- स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता की पहली बैठक में गजब की तकरार देखने को मिली
- कतर के PM अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के पास से बिना सलाम-नमस्ते किए आगे बढ़ गए, जबकि वेंस हाथ बढ़ाए रह गए
- ईरान के विदेश मंत्री भी लेट पहुंचे, जेडी वेंस से हाथ मिलाना तो दूर, साथ फोटो खिंचाए बिना कमरे से बाहर निकल गए
दुनिया की नजरें अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली ऐतिहासिक शांति वार्ता पर थीं. कई लोगों को उम्मीद थी कि स्विट्जरलैंड में कैमरों के सामने शांति वाला मूड दिखेगा और बातचीत की अच्छी शुरुआत होगी. लेकिन बैठक शुरू होने से पहले ही कुछ ऐसे वीडियो सामने आए जिन्होंने पूरी चर्चा का माहौल बदल दिया. एक तरफ कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के पास से बिना सलाम-नमस्ते किए आगे बढ़ गए, जबकि वेंस हाथ बढ़ाए रह गए. दूसरी तरफ ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के नेतृत्व वाले ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने भी सख्त संदेश देते हुए अमेरिकियों के साथ फोटो खिंचवाने से इनकार कर दिया. अराघची बैठक में आए भी लेट और तुरंत निकल भी गए. शांति वार्ता शुरू होने से पहले ही इन कूटनीतिक संकेतों और असहज पलों ने बता दिया कि बातचीत की राह आसान नहीं होने वाली है.
स्विट्जरलैंड में क्या हुआ?
रविवार को अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधि 60 दिनों की वार्ता की पहली बैठक के लिए स्विट्जरलैंड आए हुए थे. साथ में मध्यस्थ कतर और पाकिस्तान के प्रतिनिधि भी थी. बैठक स्थल के स्वागत क्षेत्र में अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस अन्य अधिकारियों के साथ मौजूद थे. तभी कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी वहां पहुंचे.
वीडियो में दिखाई दिया कि शेख मोहम्मद सीधे जेडी वेंस की ओर बढ़ने के बजाय आगे निकल गए. उन्होंने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख आसिम मुनीर से गर्मजोशी से मुलाकात की, उनसे हाथ मिलाया और गले भी मिले. लेकिन जेडी वेंस की तरफ देखा भी नहीं, जबकि वेंस हाथ मुस्कान के साथ बढ़ाते दिखाई दिए.
This was humiliation. No one in modern history has made America wait and beg for negotiations. This was the moment JD Vance should have returned to Washington. The Islamic regime did this on purpose. Trump, if you don't understand politics, you should at least understand… pic.twitter.com/NVWAxr8NMH
— Amjad Taha أمجد طه (@amjadt25) June 21, 2026
ईरान भी सख्त
इस मौके पर केवल यही घटना चर्चा का विषय नहीं बनी. वार्ता शुरू होने से पहले ईरान के प्रतिनिधिमंडल ने भी सख्त रुख दिखाया. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची और मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बाकर गालिबाफ ने अमेरिकी अधिकारियों के साथ फोटो खिंचवाने (ज्वाइंट फोटो सेशस) से इनकार कर दिया. बाद में सामने आए वीडियो में अब्बास अराघची उस कमरे में जाते दिखाई दिए, जहां जेडी वेंस के साथ अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के मेंबर स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर मौजूद थे. अराघची ने वहां शहबाज शरीफ से हाथ मिलाया और उन्हें गले लगाया, लेकिन कुछ ही देर बाद कमरे से बाहर चले गए.
इस वीडियो में दिखा कि अराघची के आने से पहले शहबाज शरीफ और मुनीर हाथ बांधें इंतजार में खड़े थे. फिर अराघची आते हैं और शहबाज से मिलकर निकल जाते हैं. वीडियो में नजर आता है कि जब यह बात जेडी वेंस को पता चलती है तो उनके चेहरे पर एक अलग भाव दिखता है. वेंस फिर शहबाज और मुनीर के पास जाकर उनसे बात करते हैं.
ईरान के सरकारी मीडिया ने कहा कि ज्वाइंट फोटो सेशस में शामिल न होने का फैसला एक सोचा-समझा और जानबूझकर उठाया गया कदम था. बैठक के अंदर भी माहौल ज्यादा सहज नहीं रहा. ईरानी मीडिया के अनुसार, चर्चा शुरू होने के लगभग 80 मिनट बाद ईरान का प्रतिनिधिमंडल बैठकर छोड़कर चला गया. रिपोर्ट में कहा गया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नई धमकियों के बाद ऐसी स्थिति बनी. हालांकि अच्छी बात रही कि बैठक का पहला दौर पूरा हो गया और दोनों पक्ष 60 दिन में अंतिम समझौते के रोडमैप पर सहमत हो गए. बैठक के पहले दौर का क्या नतीजा निकला, यह जानने के लिए आप नीचे दिए लिंक पर क्लिक करें.
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