विज्ञापन

8th Pay Commission: सैलरी-पेंशन एक तरफ, प्रमोशन पर MACP के इस फॉर्मूले से केंद्रीय कर्मचारियों की लग जाएगी लॉटरी 

8th Central Pay Commission MACP Scheme: केंद्रीय कर्मचारियों के तो दिन ही फिर जाएंगे, किस्‍मत चमक जाएगी, अगर आठवां वेतन आयोग इस 10-20-30 वाले इस फॉर्मूले और सुझाव को अपनी सिफारिशों में शामिल कर ले. कैसे, ये अंदर जानिए.

8th Pay Commission: सैलरी-पेंशन एक तरफ, प्रमोशन पर MACP के इस फॉर्मूले से केंद्रीय कर्मचारियों की लग जाएगी लॉटरी 
8th Central Pay Commission से MACP पर कर्मचारियों की क्‍या मांगें हैं?
NDTV इंडिया ग्राफिक्‍स

8th Pay commission 5 MACP upgrade demands of Employees: केंद्रीय आठवें वेतन आयोग की चेन्नई और पुडुचेरी में हुई मीटिंग के बाद अब चंडीगढ़ मीटिंग की बारी है. 16 से 18 सितंबर तक चंडीगढ़ में 8th CPC की मीटिंग होनी है. इसमें चंडीगढ़, हरियाणा और पंजाब के साथ-साथ हिमाचल प्रदेश के कर्मचारी-पेंशनर्स संगठन भी सैलरी, पेंशन, भत्ते, हेल्‍थ स्‍कीम जैसी सुविधाओं पर अपने सुझाव रखने वाले हैं. इनमें एक महत्‍वपूर्ण मुद्दा MACP स्‍कीम अपग्रेड का भी है. MACP यानी Modified Assured Career Progression के तहत कर्मचारियों को फाइनेंशियल अपग्रेडेशन दिया जाता है. 

AINPSF के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष डॉ मंजीत पटेल ने NDTV से बातचीत में कहा, 'सीधे शब्‍दों में कहें तो MACP को भले ही पद का प्रोमोशन नहीं मानें, लेकिन केंद्रीय कर्मी के पे-स्‍केल का 'प्रमोशन' जरूर मान सकते हैं. यानी उसे ऊपरी पे-स्‍केल के बराबर सैलरी और सुविधाएं मिलने लगती है.'  जस्टिस रंजना देसाई की अध्‍यक्षता वाला 8वां केंद्रीय वेतन आयोग अगर कर्मचारी संगठनों के इस सुझाव को अपनी सिफारिशों में जगह देता है, तो ये कर्मचारियों की 'लॉटरी' लगने जैसा होगा. 

दरअसल, केंद्रीय कर्मचारियों के लिए करियर में आगे बढ़ना केवल प्रमोशन मिल जाने से तय नहीं होता. कई कर्मचारी वर्षों तक एक ही कैडर और पद पर काम करते रहते हैं, लेकिन उन्हें प्रमोशन नहीं मिल पाता. ऐसे ही कर्मचारियों को आर्थिक तौर पर राहत देने के लिए 8वें वेतन आयोग के सामने MACP फॉर्मूले में बदलाव का प्रस्ताव रखा जा सकता है. 

चूंकि 8वां वेतन आयोग MACP स्कीम में बड़े बदलाव के प्रस्तावों की समीक्षा कर रहा है, इसलिए केंद्रीय कर्मचारी संगठन करियर में ठहराव को रोकने के लिए 5 फाइनेंशियल अपग्रेड और प्रमोशन वाले पे-स्केल की मांग कर रहे हैं. आयोग केंद्र सरकार के लिए अपनी अंतिम सिफारिशें तैयार करने से पहले इन सुझावों पर विचार करेगा. 

MACP में सुधार को लेकर क्‍या है नया प्रस्ताव?

प्रस्ताव को लेकर डॉ पटेल ने समझाया कि प्रमोशन से वंचित कर्मचारियों को 10, 20 और 30 साल की सेवा पूरी करने पर प्रमोशन के बराबर वित्तीय लाभ की मांग की जा रही है. MACP के तहत कर्मचारी को सेवा के दौरान फाइनेंशियल अपगेडेशन दिया जाता है. 

प्रस्‍तावित सुझाव के अनुसार, अगर कोई कर्मचारी एक ही कैडर में बिना प्रमोशन के 10 साल पूरा कर ले, तो उसे एक प्रमोशन के बराबर वित्तीय लाभ दिया जाना चाहिए. इसके बाद फिर 20 और 30 साल की सेवा पूरी होने पर दूसरा और तीसरा MACP लाभ दिए जाने की मांग  सकता है. इस तरह पूरे सेवाकाल में अधिकतम तीन MACP लाभ मिलेंगे.

Latest and Breaking News on NDTV

प्रमोशन मिला, लाभ नहीं, तो होगी भरपाई! 

इस प्रस्ताव में उन कर्मचारियों के लिए भी MACP लॉस कंपनसेशन बेनिफिट(MLCB) की बात कही गई है, जिन्हें LDCE या Seniority-cum-Selection के जरिए प्रमोशन तो मिल जाता है, लेकिन प्रमोशन के कारण उनका कोई MACP लाभ छूट जाता है. ऐसे कर्मचारियों को हर 10 साल की पूरी केंद्रीय सरकारी सेवा के बदले सैलरी में एक इंक्रीमेंट के बराबर लाभ दिया जा सकता है. हालांकि ये लाभ केवल छूटे हुए MACP लाभ की भरपाई के लिए होगा, ताकि कर्मचारी को एक ही सेवा अवधि के लिए दोहरा फायदा न मिल जाए.  

ये भी पढ़ें: रेलकर्मियों के लिए बनेंगी 5 मंजिला बिल्डिंग, मिलेंगे 2BHK-3BHK फ्लैट, लिफ्ट, पार्किंग, पावर बैकअप भी, ये है रेलवे का प्‍लान

MACP पर अलग-अलग संगठनों ने दिया अलग-अलग फॉर्मूला  

मौजूदा फ्रेमवर्क के तहत, MACP स्कीम केंद्र सरकार के सेवारत कर्मचारियों को सेवा के 10, 20 और 30 साल पूरे होने पर 3 फाइनेंशियल अपग्रेड देती है. कर्मचारी संघों का तर्क है कि ये फ्रेमवर्क सीनियरिटी या बढ़ी हुई जिम्मेदारियों को उचित रूप से पुरस्कृत नहीं कर पाता. लंबे समय तक एक ही पद या एक ही पे-स्‍केल पर ठहराव को दूर करने और कर्मचारियों का मनोबल बढ़ाने के लिए संगठनों ने 5 बार की मांग की है.

  1. मिनिस्टीरियल स्टाफ एसोसिएशन (सर्वे ऑफ इंडिया): इस संगठन ने 8, 15, 22, 28 और 32 साल पर पांच फाइनेंशियल अपग्रेड का प्रस्ताव दिया है. उनका जोर इस बात पर है कि MACP स्केल केवल तत्काल पे-मैट्रिक्स स्तर के बजाय अगले प्रमोशन वाले पद के अनुरूप होने चाहिए.
  2. फेडरेशन ऑफ नेशनल पोस्टल ऑर्गनाइजेशन्स (FNPO): वहीं दूसरी ओर FNPO ने 6, 12, 18, 24 और 30 साल पर पांच अपग्रेड की सिफारिश की है. साथ ही ये भी कहा है कि प्रमोशन लेने से इनकार करने पर MACP के लाभ में देरी नहीं होनी चाहिए या उन्हें खत्म नहीं किया जाना चाहिए.
  3. नेशनल काउंसिल-JCM स्टाफ साइड: कर्मचारी-पेंशनर संगठनों के संयुक्‍त मोर्चे NC-JCM ने 30 साल के करियर के दौरान 5 फाइनेंशियल एडवांसमेंट और प्रमोशन के क्रम (पदानुक्रम) के साथ एकीकरण की मांग की है. 
  4. रेलवे सीनियर सिटिजन्स वेलफेयर सोसाइटी (RSCWS): इस संगठन ने इस बात पर जोर दिया गया कि अपग्रेड के बीच मौजूदा 10 साल का अंतर उन कैडर के कर्मचारियों पर बहुत बुरा असर डालता है, जहां प्रमोशन के मौके सीमित हैं. 

AINPSEF के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष डॉ मंजीत सिंह पटेल के अनुसार, इस प्रस्ताव का उद्देश्य प्रमोशन व्यवस्था को बदलना नहीं, बल्कि लंबे समय तक प्रमोशन न मिलने या प्रमोशन के कारण MACP लाभ छूट जाने की स्थिति में कर्मचारियों को संतुलित आर्थिक लाभ देना है. प्रस्ताव के समर्थकों का तर्क है कि इससे प्रमोशन की सीमित संभावनाओं वाले कैडर में काम कर रहे कर्मचारियों को निष्पक्ष प्रगति का अवसर मिलेगा. इससे कर्मचारियों का मनोबल बढ़ सकता है, करियर में ठहराव की भावना कम हो सकती है और कार्यक्षमता बेहतर हो सकती है. 

ये भी पढ़ें: BRICS देश बना लें कॉमन करेंसी तो बदल जाएगी दुनिया की तस्‍वीर लेकिन एक्‍सपर्ट बता रहे इसे 'टेढ़ी खीर'

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
8th Pay Commission, 8th Pay Commissio Salary Hike, 8th Pay Commission Pay Matrix Revision, MACP Benefits Revision, Central Employees Salary News
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com