बिहार में अपराधियों के खिलाफ सम्राट सरकार की सख्त नीति का असर अब जमीनी स्तर पर दिखने लगा है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के 'गोली चलाओगे तो गोली खाओगे' वाले कड़े संदेश का खौफ अपराधियों के सिर चढ़कर बोल रहा है. इसका एक अनोखा और हैरान करने वाला नजारा भागलपुर जिले के सुल्तानगंज थाना क्षेत्र में देखने को मिला है, जहां एक कुख्यात अपराधी पुलिस के डर से अपराध की दुनिया को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया.
कैलाश पर हत्या-लूट जैसे गंभीर मामले
सुल्तानगंज के गनगनिया इलाके का रहने वाला कुख्यात बदमाश कैलाश मंडल कुछ समय पहले ही जेल से रिहा हुआ है. उस पर हत्या, लूट और रंगदारी जैसे कई गंभीर मामले दर्ज हैं, और वह कई बार जेल की हवा खा चुका है. जेल से बाहर आने के बाद जब कैलाश मंडल को भनक लगी कि बिहार में अब कानून-व्यवस्था का मिजाज बदल चुका है और पुलिस अपराधियों को उनकी ही भाषा में करारा जवाब दे रही है, तो उसके होश उड़ गए. सरकार की इस सख्त नीति के डर से उसने खुद को सुधारने का फैसला कर लिया.
सादगीपूर्ण जीवन जीने का लिया संकल्प
कैलाश मंडल ने पूरी तरह सादगीपूर्ण जीवन जीने का संकल्प लिया, और इसके लिए उसने बेहद अनोखा रास्ता चुना. वह सुल्तानगंज स्थित पवित्र गंगा घाट पर पहुंचा, जहां उसने बाकायदा पूरे विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की. इसके बाद उसने अपने पास मौजूद अवैध हथियारों को गंगा मैया की गोद में विसर्जित कर दिया. हथियार पानी में बहाने के बाद उसने हाथ जोड़कर प्रार्थना की और कसम खाई कि वह अब कभी भी किसी आपराधिक घटना को अंजाम नहीं देगा.
गंगा तट पर कुख्यात अपराधी द्वारा हथियार सरेंडर करने की यह तस्वीर अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है. स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार और पुलिस के इसी कड़े रुख की वजह से आज बड़े-बड़े अपराधियों के हौसले पस्त हो रहे हैं और वे अपराध से तौबा करने को मजबूर हैं.
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