बिहार के मुजफ्फरपुर शहर को अब विश्व बैंक से बड़ी सौगात मिलने जा रही है, और उसके सहयोग से पूरे मुजफ्फरपुर जिले को तकनीकी सुविधाओं से लैस किया जाएगा. शहर पर्यटक स्थल के रूप में विकसित होगा. विश्व बैंक की टीम ने रविवार को नगर निगम और स्मार्ट सिटी लिमिटेड के अधिकारियों के साथ मुजफ्फरपुर शहर में चल रही विकास योजना का स्थल निरीक्षण किया.
परियोजनाओं पर चर्चा की
मुजफ्फरपुर पहुंची विश्व बैंक की टीम ने सिकन्दरपुर में स्थित लेकफ्रंट का निरीक्षण किया. लेक-1 के समीप छोटे पार्क लेक-टू के समीप आधुनिक एक्वेरियम, धोबी घाट के पास गरीबों के लिए आवासीय परिसर का निर्माण, मरीन ड्राइव के पास वाटर फाउंटेन और लेजर शो को देखा. फिर विश्व बैंक की टीम दादर पुल से गुजरने वाली बूढ़ी गंडक नदी का निरीक्षण कर प्रस्तावित रिवरफ्रंट परियोजना पर विस्तार से चर्चा की.
विकास को एक नई गति मिलेगी
विश्व बैंक की टीम के दौरे पर नगर आयुक्त रीतू राज प्रताप सिंह ने बताया गया की लेक फ्रंट और रिवरफ्रंट जैसी परियोजना मुजफ्फरपुर के विकास को एक नई गति देगी. इस योजना से जहां एक तरफ शहर तमाम तकनीकी सुविधाओं से लैस होगी, वहीं दूसरी तरफ पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, जिससे लोगों को सार्वजनिक और बेहतर स्थल उपलब्ध होगा.
क्या है शहरी परिवर्तन कार्यक्रम
बिहार के अलग-अलग शहरों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने को लेकर बिहार सरकार ने एक प्रमुख पहल की है, जिसे विश्व बैंक से 4740 करोड़ रुपये की मिलने वाली राशि से लागू किया जा रहा है. इस योजना का मुख्य उद्देश्य शहर को स्वच्छ और तकनीकी सुविधाओं से लैस करने के साथ-साथ जल आपूर्ति सिवरेज स्वक्षता और अन्य योजनाओं में व्यापक सुधार लाना शामिल है.
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