विज्ञापन

IDBI Bank Sale: IDBI बैंक के निजीकरण के बाद क्या-क्या बदलेगा? ग्राहकों के लिए क्या रहेगा पहले जैसा?

IDBI Bank Privatization: बैंक का मालिकाना हक बदलने के बाद भी आपकी FD, लोन, EMI और बचत खाते पर कोई बुरा असर नहीं पड़ेगा. RBI की सख्त निगरानी और ₹5 लाख तक का डिपॉजिट इंश्योरेंस पहले की तरह जारी रहेगा.

IDBI Bank Sale: IDBI बैंक के निजीकरण के बाद क्या-क्या बदलेगा? ग्राहकों के लिए क्या रहेगा पहले जैसा?
IDBI Bank Sale : IDBI बैंक के निजीकरण के बाद भी ग्राहकों की जमा पूंजी पूरी तरह सुरक्षित रहेगी और लोन-बैंकिंग के नियम पहले जैसे ही चलते रहेंगे.

IDBI Bank Sale: IDBI बैंक में हिस्सेदारी बिकने की खबर के बाद ग्राहकों के मन में जमा पैसे, लोन और बैंकिंग सर्विस को लेकर कई तरह के सवाल हैं. हालांकि, राहत की बात यह है कि मालिकाना हक बदलने से बैंकिंग से जुड़े नियम रातों-रात नहीं बदलेंगे. सरकार और RBI ने साफ किया है कि ग्राहकों के पैसे पूरी तरह सुरक्षित रहेंगे .बैंक पर RBI की निगरानी जारी रहेगी. लोन के मौजूदा नियम पहले की तरह ही लागू रहेंगे.यहां आसान शब्दों में समझते हैं कि IDBI बैंक के निजीकरण के बाद आपकी जेब और रोजमर्रा की बैंकिंग पर इसका क्या असर पड़ेगा..

जमा पैसे और EMI का क्या होगा?

बैंक में जमा रकम पर पहले की तरह डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन (DICGC) के तहत प्रति जमाकर्ता, प्रति बैंक अधिकतम ₹5 लाख तक का इंश्योरेंस कवर रहेगा. यह कवर लागू नियमों और शर्तों के मुताबिक मिलता है. लोन लेने वाले ग्राहकों को भी फिलहाल अपनी EMI और भुगतान की मौजूदा शर्तों के अनुसार चलते रहना होगा. जब तक बैंक औपचारिक रूप से किसी बदलाव की जानकारी नहीं देता, तब तक पुराने लोन समझौते लागू रहेंगे.

सरकार और LIC के पास IDBI की कितनी हिस्सेदारी बचेगी?

फेयरफैक्स के साथ प्रस्तावित सौदे में IDBI बैंक की 60.72% हिस्सेदारी बेची जानी है. यह डील पूरा होने के बाद केंद्र सरकार के पास 15% और भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के पास 19% हिस्सेदारी रहेगी.

जन धन सहित ये सरकारी योजनाएं रहेंगी जारी

प्राइवेट सेक्टर का बैंक होने के बावजूद IDBI बैंक को प्राथमिकता वाले सेक्टर को लोन देने का लक्ष्य पूरा करना होगा. इसके तहत बैंक को अपने एडजस्टेड नेट बैंक क्रेडिट या संबंधित रेगुलेटरी आधार के कम से कम 40% के बराबर कर्ज प्राथमिकता वाले सेक्टर में देना होता है. बैंक प्रधानमंत्री जन धन योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना और अटल पेंशन योजना जैसी योजनाओं से भी जुड़ा रहेगा. इसके अलावा प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत छोटे कारोबारियों को कर्ज और GeM Sahay के जरिए पात्र सूक्ष्म एवं छोटे कारोबारों को डिजिटल वर्किंग कैपिटल फाइनेंसिंग देने जैसी पहल जारी रहने की उम्मीद है.

ग्राहकों को क्या फायदा हो सकता है?

IDBI बैंक के निजीकरण (Privatization) से बैंक को ज्यादा पैसा, नई टेक्नोलॉजी और बेहतर बैंकिंग एक्सपीरियंस मिलेगा, जिससे ग्राहकों को अच्छी सर्विस मिल सकती है. हालांकि, बैंक का मालिकाना हक भले बदल जाए लेकिन नया मालिक आने के बाद भी ग्राहकों के जमा पैसे पर RBI की निगरानी और बीमा सुरक्षा (Insurance) पहले की तरह ही रहेगी. आपके मौजूदा लोन के नियमों और ब्याज पर अचानक इसका सीधा असर नहीं पड़ेगा.

यह भी पढ़ें | IDBI बैंक का निजीकरण: 16 हजार कर्मचारियों का क्‍या होगा, ग्राहकों पर क्‍या असर? 10 सवाल-जवाब में पूरी जानकारी

यह भी पढ़ें | IDBI Bank Sale: ₹52,878 करोड़ की मेगा डील पक्की होने के बाद भी 7% क्यों टूटा IDBI बैंक का शेयर? जानिए वजह

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
IDBI Bank Deal, IDBI Bank Sale, IDBI Deal, IDBI Bank Privatization
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com