8th pay commission: देश के लाखों सरकारी कर्मचारी और पेंशन होल्डर्स 8वें वेतन आयोग का इतंजार कर रहे हैं. अब उनके लिए एक खुश होने की रिपोर्ट सामने आई है. दरअसल ऑल इंडिया एनपीएस एम्प्लॉइज फेडरेशन के अनुसार साल 2027 केंद्रीय कर्मचारियों के लिए खास रह सकता है, माना जा रहा है कि अप्रैल 2027 से कर्मचारियों के बैंक अकाउंट में बढ़ी हुई सैलरी पिछले साल के एरियर के साथ क्रेडिट हो जाएगी. चलिए इस खबर में आपको बताते हैं कि संगठनों ने क्या कहा है और एरियर का क्या समीकरण होने वाला है.
8वां वेतन आयोग 2027 में क्यों मिलेगा?
जैसा आप जानते हैं कि हर 10 साल में सरकार नए वेतन आयोग का गठन करती है. ये ही आयोग कर्मचारियों की सैलरी से लेकर भत्ते और पेंशन को रिव्यू कर एक रिपोर्ट सरकार को सौंपते हैं. पिछला वेतन आयोग 1 जनवरी 2026 से लागू हुआ था. यानी अब 8वां वेतन आयोग 1 जनवरी 2026 से लागू हो जाना चाहिए. अभी की रिपोर्ट्स और ऑल इंडिया एम्प्लॉइज फेडरेशन के अनुसार आयोग को सरकार की तरफ से सिफारिशें सौंपने का समय मई 2027 तक मिला है. ऐसे में अगर आयोग जल्दी अपना प्रोसेस पूरा कर लेता है तो अप्रैल 2027 से बढ़ी हुई सैलरी और एरियर कर्मचारियों को मिलना शुरू हो जाएगा.
कर्मचारी संगठन लगातार कर रहे बड़ी मांगें
आम लोगों से लेकर सरकारी कर्मचारी इस समय बढ़ती महंगाई से परेशान हैं. मिडिल ईस्ट में चल रहे टेंशन के बीच कच्चे तेल की कीमतें आसमान पर पहुंच रही हैं, जिसका असर देश में के पेट्रोल-डीजल और गैस की कीमतों पर साफ हो रहा है. ऐसे में कर्मचारी यूनियन की तरफ से आयोग पर प्रेशर है कि जल्द से जल्द वो अपनी सिफारिशें सरकार को दे दे, जिससे कुछ हद तक इस महंगाई से राहत मिल सके.
फिटमेंट फैक्टर और मिनिमम सैलरी की बात
8वें वेतन आयोग (8th pay commission) की सबसे बड़ी यूएसपी फिटमेंट फैक्टर है. इसके जरिए ही कर्मचारियों की बेसिक सैलरी बनाई जाती है. मतलब साफ कि जितना ज्यादा ये फैक्टर होगा उतना ही सैलरी में इजाफा देखने को मिलेगा. 7वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.57 गुना था, जिससे मिनिमम सैलरी 18 हजार रुपये तय हुई थी. अभी तक जितनी भी मीटिंग आयोग ने अलग-अलग सेक्टर के कर्मचारियों, संगठनों के साथ की है, उसमें फैक्टर को 3 गुना या इससे ऊपर ले जाने की डिमांड रखी गई है.
कितना आएगा सैलरी में उछाल?
ऐसे में मान लीजिए कि सरकार फिटमेंट फैक्टर को 3 गुने पर फिक्स करती है. तो जो अभी मिनिमम बेसिक सैलरी 18 हजार रुपये है वो सीधे 21,600 रुपये हो सकती है. एक बात यहां ये गौर करने वाली है कि ये सिर्फ बेसिक सैलरी का अनुमान है. डीए, एचआरए और दूसरे भत्ते भी बढ़ेंगे, जिससे कुल सैलरी में और ज्यादा फायदा होगा.
एरियर का क्या होगा?
फिटमेंट फैक्टर के जैसे ही एरियर का सवाल कर्मचारियों के लिए बड़ा मुद्दा है. सवाल यही है कि मान लीजिए आयोग का ऐलान या इसका भुगतान साल 2027 में होता है तो साल 2026 के 12 महीनों का क्या होगा? तो यहां आपको एक खुशखबरी दे दें कि भले ही बढ़ी हुई सैलरी कभी भी आए पर ये नियम 1 जनवरी 2026 से ही लागू माना जाएगा. यानी इतने महीनों का एरियर कर्मचारियों को मिलेगा. 15 महीनों का पूरा बकाया लंप सम एरियर के रूप में दिया जाएगा. हालांकि एक साथ इतना पैसा मिलने से हो सकता है आपका टैक्स स्लैब बदल जाए.
पेंशनर्स ने उठाईं बड़ी मांगें
सरकारी कर्मचारियों के साथ देश के लाखों पेंशन होल्डर्स ने भी अपनी मिनिमम पेंशन जो अभी 9 हजार रुपये है, उसे बढ़ाकर 20 हजार रुपये करने की मांग रखी है. इसके साथ कर्मचारी संगठन यूपीएस यानी यूनिफाइड पेंशन स्कीम के बदले पुरानी पेंशन स्कीम को बहाल करने की डिमांड कर रहे हैं. ये देखना होगा कि आयोग यूपीएस को लेकर हुई मांग को अपनी सिफारिशों में कितनी जगह देता है.
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