- बिहार सरकार ने 28 अगस्त को IAS नीलिमा साहू समेत 6 अफसरों के तबादले किए हैं.
- नीलिमा साहू ने UPSC औरCGPSC की परीक्षाओं में इंटरव्यू तक पहुंचने के बाद भी अंतिम चयन नहीं पाया था
- बिहार कैडर की आईएएस नीलिमा साहू का जन्म छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के मतवारी गांव में हुआ.
Success Story Bihar: बिहार सरकार ने 28 अगस्त को आईएएस नीलिमा साहू समेत भारतीय प्रशासनिक सेवा के छह अफसरों के तबादले किए हैं. बिहार कैडर में 2021 बैच की आईएएस नीलिमा साहू को उप विकास आयुक्त-सह-मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी जिला परिषद नवादा के पद से स्थानांतरित कर स्वास्थ्य विभाग, पटना में संयुक्त सचिव के पद पर तैनात किया गया है.
नीलिमा साहू की सफलता की कहानी बेहद प्रेरणादायी है. वह यूपीएससी और सीजीपीएससी की परीक्षाओं में दो बार इंटरव्यू तक पहुंची थीं, लेकिन अंतिम रूप से उनका चयन नहीं हो सका था. इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी. फिर उन्होंने बिहार लोक सेवा आयोग की परीक्षा दी और पहले ही प्रयास में सफल होकर बिहार प्रशासनिक सेवा में शामिल हो गईं.
नीलिमा साहू की शिक्षा व परिवार
नीलिमा साहू का जन्म छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के मतवारी गांव में हुआ. वह पांच भाई-बहनों में तीसरे नंबर पर हैं. उनकी शुरुआती पढ़ाई गांव में ही हुई. 10वीं के बाद उन्होंने आंध्र प्रदेश के गुंटूर स्थित नवोदय विद्यालय से 11वीं और 12वीं की पढ़ाई की. साल 2000 में उन्होंने शासकीय डिग्री कॉलेज, रायपुर से बीएससी की डिग्री प्राप्त की और सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी के लिए दिल्ली चली गईं. उन्होंने UPSC और CGPSC की परीक्षाएं दीं. दोनों बार वह इंटरव्यू तक पहुंचीं, लेकिन अंतिम चयन सूची में नाम नहीं आ सका. यह वह पड़ाव था जहां बहुत से अभ्यर्थी अपना लक्ष्य बदल देते हैं, लेकिन नीलिमा ने अपना लक्ष्य नहीं बदला; उन्होंने सिर्फ रास्ता बदला और अंततः कामयाबी हासिल की. नीलिमा साहू के पिता भैया लाल साहू एक सेवानिवृत्त हेडमास्टर हैं, जबकि उनकी मां ढेलेश्वरी साहू गृहिणी हैं.नीलिमा के पति अमूल्य कुमार व्यवसायी हैं. उनका बेटा अगस्त्य कुमार दसवीं कक्षा में और बेटी अनाया पांचवीं कक्षा में पढ़ाई कर रही है.

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BPSC में पहले ही प्रयास में मिली सफलता
UPSC और CGPSC में सफलता न मिलने के बाद नीलिमा ने BPSC की परीक्षा दी. पहले ही प्रयास में सफल होकर वह बिहार प्रशासनिक सेवा में शामिल हुईं और यहीं से बिहार के प्रशासनिक तंत्र में उनके लंबे सफर की शुरुआत हुई. 25 सितंबर 2013 को उन्होंने आरा में जिला अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी के रूप में अपनी जिम्मेदारी संभाली. इसके बाद उन्होंने जहानाबाद में जिला कल्याण पदाधिकारी और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी सहित कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया. सामाजिक सुरक्षा, बाल संरक्षण और जिला उर्दू प्रकोष्ठ से जुड़ी जिम्मेदारियां भी उन्होंने बखूबी संभालीं. नीलिमा साहू ने बापू टावर महात्मा गांधी मल्टीमीडिया संग्रहालय, पटना की ओएसडी के तौर पर भी अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज कराई.

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वर्षों की प्रशासनिक सेवा के बाद बनीं IAS
नीलिमा साहू का IAS बनने का रास्ता सामान्य UPSC चयन से अलग रहा. वे बीएएस से प्रमोट होकर आईएएस अफसर बनी हैं. 12 दिसंबर 2025 को नीलिमा साहू ने नवादा में उप विकास आयुक्त-सह-मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, जिला परिषद का पदभार संभाला. नवादा में DDC के तौर पर उनका मुख्य फोकस विकास योजनाओं की निगरानी, ग्रामीण स्तर पर योजनाओं के क्रियान्वयन और अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठकों पर रहा. हालांकि, नवादा में उनका कार्यकाल अधिक लंबा नहीं रहा और हालिया प्रशासनिक फेरबदल में उनका तबादला स्वास्थ्य विभाग में संयुक्त सचिव के पद पर कर दिया गया है.
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