनता जा रहा है.
आगे क्या?
मेटा के इस फैसले के बाद पूरी टेक इंडस्ट्री में हलचल मच गई है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि मेटा को देखकर बाकी छोटी-बड़ी टेक कंपनियां भी धीरे-धीरे वर्क फ्रॉम होम को खत्म कर सकती हैं. अब सभी की नजर इस बात पर है कि जुकरबर्ग का AI-फर्स्ट और ऑफिस-ओनली वाला ये नया तरीका मेटा को आगे कितना फायदा पहुंचाता है. साथ ही ये भी देखना होगा कि ये बदले हुए फैसले कहीं कंपनी के लिए नई परेशानी ना बन जाए.
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