देशभर के 1.19 करोड़ से आठवें वेतन आयोग के लागू होने का इंतजार है. 3 नवंबर 2025 को सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में गठित आयोग को 18 महीनों में सिफारिशें सौंपनी होती है, इस लिहाज से आयोग के पास 8 महीने से भी कम समय रह गए हैं. फिलहाल स्टेकहोल्ड कंसल्टेशन का चरण चल रहा है और हाल ही में चेन्नई और चंडीगढ़ में आयोग की बैठकें हुई हैं. अब 7-8 अक्टूबर 2026 को बेंगलुरु, जबकि 22-23 अक्टूबर 2026 को मुंबई में बैठकें होनी है. इस बीच अलग-अलग संगठन फिटमेंट फैक्टर, सैलरी-पेंशन जैसे बिंदुओं पर अलग-अलग अनुमान लगा रहे हैं. दूसरी ओर कुछ संगठन आपस में बैठक कर
कुछ संगठनों की मांग, नेशनल काउंसिल JCM की स्टाफ साइड से मेल खा रही हैं तो कुछ संगठनों की मांग BPMS यानी भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ की मांग से मेल खा रही है. वहीं दूसरी ओर एक तबका ऐसा भी है, जो ये मानकर चल रहा कि सरकार, शायद बहुत ज्यादा फिटमेंट फैक्टर स्वीकार न करे, बल्कि इसे 2.10 तक सीमित रखे. अगर ऐसा हुआ तो सैलरी में 31% तक की बढ़ोतरी की संभावना बनेगी.
आइए, ऐसे में एक बार फिर समझ लेते हैं कि NC-JCM स्टाफ साइड और BPMS की क्या मांगें हैं. ये भी कैलकुलेशन देख लेते हैं कि अगर फिटमेंट फैक्टर 2.10 फीसदी ही रह जाए तो लेवल 1 से 18 तक सैलरी कितनी बढ जाएगी.
सबसे पहले जानिए, कानपुर से क्या मांग उठी
कानपुर में रविवार को राष्ट्रीय सुरक्षा कर्मचारी महासंघ की कार्यकारिणी की बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा हुई. कटहरी बाग स्थित राष्ट्रीय मुख्यालय में देश भर से आए पदाधिकारियों ने रक्षा कर्मचारियों और पेंशनर्स से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की. इसमें पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली के लिए संघर्ष तेज करने के साथ-साथ आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों को सेवारत कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए जल्द लागू करने की पुरजोर मांग उठाई गई.
इसके साथ ही, ऑर्डिनेंस फैक्ट्रीज के निगमीकरण का कड़ा विरोध जताया. संगठन ने डिफेंस प्रॉडक्शन सेक्टर को पूरी तरह सरकारी नियंत्रण में रखने और कर्मचारियों का वेतन सीधे सरकारी खाते से दिए जाने की मांग की गई. महासंघ ने रक्षा प्रतिष्ठानों में खाली पड़े पदों पर बहाली, ठेकेदारी सिस्टम खत्म करने के अलावा मृतक कर्मियों के आश्रितों को 100% नौकरी दिए जाने का मुद्दा भी उठाया गया.
अब जान लेते हैं कि नेशनल काउंसिल JCM की स्टाफ साइड और भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ यानी BPMS ने अलग-अलग मांगें रखी हैं. सबसे जरूरी बात ये है कि ये फिलहाल कर्मचारी संगठनों के प्रस्ताव हैं. 8वें वेतन आयोग ने अभी न्यूनतम वेतन, फिटमेंट फैक्टर या इंक्रीमेंट को लेकर कोई अंतिम फैसला नहीं किया है.
NC-JCM की मांग: 3.833 फिटमेंट फैक्टर और 69,000 न्यूनतम वेतन
नेशनल काउंसिल JCM की स्टाफ साइड ने अपने ज्ञापन में न्यूनतम मूल वेतन 69,000 रुपये करने और 3.833 फिटमेंट फैक्टर की मांग की है. NC-JCM की 14 अप्रैल 2026 के ज्ञापन में यही बात मेंशन है.
संगठन ने इसके लिए भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद यानी ICMR के मानकों के आधार पर रोजाना 3,490 कैलोरी भोजन की मासिक लागत को आधार बनाया है. इसके अलावा कपड़े, आवास, ईंधन और परिवार की दूसरी जरूरी जरूरतों को भी गणना में शामिल किया गया है.
BPMS की मांग: 72,000 बेसिक पे और 4.00 फिटमेंट फैक्टर
वहीं, दूसरी ओर भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ यानी BPMS ने 16 अप्रैल 2026 के ड्राफ्ट ज्ञापन में न्यूनतम बेसिक पे 72,000 रुपये और 4.00 फिटमेंट फैक्टर का प्रस्ताव दिया है.
BPMS ने अपनी मांग के समर्थन में प्रति व्यक्ति आय में बढ़ोतरी का हवाला दिया है. संगठन के मुताबिक, प्रति व्यक्ति आय 2016-17 में 1,03,219 रुपये थी, जो 2024-25 में बढ़कर 1,92,774 रुपये हो गई. यानी इसमें करीब 86.76% की बढ़ोतरी हुई है.
परिवार का आकार 5 यूनिट करने की मांग
दोनों संगठनों की कुछ मांगें एक जैसी भी हैं. दोनों ने 8वें वेतन आयोग में परिवार का आकार 7वें वेतन आयोग के 3 यूनिट से बढ़ाकर 5 यूनिट करने का प्रस्ताव दिया है. इसमें कर्मचारी, जीवनसाथी, दो बच्चे और माता-पिता को शामिल करने की बात कही गई है.
3% से बढ़ाकर 6% इंक्रीमेंट की मांग
वार्षिक इंक्रीमेंट को लेकर भी दोनों संगठनों का प्रस्ताव समान है. मौजूदा 3% वार्षिक वेतन वृद्धि को बढ़ाकर 6% करने की मांग की गई है.
पे-लेवल को लेकर अलग प्रस्ताव
NC-JCM ने लेवल 2 और 3, 4 और 5, 7 और 8 तथा 9 और 10 को मर्ज करने का सुझाव दिया है. साथ ही लेवल 5 के कर्मचारियों को सीधे लेवल 6 में प्रमोट करने की मांग रखी है.
दूसरी ओर, BPMS ने लेवल 1 पर 72,000 रुपये से लेकर लेवल 18 पर 10 लाख रुपये तक के वेतन ढांचे का प्रस्ताव दिया है.
यानी दोनों संगठनों की मांगों का आधार अलग है. NC-JCM ने जीवन-यापन की लागत और कैलोरी आधारित गणना को आधार बनाया है, जबकि BPMS ने प्रति व्यक्ति आय में बढ़ोतरी को अपनी मांग का आधार बनाया है. अब इन प्रस्तावों के बीच अंतिम फैसला 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों पर निर्भर करेगा.
क्या 31 फीसदी वेतन बढ़ोतरी से करना होगा संतोष?
8वें वेतन आयोग में 3.833 फिटमेंट फैक्टर का प्रस्ताव दे चुके संगठन AINPSF यानी ऑल इंडिया NPS फेडरेशन को आशंका है कि आयोग ज्यादा फिटमेंट फैक्टर की सिफारिश न करे. संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ मंजीत पटेल ने पिछले दिनों 2.10 फिटमेंट फैक्टर पर भी कैलकुलेशन कर अपने सदस्यों की राय मांगी थी. पटेल ने 100 रुपये के मूल वेतन पर सातवें वेतन आयोग और आठवें वेतन आयोग के लिए कैलकुलेशन सामने रखा था. उनका आकलन बताता है कि सैलरी और पेंशन में 31.25% बढ़ोतरी हो सकती है.
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