जनवरी से अगस्त के बीच इस साल करीब 11 करोड़ लोगों ने हवाई सफर किया. सस्ते-महंगे टिकट लेकर खूब पैसे खर्च किए जो एयरलाइन कंपनियों की झोली में गए. लेकिन पैसेंजर्स की परेशानियां दूर नहीं हुईं. करीब 2 करोड़ यात्री या तो फ्लाइट कैंसिल होने के चलते परेशान रहे या फिर लेटलतीफी के चलते.
DGCA के ताजा आंकड़ाें के मुताबिक, देश के घरेलू विमानन क्षेत्र में यात्रियों की संख्या में इस साल मामूली गिरावट दर्ज की गई है. जनवरी से अगस्त 2026 के बीच घरेलू एयरलाइंस ने करीब 11.05 करोड़ यात्रियों को सफर कराया. पिछले साल इसी अवधि में ये आंकड़ा 11.07 करोड़ था. यानी सालाना आधार पर यात्री संख्या 0.18% कम रही.
अगस्त में जुलाई के मुकाबले यात्री संख्या में 6.34% की मासिक गिरावट दर्ज की गई.
अकासा एयर की फ्लाइट्स रही हाउसफुल
अगस्त में एयरलाइंस के पैसेंजर लोड फैक्टर यानी उपलब्ध सीटों में कितनी सीटें भरीं, के मामले में Akasa Air सबसे आगे रही. उसका लोड फैक्टर 87.6% रहा, हालांकि जुलाई में ये 94.9% था.
इसके बाद स्पाइसजेट (SpiceJet) 79.9%, इंडिगो (IndiGo) 79.2% और एयर इंडिया ग्रुप (Air India Group) 77% पर रहा. Fly91 का लोड फैक्टर 75% रहा. स्टार एयर (Star Air) 73.6% और अलायंस एयर (Alliance Air) 58.8% पर रहा. इंडिया वन (IndiaOne Air) का लोड फैक्टर 47.5% रहा, जो जुलाई के 44.5% से बेहतर था.
SpiceJet की सबसे ज्यादा फ्लाइट कैंसिल
अगस्त में फ्लाइट कैंसिलेशन के मामले में SpiceJet सबसे आगे रहा. एयरलाइन की 20.92% उड़ानें रद्द हुईं. इसके बाद IndiaOne Air 10.60% और Alliance Air 4.58% पर रहे.
Fly91 का कैंसिलेशन रेट 1.35%, एयर इंडिया ग्रुप (Air India Group) का 1.14%, स्टार एयर का 0.90%, इंडिगो का 0.33% और अकासा एयर का सिर्फ 0.07% रहा.
कैंसिलेशन की सबसे बड़ी वजह तकनीकी खराबी रही. कुल रद्द उड़ानों में इसका हिस्सा 50.2% था. इसके बाद परिचालन कारण 20.4%, अन्य कारण 17.4% और मौसम से जुड़ी वजहें 8.5% रहीं.
1.39% उड़ानें 2 घंटे से ज्यादा लेट
DGCA के मुताबिक अगस्त में करीब 1.39% उड़ानें 2 घंटे से ज्यादा देरी से चलीं. इसमें SpiceJet की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा रही. एयरलाइन की 48.05% उड़ानें 2 घंटे से ज्यादा लेट हुईं.
इसके बाद Fly91 3.46%, Alliance Air 2.47% और Air India Group 1.29% पर रहे. Star Air 0.70%, Akasa Air 0.45% और IndiGo 0.44% पर रहा. IndiaOne Air की कोई उड़ान 2 घंटे से ज्यादा लेट नहीं हुई.
2,132 शिकायतें, सबसे बड़ी समस्या बैगेज की
अगस्त में एयरलाइंस के खिलाफ कुल 2,132 शिकायतें दर्ज हुईं. शिकायतों में सबसे बड़ा हिस्सा बैगेज से जुड़ी समस्याओं का रहा, जिसकी हिस्सेदारी 29.5% बताई गई. एयरपोर्ट प्रदर्शन में चेन्नई एयरपोर्ट 94.3% के साथ आगे रहा, जबकि कोचीन एयरपोर्ट 80.2% के साथ सबसे नीचे रहा.
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