फेसबुक की पैरेंट कंपनी Meta एक बार फिर बड़े स्तर पर छंटनी करने जा रही है. कंपनी इसी बुधवार को अपने करीब 10% कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाने की तैयारी में है. AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर बढ़ते फोकस के बीच मेटा अब अपनी टीम और काम करने के तरीके में बड़े बदलाव कर रही है.
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, Meta की चीफ पीपल ऑफिसर जेनेल गेल ने कर्मचारियों को भेजे गए एक इंटरनल मेमो में इस रीकंस्ट्रक्चरिंग प्लान की जानकारी दी है.
इस साल 20% कर्मचारियों की जा सकती है नौकरी
रिपोर्ट के अनुसार, मार्क जुकरबर्ग की अगुवाई वाली कंपनी इस साल के अंत तक अपनी कुल ग्लोबल वर्कफोर्स में से करीब 20% कर्मचारियों की कटौती कर सकती है. फिलहाल कल यानी बुधवार को होने वाली छंटनी इस बड़े प्लान का पहला बड़ा स्टेज मानी जा रही है.
बता दें कि Meta ने मार्च के अंत तक करीब 77,986 कर्मचारियों को रोजगार दिया हुआ था. कंपनी पहले ही 6,000 ओपन जॉब रोल्स बंद कर चुकी है.
AI पर फोकस, बदल रहा Meta का स्ट्रक्चर
कंपनी अब AI वर्कफ्लो और AI एजेंट्स को अपने प्रोडक्ट्स और इंटरनल ऑपरेशंस का बड़ा हिस्सा बनाना चाहती है. इसी वजह से हजारों कर्मचारियों को नई AI आधारित टीमों और प्रोजेक्ट्स में शिफ्ट किया जा रहा है.
जेनेल गेल ने मेमो में कहा कि कई टीमों ने अपने नए स्ट्रक्चर में “AI native design principles” को शामिल किया है, जिससे छोटी और तेज टीमों के जरिए काम को ज्यादा तेजी और ऑनरशिप के साथ किया जा सके.
मैनेजमेंट रोल्स में भी कटौती
Meta सिर्फ कर्मचारियों की संख्या कम नहीं कर रही, बल्कि कंपनी मैनेजमेंट रोल्स को भी घटाने की तैयारी में है. रिपोर्ट के मुताबिक करीब 7,000 कर्मचारियों को नए AI इनीशिएटिव में ट्रांसफर किया जाएगा.इसके साथ ही कई विभागों में ऑर्गेनाइजेशनल बदलाव का भी ऐलान किया जाएगा.
कर्मचारियों को WFH का निर्देश
रिपोर्ट के मुताबिक Meta ने नॉर्थ अमेरिका के कर्मचारियों से बुधवार को घर से काम (Work From Home) करने के लिए कहा है. माना जा रहा है कि इसी दिन प्रभावित कर्मचारियों को नोटिस भेजे जा सकते हैं.
AI की वजह से बढ़ रहीं टेक सेक्टर में छंटनियां
Meta की यह छंटनी ऐसे समय में हो रही है जब अमेरिका की कई बड़ी टेक कंपनियां AI इन्वेस्टमेंट बढ़ाने के साथ वर्कफोर्स कम कर रही हैं. AI ऑटोमेशन और ऑपरेशनल एफिशिएंसी के चलते टेक सेक्टर में जॉब घटाने का ट्रेंड लगातार बढ़ता दिख रहा है.एक्सपर्ट का मानना है कि आने वाले समय में AI एडॉप्शन के साथ कंपनियों का आर्गेनाइजेशनल स्ट्रक्चर तेजी से बदल सकता है.
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